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आचार्य ललितमुनि

आचार्य ललितमुनि

वरिष्ठ पत्रकार एवं लोक-संस्कृति के अध्येता

आचार्य ललितमुनि द्वारा लिखे गए लेख

राष्ट्रीय एकता के शिल्पकार सरदार पटेल और भारत की सांस्कृतिक चेतना  राष्ट्र की बात
31 Oct, 2026

राष्ट्रीय एकता के शिल्पकार सरदार पटेल और भारत की सांस्कृतिक चेतना 

भारत की राजनीतिक एकता की बात हो तो सरदार वल्लभभाई पटेल का नाम स्वाभाविक रूप से सामने आता है। 1947 में अंग्र...

करवा चौथ का चाँद और बाजार की चाँदी राष्ट्र की बात
29 Oct, 2026

करवा चौथ का चाँद और बाजार की चाँदी

करवा चौथ पर दृश्य कुछ इस तरह बनता है कि रात को छत पर चाँद निकलने की प्रतीक्षा हो रही है। पत्नी के हाथ में छ...

शरद पूर्णिमा की चांदनी में पुरखों का प्रकृति ज्ञान राष्ट्र की बात
25 Oct, 2026

शरद पूर्णिमा की चांदनी में पुरखों का प्रकृति ज्ञान

बचपन में देखा जब आसमान साफ रहता था, तब चाँद की छटा कुछ अलग ही दिखाई देती थी। रात में छत पर निकलते तो लगता, ...

संयुक्त राष्ट्र संघ या महाशक्तियों की कठपुतली? राष्ट्र की बात
24 Oct, 2026

संयुक्त राष्ट्र संघ या महाशक्तियों की कठपुतली?

दुनिया में कहीं युद्ध छिड़ता है तो निर्दोष लोग मारे जाते हैं और शहर खंडहर में बदलने लगते हैं। ऐसे समय में स...

भारत के बिना अधूरी है संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद राष्ट्र की बात
24 Oct, 2026

भारत के बिना अधूरी है संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद

दुनिया की सबसे बड़ी आबादी वाले देश भारत की आवाज संयुक्त राष्ट्र में सुनी जाती है, लेकिन दुनिया की शांति और ...

विविधता को अलगाव मानने की प्रवृत्ति त्यागनी होगी संघ-साहित्य, राष्ट्र की बात
23 Oct, 2026

विविधता को अलगाव मानने की प्रवृत्ति त्यागनी होगी

भारत की पहचान बताते समय विविधता का उल्लेख सहज ही आ जाता है। कहीं भाषा बदल जाती है, कहीं खानपान और पहनावा, क...

बस्तर की अपनी अनूठी परंपरा मुरिया दरबार राष्ट्र की बात
22 Oct, 2026

बस्तर की अपनी अनूठी परंपरा मुरिया दरबार

जगदलपुर में बस्तर दशहरे के अवसर पर मुरिया दरबार लगता है, जहाँ कभी बस्तर रियासत के गाँवों और जनजातीय समुदायो...

राष्ट्र सेवा के संकल्प के साथ संघ की शताब्दी यात्रा संघ-साहित्य, राष्ट्र की बात
20 Oct, 2026

राष्ट्र सेवा के संकल्प के साथ संघ की शताब्दी यात्रा

किसी भी राष्ट्र के जीवन में एक सदी का कालखंड केवल समय का एक पड़ाव नहीं होता, बल्कि वह उस समाज के सामूहिक सं...

महानवमी का धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व राष्ट्र की बात
19 Oct, 2026

महानवमी का धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व

सनातन संस्कृति में पर्व और उत्सव  मनुष्य के भौतिक जीवन को आध्यात्मिक उन्नति से जोड़ने के पवित्र माध्यम हैं। ...

नवरात्रि में शक्ति की पूजा के साथ प्रकृति की आराधना राष्ट्र की बात
11 Oct, 2026

नवरात्रि में शक्ति की पूजा के साथ प्रकृति की आराधना

पितृपक्ष की समाप्ति पर सर्वपितृ अमावस्या के अगले दिन आश्विन शुक्ल प्रतिपदा से शारदीय नवरात्र शुरू होता है। ...

संघर्ष की अग्नि में तपा हुआ कलाकार यशवंत लोहार याने नाना पाटेकर राष्ट्र की बात
08 Oct, 2026

संघर्ष की अग्नि में तपा हुआ कलाकार यशवंत लोहार याने नाना पाटेकर

मैंने जीवन में अधिक फ़िल्में नहीं देखी हैं, लेकिन फिल्म यशवंत मैंने देखी थी। उसमें नाना पाटेकर ने पुलिस अधिक...

सिंधु सभ्यता से वैश्विक बाजार तक भारत के सूत की यात्रा राष्ट्र की बात
07 Oct, 2026

सिंधु सभ्यता से वैश्विक बाजार तक भारत के सूत की यात्रा

हमारे घरों में कपास का उपयोग इतना सामान्य है कि हम उसके बारे में सोचते भी नहीं। दीपक की बाती में, आरती की थ...

पितृपक्ष की इंदिरा एकादशी क्यों है विशेष? राष्ट्र की बात
05 Oct, 2026

पितृपक्ष की इंदिरा एकादशी क्यों है विशेष?

आश्विन कृष्ण पक्ष की एकादशी को इंदिरा एकादशी कहा गया है। पितृपक्ष के बीच पड़ने वाली इस एकादशी की कथा राजा इ...

चार करोड़ प्रधानमंत्री आवास, कई देशों की आबादी से बड़ा आंकड़ा  राष्ट्र की बात
05 Oct, 2026

चार करोड़ प्रधानमंत्री आवास, कई देशों की आबादी से बड़ा आंकड़ा 

हर किसी व्यक्ति का सपना, अपना घर होता है। जिसमें वह सुख शांति से निवास कर सके। जीवन की पूरी कमाई घर बनाने म...

चारों आश्रमों की आधारभूमि माता और मातृ नवमी राष्ट्र की बात
04 Oct, 2026

चारों आश्रमों की आधारभूमि माता और मातृ नवमी

सुबह घर में दिन की शुरुआत अक्सर मां की आवाज से होती है। रसोई से आती अदरक कूटने की आवाज, बच्चों के लिए नाश्त...

गांधी के गांव और शास्त्री के किसान की कसौटी पर आज का भारत राष्ट्र की बात
02 Oct, 2026

गांधी के गांव और शास्त्री के किसान की कसौटी पर आज का भारत

भारत के गांव बदल रहे हैं। जिस गांव को कभी देश की अर्थव्यवस्था का आधार माना जाता था, वहां अब खेती के साथ डिज...

छत्तीसगढ़ की लोकपरंपरा में पितर पाख राष्ट्र की बात
30 Sep, 2026

छत्तीसगढ़ की लोकपरंपरा में पितर पाख

गणेश पक्ष आते ही पितर पाख की आहट सुनाई देने लगती है, क्योंकि इस पाख में पितरों का आगमन होता है और उनका श्रद...

शिक्षक से संघ प्रचारक तक की यात्रा : सुरेशराव केतकर संघ-साहित्य, राष्ट्र की बात
28 Sep, 2026

शिक्षक से संघ प्रचारक तक की यात्रा : सुरेशराव केतकर

आलेगावकर विद्यालय में पढ़ाने वाले सुरेशराव केतकर विद्यार्थियों के बीच लोकप्रिय हो चुके थे। विद्यालय प्रबंधन...

भारतीय चिंतन में पूर्वजों का स्थान एवं पितृऋण की अवधारणा राष्ट्र की बात
26 Sep, 2026

भारतीय चिंतन में पूर्वजों का स्थान एवं पितृऋण की अवधारणा

पितृपक्ष की प्रतीक्षा साल भर रहती है, इस पक्ष में अपने पितरों का श्रद्धा के साथ स्मरण किया जाता है। नियत ति...

ईश्वरचंद्र विद्यासागर : समाज सुधार के अग्रदूत राष्ट्र की बात
26 Sep, 2026

ईश्वरचंद्र विद्यासागर : समाज सुधार के अग्रदूत

ईश्वरचंद्र विद्यासागर का जन्म 26 सितंबर 1820 को बंगाल के मेदिनीपुर जिले के वीरसिंह गांव में हुआ था। उनका बच...

सम्राट चन्द्रगुप्त से एकात्म मानवदर्शन तक पं दीनदयाल उपाध्याय के विचारों की यात्रा राष्ट्र की बात
25 Sep, 2026

सम्राट चन्द्रगुप्त से एकात्म मानवदर्शन तक पं दीनदयाल उपाध्याय के विचारों की यात्रा

पं. दीनदयाल उपाध्याय का नाम स्मरण में आते ही एकात्म मानवदर्शन सामने आ जाता है, लेकिन इस विचार तक पहुंचने से...

‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ से विश्वशांति तक सनातन संस्कृति की दृष्टि  राष्ट्र की बात
21 Sep, 2026

‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ से विश्वशांति तक सनातन संस्कृति की दृष्टि 

दुनिया जब 21 सितंबर को ‘अंतरराष्ट्रीय शांति दिवस’ के रूप में याद करती है, तब मन में एक स्वाभाविक प्रश्न उठत...

राधाष्टमी विशेष: लोक संस्कृति में राधा नाम की व्याप्ति राष्ट्र की बात
19 Sep, 2026

राधाष्टमी विशेष: लोक संस्कृति में राधा नाम की व्याप्ति

गाँव की बैठकों से लेकर ब्रज की गलियों तक चले जाइए, राधा नाम सुनाई पड़ ही जाएगा। कभी किसी भजन की टेक में, कभ...

17 सितंबर विश्वकर्मा पूजा विशेष :  परंपरागत विश्वकर्मा शिल्पकार, दशा एवं दिशा राष्ट्र की बात
17 Sep, 2026

17 सितंबर विश्वकर्मा पूजा विशेष :  परंपरागत विश्वकर्मा शिल्पकार, दशा एवं दिशा

विश्वकर्मा समाज से आशय उन परंपरागत शिल्पकार परिवारों से है, जो स्वयं को विश्वकर्मा के पाँच पुत्रों, मनु, मय...

सुदर्शन जी : जहां जन्म हुआ, जीवन का अंतिम पड़ाव भी वही स्थान बना संघ-साहित्य, राष्ट्र की बात
15 Sep, 2026

सुदर्शन जी : जहां जन्म हुआ, जीवन का अंतिम पड़ाव भी वही स्थान बना

आज जिस तरह रायपुर शहर बाहर की तरफ़ चारों ओर फ़ैलकर आस पास के गांवों को अपने भीतर समाहित कर महानगर बनने की राह...

प्रकृति के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का त्योहार नुआखाई राष्ट्र की बात
15 Sep, 2026

प्रकृति के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का त्योहार नुआखाई

छत्तीसगढ़ एवं ओड़िसा की साझा संस्कृति में एक त्योहार धूमधाम से मनाया जाता है, जिसका नाम है  नुआखाई, इसे वैदिक...

छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति में तीजा  राष्ट्र की बात
14 Sep, 2026

छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति में तीजा 

भादो का महीना आने पहले ही गांवों में तीजा लाने ले जाने की चर्चा शुरू हो जाती है। पोरा आते-आते तीजा की तैयार...

हैदराबाद मुक्ति संग्राम में आर्य समाज की भूमिका राष्ट्र की बात
13 Sep, 2026

हैदराबाद मुक्ति संग्राम में आर्य समाज की भूमिका

हैदराबाद के भारत में विलय से बहुत पहले वहां ऐसे लोग और संगठन सक्रिय थे जो धार्मिक स्वतंत्रता, सामाजिक सुधार...

श्रीगुरु ग्रन्थ साहिब में संतों की वाणी और सामाजिक समरसता राष्ट्र की बात
12 Sep, 2026

श्रीगुरु ग्रन्थ साहिब में संतों की वाणी और सामाजिक समरसता

श्रीगुरु ग्रन्थ साहिब में गुरुओं की वाणी के आध्यात्मिक प्रवाह में कबीर, रविदास, नामदेव, धन्ना, पीपा, सैन, स...

छत्तीसगढ़ के लोकजीवन का जीवंत उत्सव पोला तिहार राष्ट्र की बात
10 Sep, 2026

छत्तीसगढ़ के लोकजीवन का जीवंत उत्सव पोला तिहार

हमारी लोक संस्कृति के तीज-त्यौहारों में मनुष्य और प्रकृति के बीच बने हुए आत्मीय संबंधों की बेल भी गुंथी हुई...

भारतेंदु हरिश्चंद्र के साहित्य में राष्ट्रबोध की चेतना राष्ट्र की बात
09 Sep, 2026

भारतेंदु हरिश्चंद्र के साहित्य में राष्ट्रबोध की चेतना

उन्नीसवीं शताब्दी का भारत एक ऐसे मोड़ पर खड़ा था, जहां पुरानी दुनिया धीरे धीरे पीछे छूट रही थी और आधुनिकता ...

कहाँ गए जीवन को गढ़ने वाले गुरु? राष्ट्र की बात
05 Sep, 2026

कहाँ गए जीवन को गढ़ने वाले गुरु?

शिक्षक दिवस आते ही हर वर्ष विद्यालयों में कार्यक्रम होते हैं। शिक्षक सम्मानित होते हैं, विद्यार्थी उनके प्र...

यहां देवी-देवता भी खड़े होते हैं न्याय के कटघरे में राष्ट्र की बात
05 Sep, 2026

यहां देवी-देवता भी खड़े होते हैं न्याय के कटघरे में

बस्तर में भादो जातरा के दौरान दूर तक फैली पहाड़ियां, साल के पेड़ों से घिरा रास्ता और आबादी से अलग किसी देवस...

छत्तीसगढ़ में जन्माष्टमी का लोक रूप : आठें कन्हैया राष्ट्र की बात
03 Sep, 2026

छत्तीसगढ़ में जन्माष्टमी का लोक रूप : आठें कन्हैया

‘आठें कन्हैया’ नाम सुनते ही कृष्ण जनमाष्टमी की मन में एक सहज-सी तस्वीर उभरती है। घर की साफ की गई दीवार पर ब...

संगीत साधना से राष्ट्र साधना तक की जीवन यात्रा : यादवराव जोशी राष्ट्र की बात
03 Sep, 2026

संगीत साधना से राष्ट्र साधना तक की जीवन यात्रा : यादवराव जोशी

किसी व्यक्ति की प्रतिभा को पहचानना आसान है, लेकिन यह समझना कठिन है कि वह अपनी प्रतिभा का उपयोग किस लिए करता...

प्रकृति और मनुष्य के सहजीवन की लोकगाथा कमरछठ राष्ट्र की बात
01 Sep, 2026

प्रकृति और मनुष्य के सहजीवन की लोकगाथा कमरछठ

हमारी लोकपरंपरा में हलषष्ठी अर्थात कमरछठ या खमरछठ का व्रत माताओं द्वारा संतान के सुखी और दीर्घायु जीवन की क...

सावन की हरियाली और सामाजिक समरसता का उत्सव भोजली तिहार राष्ट्र की बात
29 Aug, 2026

सावन की हरियाली और सामाजिक समरसता का उत्सव भोजली तिहार

छत्तीसगढ़ में सावन केवल बादल बरसात का महीना नहीं है, सावन आते ही लगता है जैसे गाँव के सारे देवता  जाग उठते ...

दंतेश्वरी मइया का रक्षासूत्र, लोकजीवन को बांधता आस्था के सूत्र में राष्ट्र की बात
28 Aug, 2026

दंतेश्वरी मइया का रक्षासूत्र, लोकजीवन को बांधता आस्था के सूत्र में

बस्तर की धरती पर दंतेवाड़ा का दंतेश्वरी मंदिर केवल एक प्रसिद्ध देवी स्थल ही नहीं है, यह उस सांस्कृतिक भूगोल...

रक्षासूत्र से वेदाध्ययन तक: श्रावणी पूर्णिमा का वैदिक स्वरूप राष्ट्र की बात
26 Aug, 2026

रक्षासूत्र से वेदाध्ययन तक: श्रावणी पूर्णिमा का वैदिक स्वरूप

श्रावण पूर्णिमा का दिन केवल रक्षाबंधन के कारण महत्वपूर्ण नहीं है। इसकी एक दूसरी, अत्यंत प्राचीन और गंभीर पह...

लोककथाओं से संस्कारित होती थी नई पीढ़ी राष्ट्र की बात
22 Aug, 2026

लोककथाओं से संस्कारित होती थी नई पीढ़ी

हमारे समाज में शिक्षा की परिकल्पना कभी केवल अक्षर ज्ञान तक सीमित नहीं रही। जिस समय विद्यालय, पाठ्यपुस्तकें ...

वंदे मातरम् है भारत की आत्मा का गीत राष्ट्र की बात
21 Aug, 2026

वंदे मातरम् है भारत की आत्मा का गीत

कुछ शब्दों में ऐसी शक्ति होती है, जिन्हें सुनते ही मन के भीतर ऐसा कुछ जाग उठता है और रोम रोम में बल भर आता ...

रामकथा को जन जन तक पहुंचाने वाले गोस्वामी तुलसीदास राष्ट्र की बात
19 Aug, 2026

रामकथा को जन जन तक पहुंचाने वाले गोस्वामी तुलसीदास

कवि यह सोचकर किसी काव्य की रचना नहीं करता कि वह लोक में प्रसिद्ध होगा। वह अपने भीतर उठे भाव, अनुभव और विचार...

नागपंचमी विशेष : मंदिरों की शिल्पकला में क्यों अमर हैं नाग? राष्ट्र की बात
17 Aug, 2026

नागपंचमी विशेष : मंदिरों की शिल्पकला में क्यों अमर हैं नाग?

भारतीय कला में नागों की यह उपस्थिति इतनी व्यापक है कि यह प्रश्न स्वाभाविक रूप से उठता है कि आखिर एक ऐसे जीव...

स्व के बिना संभव नहीं स्वराज राष्ट्र की बात
15 Aug, 2026

स्व के बिना संभव नहीं स्वराज

हर वर्ष 15 अगस्त को जब तिरंगा शान से लहराता है, राष्ट्रगान गूंजता है और पूरा देश स्वतंत्रता दिवस का उत्सव म...

प्रकृति और संस्कृति का अनूठा संगम हरेली तिहार राष्ट्र की बात
12 Aug, 2026

प्रकृति और संस्कृति का अनूठा संगम हरेली तिहार

लोक संस्कृति में प्रकृति और जीवन एक दूसरे से अलग नहीं माने जाते। पेड़ पौधों, नदियों, पर्वतों और पशुओं के सा...

राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त के साहित्य में समरसता और राष्ट्रीय एकता का अमर संदेश राष्ट्र की बात
03 Aug, 2026

राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त के साहित्य में समरसता और राष्ट्रीय एकता का अमर संदेश

राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त हिन्दी साहित्य के उन विरल कवियों में हैं, जिन्होंने अपनी रचनाओं के माध्यम से केव...

राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त के साहित्य में समरसता और राष्ट्रीय एकता का अमर संदेश राष्ट्र की बात
03 Aug, 2026

राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त के साहित्य में समरसता और राष्ट्रीय एकता का अमर संदेश

राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त हिन्दी साहित्य के उन विरल कवियों में हैं, जिन्होंने अपनी रचनाओं के माध्यम से केव...

आधुनिक मध्य भारत के दूरदर्शी निर्माता पंडित रविशंकर शुक्ल राष्ट्र की बात
02 Aug, 2026

आधुनिक मध्य भारत के दूरदर्शी निर्माता पंडित रविशंकर शुक्ल

पंडित रविशंकर शुक्ल भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के उन नेताओं में थे जिन्होंने राजनीतिक संघर्ष के साथ साथ राष्ट...

सावन के उत्सवों में सामाजिक समरसता का दर्शन राष्ट्र की बात
31 Jul, 2026

सावन के उत्सवों में सामाजिक समरसता का दर्शन

आचार्य ललित मुनि सावन का महीना भारतीय जीवन में केवल वर्षा ऋतु का आगमन नहीं है, बल्कि यह प्रकृति, संस्कृत...

प्रकृति का ॠण और हमारा दायित्व - विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस विशेष Editorial
28 Jul, 2026

प्रकृति का ॠण और हमारा दायित्व - विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस विशेष

विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस हर साल 28 जुलाई को मनाया जाता है, इसका मुख्य उद्देश्य प्राकृतिक संसाधनों के संरक...

दरक रहे रिश्ते, टूट रहे परिवार. राष्ट्र की बात
20 Jul, 2026

दरक रहे रिश्ते, टूट रहे परिवार.

आचार्य ललित मुनि कभी घर का आंगन संवाद का केंद्र हुआ करता था। दिनभर की थकान के बाद परिवार के सदस्य एक साथ...

लुटेरों का नया अवतार अदृश्य साइबर ठग राष्ट्र की बात
16 Jul, 2026

लुटेरों का नया अवतार अदृश्य साइबर ठग

आचार्य ललित मुनि सुबह की शुरुआत चाय और अखबार से होती है। आज मेरा ध्यान ग्वालियर से बड़ी साइबर ठगी की ओर ग...

महानदी से महोदधि तक स्पंदित रथयात्रा की विरासत राष्ट्र की बात
16 Jul, 2026

महानदी से महोदधि तक स्पंदित रथयात्रा की विरासत

आचार्य ललित मुनि छत्तीसगढ़ में रथयात्रा का पर्व धूमधाम से मनाया जाता है। भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा निकाल...

सामाजिक समरसता का उत्सव जगन्नाथ रथयात्रा राष्ट्र की बात
16 Jul, 2026

सामाजिक समरसता का उत्सव जगन्नाथ रथयात्रा

आचार्य ललित मुनि भारत की सांस्कृतिक परंपराओं में ऐसे अनेक पर्व हैं जो केवल धार्मिक अनुष्ठान भर नहीं है...

चका नैन नीलांचल वारे: बस्तर से सरगुजा तक रथदूज राष्ट्र की बात
16 Jul, 2026

चका नैन नीलांचल वारे: बस्तर से सरगुजा तक रथदूज

भारत की सांस्कृतिक एकता को समझने के लिए केवल इतिहास के ग्रंथों और राजनीतिक सीमाओं को देखना पर्याप्त नहीं है...

महाप्रभु जगन्नाथ के रथ निर्माण की प्राचीन परम्परा राष्ट्र की बात
15 Jul, 2026

महाप्रभु जगन्नाथ के रथ निर्माण की प्राचीन परम्परा

आचार्य ललित मुनि भारतीय संस्कृति में ऐसे अनेक पर्व हैं जो केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं रहते, बल्कि समाज,...

सृष्टि, ऋतु और काल के सनातन चक्र का उत्सव : भारतीय नववर्ष राष्ट्र की बात
17 Mar, 2026

सृष्टि, ऋतु और काल के सनातन चक्र का उत्सव : भारतीय नववर्ष

भारतीय संस्कृति में नववर्ष का अर्थ केवल कैलेंडर की एक नई तारीख से नहीं है। यह मनुष्य, प्रकृति और ब्रह्मांड ...

डॉ. हेडगेवार का राष्ट्रचिंतन और संघ स्थापना का मूल उद्देश्य राष्ट्र की बात
17 Mar, 2026

डॉ. हेडगेवार का राष्ट्रचिंतन और संघ स्थापना का मूल उद्देश्य

भारत का इतिहास केवल राजाओं और युद्धों का इतिहास नहीं है, बल्कि यह उन व्यक्तित्वों की साधना का इतिहास भी है ...