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Saptami (सप्तमी) | Krishna Paksha (कृष्ण पक्ष)
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शरद पूर्णिमा की चांदनी में पुरखों का प्रकृति ज्ञान राष्ट्र की बात

शरद पूर्णिमा की चांदनी में पुरखों का प्रकृति ज्ञान

बचपन में देखा जब आसमान साफ रहता था, तब चाँद की छटा कुछ अलग ही दिखाई देती थी। रात में छत पर निकलते तो लगता, ...

मन की बात का 139 वां एपिसोड राष्ट्र की बात

मन की बात का 139 वां एपिसोड

मेरे प्यारे देशवासियो, ‘मन की बात’ में एक बार फिर आप सबका  स्वागत है। आज से 12 वर्ष पहले, विजयादशमी के प...

डॉ मोहन भागवत ने भारत को वैभव-संपन्न बनाने के लिए समाज को आगाह किया और दिशा भी दी संघ-साहित्य

डॉ मोहन भागवत ने भारत को वैभव-संपन्न बनाने के लिए समाज को आगाह किया और दिशा भी दी

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक के विजयादशमी भाषण पर दृष्टि केवल भारत ही नहीं, विश्व भर में हमारे देश ...

24 अक्टूबर 1884 : स्वतंत्रता संग्राम सेनानी प्रेमनाथ डोगरा का जन्म राष्ट्र की बात

24 अक्टूबर 1884 : स्वतंत्रता संग्राम सेनानी प्रेमनाथ डोगरा का जन्म

भारत के असंख्य स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों का व्यक्तित्व केवल राजनीतिक कारणों से कहीं खो गया। इन्हीं में ए...

संयुक्त राष्ट्र संघ या महाशक्तियों की कठपुतली? राष्ट्र की बात

संयुक्त राष्ट्र संघ या महाशक्तियों की कठपुतली?

दुनिया में कहीं युद्ध छिड़ता है तो निर्दोष लोग मारे जाते हैं और शहर खंडहर में बदलने लगते हैं। ऐसे समय में स...

भारत के बिना अधूरी है संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद राष्ट्र की बात

भारत के बिना अधूरी है संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद

दुनिया की सबसे बड़ी आबादी वाले देश भारत की आवाज संयुक्त राष्ट्र में सुनी जाती है, लेकिन दुनिया की शांति और ...

एशियन पैरा गेम्स-2026 में भारत का गौरवशाली प्रदर्शन राष्ट्र की बात

एशियन पैरा गेम्स-2026 में भारत का गौरवशाली प्रदर्शन

सनातन संस्कृति में मनुष्य की महानता का आधार उसकी शारीरिक संरचना नहीं बल्कि उसके गुण, कर्म और आत्मबल को माना...

सरसंघचालक डॉ मोहन भागवत के विजयादशमी संबोधन में राष्ट्र की अभिव्यक्ति संघ-साहित्य

सरसंघचालक डॉ मोहन भागवत के विजयादशमी संबोधन में राष्ट्र की अभिव्यक्ति

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों के समापन अवसर पर नागपुर में आयोजित विजयादशमी उत्सव म...

विविधता को अलगाव मानने की प्रवृत्ति त्यागनी होगी संघ-साहित्य

विविधता को अलगाव मानने की प्रवृत्ति त्यागनी होगी

भारत की पहचान बताते समय विविधता का उल्लेख सहज ही आ जाता है। कहीं भाषा बदल जाती है, कहीं खानपान और पहनावा, क...

अपने ही बनाए तुष्टिकरण के चक्रव्यूह में फंसे सपाई राष्ट्र की बात

अपने ही बनाए तुष्टिकरण के चक्रव्यूह में फंसे सपाई

उत्तर प्रदेश में वर्ष 2027 में होने वाले विधानसभा चुनावों को लेकर राजनीतिक गतिविधियां गति पकड़ रही हैं। सभी...

बस्तर की अपनी अनूठी परंपरा मुरिया दरबार राष्ट्र की बात

बस्तर की अपनी अनूठी परंपरा मुरिया दरबार

जगदलपुर में बस्तर दशहरे के अवसर पर मुरिया दरबार लगता है, जहाँ कभी बस्तर रियासत के गाँवों और जनजातीय समुदायो...

बेट्टी फ्राइडन:  आखिर में समझी कि फेमिनिज्म ही डिप्रेशन है। राष्ट्र की बात

बेट्टी फ्राइडन: आखिर में समझी कि फेमिनिज्म ही डिप्रेशन है।

बेट्टी फ्राइडन की कहानी एक किताब की नहीं, एक पछतावे की कहानी है जिसे आज की फेमिनिस्ट जानबूझकर छुपाती हैं।...