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भारत ने अंतरिक्ष के द्वार निजी क्षेत्र के लिए क्यों खोले ?  राष्ट्र की बात

भारत ने अंतरिक्ष के द्वार निजी क्षेत्र के लिए क्यों खोले ? 

दशकों तक भारत का अंतरिक्ष कार्यक्रम सरकारी संस्थाओं की सीमाओं में चलता रहा। इसरो ने सीमित संसाधनों में चंद्...

We Will Do It- 140 करोड़ देशवासियों का सामूहिक संकल्प राष्ट्र की बात

We Will Do It- 140 करोड़ देशवासियों का सामूहिक संकल्प

भारत की विकास यात्रा आज उस मुकाम पर पहुंच चुकी है, जहां दुनिया भारत को केवल संभावनाओं वाले देश के रूप में...

संघर्ष की अग्नि में तपा हुआ कलाकार यशवंत लोहार याने नाना पाटेकर राष्ट्र की बात

संघर्ष की अग्नि में तपा हुआ कलाकार यशवंत लोहार याने नाना पाटेकर

मैंने जीवन में अधिक फ़िल्में नहीं देखी हैं, लेकिन फिल्म यशवंत मैंने देखी थी। उसमें नाना पाटेकर ने पुलिस अधिक...

‘गोबेल्स नीति’ या ‘बिग लाई’..! राष्ट्र की बात

‘गोबेल्स नीति’ या ‘बिग लाई’..!

जोसेफ गोबेल्स 1933 से 1945 तक, एडोल्फ हिटलर के नाजी जर्मनी का कुख्यात प्रचार मंत्री था। ‘हिटलर का सबसे विश्...

चुनाव आयोग और जनविश्वास : संवैधानिक स्वायत्तता की कसौटी पर लोकतंत्र  राष्ट्र की बात

चुनाव आयोग और जनविश्वास : संवैधानिक स्वायत्तता की कसौटी पर लोकतंत्र 

पिछले दिनों एक अंग्रेजी दैनिक समाचार पत्र की एक रिपोर्ट के बाद देश की राजनीति में विवाद खड़ा हो गया जिसमे य...

भारत में ब्याज दरों में बढ़ोतरी का चक्र प्रारंभ राष्ट्र की बात

भारत में ब्याज दरों में बढ़ोतरी का चक्र प्रारंभ

रेपो दर 5.25 से बढ़कर 5.50 प्रतिशत, फरवरी 2023 के बाद पहली बार हुई वृद्धि भारतीय रिजर्व बैंक ने 7 अक्टूब...

जस्टिस उज्जवल भुइयां को SIR से असली परेशानी क्या हो सकती है? राष्ट्र की बात

जस्टिस उज्जवल भुइयां को SIR से असली परेशानी क्या हो सकती है?

अब समझ में आया कि माननीय सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस उज्जवल भुईयां को SIR से असली परेशानी क्या हो सकती है? आजकल...

एक संत-साधक जैसा जीवन — विनोद कुमार जी की स्मृतियों में राष्ट्र की बात
07 Oct, 2026 Admin

एक संत-साधक जैसा जीवन — विनोद कुमार जी की स्मृतियों में

हमारे परिवार में प्रचारकों का आना-जाना सहज रहा है। अनेक प्रचारक परिवार में आते रहे, उनसे आत्मीय संवाद भी हो...

सीमा के आर-पार बेटियों की तस्करी का खेल!  राष्ट्र की बात

सीमा के आर-पार बेटियों की तस्करी का खेल! 

एक देश की सीमा से दूसरे देश की सीमा तक इंसान की आवाजाही सामान्य बात हो सकती है, किंतु जब किसी युवती को दुर्...

राष्ट्र और धर्म को जीवन समर्पित करने वाले तपस्वी हनुमान प्रसाद पोद्दार ‘भाई जी राष्ट्र की बात

राष्ट्र और धर्म को जीवन समर्पित करने वाले तपस्वी हनुमान प्रसाद पोद्दार ‘भाई जी

कुछ मनुष्य अपने जीवन में बहुत कुछ प्राप्त करते हैं और कुछ ऐसे होते हैं जो अपना पूरा जीवन देकर आने वाली पीढ़...

सिंधु सभ्यता से वैश्विक बाजार तक भारत के सूत की यात्रा राष्ट्र की बात

सिंधु सभ्यता से वैश्विक बाजार तक भारत के सूत की यात्रा

हमारे घरों में कपास का उपयोग इतना सामान्य है कि हम उसके बारे में सोचते भी नहीं। दीपक की बाती में, आरती की थ...

हिन्दी पत्रकारिता के ‘माणिक’ मामाजी राष्ट्र की बात

हिन्दी पत्रकारिता के ‘माणिक’ मामाजी

“मन समर्पित, तन समर्पित और यह जीवन समर्पित। चाहता हूँ देश की धरती, तुझे कुछ और भी दूँ।” कवि रामावतार त्यागी...