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Saptami (सप्तमी) | Krishna Paksha (कृष्ण पक्ष)
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एकात्म मानवदर्शन के निकट था डॉ. अम्बेडकर का आर्थिक दृष्टिकोण राष्ट्र की बात

एकात्म मानवदर्शन के निकट था डॉ. अम्बेडकर का आर्थिक दृष्टिकोण

डॉक्टर भीमराव अम्बेडकर ‘बाबा साहेब’ को हम केवल भारत के संविधान के प्रमुख शिल्पकार के रूप में ही जानते हैं। ...

कृषि की अदृश्य रीढ़ को मिली स्वाभिमान और क्रांति की नई पहचान राष्ट्र की बात

कृषि की अदृश्य रीढ़ को मिली स्वाभिमान और क्रांति की नई पहचान

‘यत्र नार्यस्तु पूज्यंते रमंते तत्र देवता’, जहां नारियों का आदर सम्मान होता है, वहां देवताओं का वास होता है...

गांधी के गांव और शास्त्री के किसान की कसौटी पर आज का भारत राष्ट्र की बात

गांधी के गांव और शास्त्री के किसान की कसौटी पर आज का भारत

भारत के गांव बदल रहे हैं। जिस गांव को कभी देश की अर्थव्यवस्था का आधार माना जाता था, वहां अब खेती के साथ डिज...

हजार स्वर्ण मंदिरों का शहर है कांचीपुरम राष्ट्र की बात

हजार स्वर्ण मंदिरों का शहर है कांचीपुरम

हिन्दू आस्था का प्रमुख केंद्र है तमिलनाडु का कांचीपुरम। हिन्दू वाङ्ग्मय में मोक्षदायिनी सप्तपुरियों का वर्ण...

रोमिला थापर: ऐतिहासिक मोतियाबिंद से ग्रसित  डिस्टोरियन राष्ट्र की बात

रोमिला थापर: ऐतिहासिक मोतियाबिंद से ग्रसित डिस्टोरियन

रोमिला थापर पिछले कई दशक से अकादमिक और सिविल के पाठ्यक्रम में अनिवार्य विषय के तौर पर मौजूद है। तथ्यों के न...

फुले के बहाने इतिहास की पाठशाला में किसका नैरेटिव? राष्ट्र की बात

फुले के बहाने इतिहास की पाठशाला में किसका नैरेटिव?

एनसीईआरटी के ‘अंतरा’ पाठ पर बड़ा सवाल: समाज सुधार की कहानी या ब्राह्मण, धर्म और परंपरा को कठघरे में खड़ा कर...

रुपए को भारतीय नागरिक ही दिला सकते हैं मजबूती राष्ट्र की बात

रुपए को भारतीय नागरिक ही दिला सकते हैं मजबूती

अंतरराष्ट्रीय बाजार में अमेरिकी डॉलर की तुलना में भारतीय रुपए की कीमत लगातार नीचे गिर रही है। ऐसा इसलिए हो ...

एक चाय और पारले बिस्किट : दगाबाज़ होती हैं फेमिनिस्ट राष्ट्र की बात

एक चाय और पारले बिस्किट : दगाबाज़ होती हैं फेमिनिस्ट

क्रिटिकल रेस थ्योरी अब पुरुषों को बाय डिफॉल्ट अपराधी बनाकर स्त्रियों के लिए आजादी के नाम पर नया पिंजरा तैया...

मूसा मारा गया : असली सफलता तब है- जब कश्मीर में हिंदुओं की वापसी हो राष्ट्र की बात

मूसा मारा गया : असली सफलता तब है- जब कश्मीर में हिंदुओं की वापसी हो

आतंक के चेहरे खत्म हो रहे हैं, फिर भी कश्‍मीर घाटी तब तक पूरी तरह इस्‍लामिक आतंकवाद से मुक्त नहीं मानी जा स...

इरफान हबीब: मुगलई डिस्टोरियन जिसने हिंदू कत्लेआम को वर्ग संघर्ष के रूप में स्थापित किया राष्ट्र की बात

इरफान हबीब: मुगलई डिस्टोरियन जिसने हिंदू कत्लेआम को वर्ग संघर्ष के रूप में स्थापित किया

इरफान हबीब को पढ़ना एक जादू देखना है। हाथ में फारसी स्रोत, मुँह पर मार्क्स का सिद्धांत, और बीच में से मजहब ...

बीजों का संरक्षण : जनजातीय समाज की जीवन परंपरा राष्ट्र की बात

बीजों का संरक्षण : जनजातीय समाज की जीवन परंपरा

जनजातीय समाज की जीवनशैली प्रकृति के साथ गहरे जुड़ाव और आत्मनिर्भरता की अनूठी मिसाल है। भील समाज में सदियों ...

छत्तीसगढ़ की लोकपरंपरा में पितर पाख राष्ट्र की बात

छत्तीसगढ़ की लोकपरंपरा में पितर पाख

गणेश पक्ष आते ही पितर पाख की आहट सुनाई देने लगती है, क्योंकि इस पाख में पितरों का आगमन होता है और उनका श्रद...