आसियान के साथ व्यापारिक रिश्तों को नई गति देने पर भारत का जोर, 128.38 अरब डॉलर पहुंचा द्विपक्षीय व्यापार

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  • Sep 24, 2026
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नई दिल्ली, 24 सितंबर। भारत ने फिलीपींस की राजधानी मनीला में आयोजित 14वें पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन के आर्थिक मंत्रियों की बैठक (ईएएस-ईएमएम) और 23वें आसियान-भारत आर्थिक मंत्री परामर्श में क्षेत्रीय व्यापार, निवेश और आर्थिक सहयोग को मजबूत करने पर जोर दिया। वाणिज्य विभाग के अपर सचिव नितिन कुमार यादव के नेतृत्व में भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने दोनों बैठकों में हिस्सा लिया।

बैठकों में आसियान के सभी 11 सदस्य देशों—ब्रुनेई, कंबोडिया, इंडोनेशिया, लाओस, मलेशिया, म्यांमार, फिलीपींस, सिंगापुर, थाईलैंड, तिमोर-लेस्ते और वियतनाम—के आर्थिक मंत्री या उनके प्रतिनिधि शामिल हुए। भारत के अलावा ऑस्ट्रेलिया, चीन, जापान, न्यूजीलैंड, कोरिया, रूस और अमेरिका सहित अन्य ईएएस साझेदार देशों ने भी भागीदारी की।

2025-26 में 128.38 अरब डॉलर का व्यापार

आसियान-भारत आर्थिक मंत्री परामर्श में भारत ने मजबूत व्यापारिक साझेदारी विकसित करने और क्षेत्रीय व्यापार समझौतों को सभी पक्षों के लिए परस्पर लाभकारी बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई। इस दौरान आसियान-भारत वस्तु व्यापार समझौते (एआईटीआईजीए) की जारी समीक्षा पर विशेष चर्चा हुई। समीक्षा का उद्देश्य व्यापार प्रवाह को बढ़ाना और मौजूदा व्यापार असंतुलन को दूर करना है।

भारत और आसियान के बीच द्विपक्षीय व्यापार 2025-26 में बढ़कर 128.38 अरब अमेरिकी डॉलर हो गया। भारत के कुल वैश्विक व्यापार में आसियान की हिस्सेदारी 10.55 प्रतिशत रही। यह आंकड़ा भारत की आर्थिक और व्यापारिक साझेदारी में आसियान के बढ़ते महत्व को रेखांकित करता है।

भारत ने कहा कि एआईटीआईजीए की समीक्षा का परिणाम परस्पर लाभकारी होना चाहिए। साथ ही समझौते को कारोबार के लिए संतुलित, अधिक प्रभावी और उपयोगकर्ता-अनुकूल बनाने तथा व्यापार को सुगम बनाने पर जोर दिया गया।

2027 के आर्थिक परिदृश्य पर चर्चा

बैठकों में वर्तमान क्षेत्रीय और वैश्विक आर्थिक घटनाक्रमों पर विचारों का आदान-प्रदान हुआ। आसियान सचिवालय ने 2027 के क्षेत्रीय और वैश्विक आर्थिक परिदृश्य पर जानकारी प्रस्तुत की। इसमें व्यापार और निवेश प्रवाह पर संभावित प्रभावों को भी शामिल किया गया।

आसियान और पूर्वी एशिया के लिए आर्थिक अनुसंधान संस्थान (ईआरआईए) ने भी अपना शोध पत्र प्रस्तुत किया। ‘पावरिंग द ईएएस रीजनस नेक्स्ट वेव ऑफ ग्रोथ: एन इंटीग्रेटेड अप्रोच टू एनर्जी सिक्योरिटी एंड इंडस्ट्रियल क्लस्टर’ शीर्षक वाले इस शोध पत्र में ऊर्जा सुरक्षा और औद्योगिक समूहों के विकास के लिए एकीकृत दृष्टिकोण की रूपरेखा प्रस्तुत की गई। इसमें ऊर्जा बुनियादी ढांचे, डिजिटल एवं औद्योगिक मांग तथा समन्वित व्यापार और निवेश नीतियों को एक साथ लाने पर जोर दिया गया।

फिलीपींस में भारतीय कारोबारियों से भी संवाद

बैठकों से इतर भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने 22 सितंबर 2026 को फिलीपींस में कार्यरत भारतीय कारोबारियों के साथ संवाद किया। इस दौरान वस्तुओं और सेवाओं के निर्यात में उन्हें सामने आने वाली समस्याओं पर चर्चा की गई।

भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने 23 सितंबर 2026 को आयोजित आसियान-भारत व्यावसायिक मंच 2026 में भी भाग लिया। इन गतिविधियों के माध्यम से भारत ने क्षेत्र में व्यापार और निवेश संबंधों को और मजबूत करने तथा भारतीय व्यवसायों के लिए व्यापारिक अवसरों और सुगमता को बढ़ाने की दिशा में अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

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