राष्ट्र सेविका समिति के 90 वर्ष पूरे, जबलपुर में निकले ‘अभ्युदय’ और ‘राष्ट्रोदय’ पथ संचलन

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  • Oct 27, 2026
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अनुशासन, संस्कार और राष्ट्रभक्ति के साथ सड़कों पर उतरीं सेविकाएं, जगह-जगह पुष्पवर्षा कर हुआ स्वागत

जबलपुर, 26 अक्टूबर 2026। 

राष्ट्र सेविका समिति के 90 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में सोमवार को जबलपुर में नारी शक्ति, अनुशासन, संस्कार और राष्ट्रभक्ति का संगम देखने को मिला। समिति के नर्मदा भाग द्वारा ‘अभ्युदय पथ संचलन’ और कृषि भाग द्वारा ‘राष्ट्रोदय पथ संचलन’ आयोजित किया गया। दोनों आयोजनों में नन्हीं बालिकाओं से लेकर वरिष्ठ सेविकाओं तक ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।

अनुशासित कदमों और राष्ट्रसेवा के संकल्प के साथ आगे बढ़ती सेविकाओं का शहर में जगह-जगह पुष्पवर्षा कर स्वागत किया गया। आयोजन के माध्यम से समिति की 90 वर्षों की यात्रा, महिला सहभागिता और राष्ट्र निर्माण में योगदान को रेखांकित किया गया।

नर्मदा भाग का ‘अभ्युदय पथ संचलन’

नर्मदा भाग का पथ संचलन मालवीय चौक स्थित अंजुमन इस्लामिया स्कूल से प्रारंभ हुआ। कार्यक्रम में प्रसिद्ध समाजसेवी एवं एम.एम. इंटरनेशनल स्कूल, जबलपुर की निदेशक स्वप्ना गुप्ता मुख्य अतिथि रहीं। राष्ट्र सेविका समिति की प्रांत बौद्धिक टोली की सदस्य करुणा क्षत्रिय ने मुख्य वक्ता के रूप में विचार रखे।

करुणा क्षत्रिय ने कहा कि समिति की आद्य संचालिका वंदनीय मौसी जी लक्ष्मीबाई केलकर ने नारी शक्ति के निरंतर जागरण, सांस्कृतिक पुनरुत्थान और राष्ट्र निर्माण के लिए कार्य किया। उनके द्वारा रोपा गया विचार आज विशाल वटवृक्ष का रूप ले चुका है, जिसकी छाया में लाखों महिलाएं राष्ट्रकार्य के लिए समर्पित हैं।

उन्होंने वरिष्ठ सेविकाओं के योगदान को नमन करते हुए कहा कि उनका मार्ग अनेक कठिनाइयों और चुनौतियों से भरा रहा। इसके बावजूद उन्होंने त्याग, तपस्या और परिश्रम से समिति के कार्य को आगे बढ़ाया। आज पथ संचलन के दौरान हो रही पुष्पवर्षा उन्हीं वरिष्ठ सेविकाओं के परिश्रम का परिणाम है और समाज की ओर से मिल रहे स्नेह व सम्मान का प्रतीक है।

कृषि भाग का ‘राष्ट्रोदय पथ संचलन’

कृषि भाग का ‘राष्ट्रोदय पथ संचलन’ अधारताल स्थित धनी की कुटिया मैरिज गार्डन से प्रारंभ हुआ। कार्यक्रम में नानाजी देशमुख पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय, अधारताल की कुलसचिव डॉ. सखी वैश्य मुख्य अतिथि रहीं। अधारताल की नगर पुलिस अधीक्षक राजेश्वरी कौरव विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। समिति की प्रांत बौद्धिक टोली की सदस्य एवं सिवनी की विभाग बौद्धिक प्रमुख मनीषा चौहान ने मुख्य वक्ता के रूप में सेविकाओं का मार्गदर्शन किया।

मनीषा चौहान ने कहा कि नौ दशकों की यात्रा में समिति ने केवल संगठन का विस्तार नहीं किया, बल्कि व्यक्ति, परिवार और समाज के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन की सशक्त परंपरा विकसित की है। इस अवधि में अनेक सेविकाओं को जीवन की नई दिशा मिली, परिवारों में संस्कारों का प्रसार हुआ और लोगों में सेवा की भावना जागृत हुई।

उन्होंने कहा कि यदि समिति की 90 वर्षों की यात्रा को एक सूत्र में बांधना हो, तो वह है—‘प्रभाव से परिवर्तन की ओर’। यही राष्ट्र सेविका समिति की यात्रा का सार है। उन्होंने उपस्थित मातृशक्ति से इस विचार को आत्मसात करने, अपने-अपने क्षेत्रों में परिवर्तन की वाहक बनने और राष्ट्र निर्माण के अभियान में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।

नारी शक्ति और राष्ट्रसेवा का संदेश

दोनों पथ संचलनों में सेविकाओं की व्यापक सहभागिता ने समिति की नौ दशक की यात्रा और सामाजिक कार्यों के प्रति समर्पण को प्रदर्शित किया। आयोजन के दौरान अनुशासन, सांस्कृतिक मूल्यों, सेवा भावना और राष्ट्र निर्माण में महिलाओं की भूमिका का संदेश दिया गया।

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