रजिस्ट्री के तुरंत बाद नामांतरण, ऑटोम्यूटेशन से खत्म हुई महीनों की प्रतीक्षा

  • Admin
  • Oct 10, 2026
  • 9,762 views

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, 10 अक्टूबर 2026।

जमीन की रजिस्ट्री के बाद नामांतरण के लिए महीनों तक इंतजार और तहसील कार्यालयों के चक्कर लगाने की परेशानी अब तकनीक आधारित व्यवस्था से कम हो रही है। गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के ग्राम कोटकखर्रा, पोस्ट लालपुर निवासी मंगल सिंह सांडिया को पंजीयन विभाग की ऑटोम्यूटेशन सुविधा से रजिस्ट्री के तुरंत बाद नामांतरण का लाभ मिला। ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत विभाग से संवाद के दौरान उन्होंने अपना अनुभव साझा करते हुए इस व्यवस्था को आम नागरिकों के लिए सुविधाजनक बताया।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और वित्त एवं पंजीयन मंत्री ओ.पी. चौधरी के मार्गदर्शन में प्रदेश में पंजीयन सेवाओं को सरल, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित बनाने के लिए तकनीकी सुधार किए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प और मुख्यमंत्री के विकसित छत्तीसगढ़ के विजन के अनुरूप किए जा रहे इन सुधारों में ऑटोम्यूटेशन महत्वपूर्ण पहल है।

रजिस्ट्री के साथ आगे बढ़ती है नामांतरण की प्रक्रिया

मंगल सिंह सांडिया ने बताया कि पहले जमीन की रजिस्ट्री के बाद नामांतरण पूरा होने में काफी समय लगता था। कई बार महीनों इंतजार करना पड़ता था, जिससे संपत्ति से जुड़े अन्य कार्य भी प्रभावित होते थे। इस बार ऑटोम्यूटेशन सुविधा के कारण रजिस्ट्री के तुरंत बाद उनका नामांतरण हो गया। उन्हें अलग से कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़े और न ही लंबे इंतजार का सामना करना पड़ा।

ऑटोम्यूटेशन व्यवस्था के तहत संपत्ति का पंजीयन होने के बाद नामांतरण की प्रक्रिया स्वतः आगे बढ़ती है। इससे पंजीयन और राजस्व विभाग के बीच समन्वय बेहतर होता है तथा अलग से आवेदन और कार्यालयीन प्रक्रियाओं की जरूरत कम होती है।

किसानों और भूमि स्वामियों को राहत

इस व्यवस्था से विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों के किसानों और भूमि स्वामियों को लाभ मिल रहा है, जिन्हें पहले जमीन से जुड़े कार्यों के लिए बार-बार तहसील और राजस्व कार्यालय जाना पड़ता था। नई तकनीकी व्यवस्था से समय की बचत के साथ नामांतरण की प्रक्रिया अधिक सुविधाजनक और तेज हो रही है।

मंगल सिंह सांडिया ने रजिस्ट्री के तुरंत बाद नामांतरण होने पर प्रसन्नता जताते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और वित्त एवं पंजीयन मंत्री ओ.पी. चौधरी के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस सुविधा से आम नागरिकों का समय बचता है और सरकारी सेवाओं के प्रति भरोसा बढ़ता है।

‘सेवा संकल्प अभियान’ से सामने आ रहे बदलाव

‘सेवा संकल्प अभियान’ के माध्यम से पंजीयन विभाग हितग्राहियों से सीधे संवाद कर सुधारों के जमीनी प्रभाव, अनुभव और सुझाव जुटा रहा है। मंगल सिंह सांडिया का अनुभव दर्शाता है कि तकनीक आधारित ऑटोम्यूटेशन व्यवस्था से नामांतरण की प्रक्रिया आसान बनाने, अनावश्यक दौड़भाग घटाने और नागरिकों को समय पर सेवाएं उपलब्ध कराने में मदद मिल रही है।

सम्बन्धित खबरें