मध्यप्रदेश में 63,296 करोड़ रुपये से बनेंगे पांच ग्रीनफील्ड कॉरिडोर

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  • Nov 05, 2026
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भोपाल, 5 नवंबर 2026।

 मध्यप्रदेश में आधुनिक सड़क नेटवर्क को मजबूत करने के लिए करीब 63 हजार 296 करोड़ रुपये की लागत से पांच ग्रीनफील्ड कॉरिडोर विकसित करने की तैयारी की जा रही है। इनकी कुल लंबाई 1,398 किलोमीटर होगी। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश का कोई भी गांव, कस्बा या शहर बेहतर सड़क संपर्क से वंचित नहीं रहना चाहिए। हर गांव और शहर को बारहमासी सड़कों से जोड़ना सरकार का लक्ष्य है।

मुख्यमंत्री गुरुवार को मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम के संचालक मंडल की 49वीं बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सड़कें विकास की वास्तविक जीवन रेखा हैं। प्रदेश में स्टेट हाईवे, फोर लेन, सिक्स लेन, आठ लेन और ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे के निर्माण से आधुनिक सड़क नेटवर्क विकसित किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्माणाधीन सड़क परियोजनाओं की गति बढ़ाकर उन्हें तेजी से पूरा किया जाए। उन्होंने लोक निर्माण विभाग, नगरीय प्रशासन, ग्रामीण विकास, उद्योग और मध्यप्रदेश हाउसिंग बोर्ड के साथ समन्वय बनाकर काम करने को कहा। उन्होंने मेजर डिस्ट्रिक्ट रोड पर भी काम करने और सड़क विकास की सभी संभावनाओं पर एक साथ आगे बढ़ने के निर्देश दिए।

बैठक में मुख्यमंत्री ने निगम की प्रस्तावित राजमार्ग निधि का नया नामकरण करते हुए इसे ‘विकसित मध्यप्रदेश संकल्प पथ’ नाम दिया। बैठक में लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह भी उपस्थित थे।

इन पांच मार्गों पर बनेंगे ग्रीनफील्ड कॉरिडोर

बैठक में बताया गया कि प्रदेश में पांच फोर लेन ग्रीनफील्ड एक्सेस-कंट्रोल्ड कॉरिडोर पेव्ड शोल्डर के साथ विकसित करने की तैयारी है। प्रस्तावित कॉरिडोर और उनकी लंबाई इस प्रकार है:

प्रस्तावित कॉरिडोरलंबाई
भोपाल-मंदसौर258 किमी
सागर-सतना227 किमी
जबलपुर-आशापुर358 किमी
भोपाल-ग्वालियर320 किमी
कटनी-सिंगरौली235 किमी
कुल1,398 किमी

तीन कॉरिडोर की फीजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार हो रही

भोपाल-मंदसौर, सागर-सतना और जबलपुर-आशापुर कॉरिडोर के लिए डीपीआर कंसल्टेंट द्वारा फीजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार की जा रही है। कंसल्टेंट ने इनके लिए अलग-अलग अलाइनमेंट विकल्प प्रस्तुत किए हैं। मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम द्वारा इनमें से उपयुक्त अलाइनमेंट का चयन करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।

वहीं भोपाल-ग्वालियर और कटनी-सिंगरौली कॉरिडोर के लिए डीपीआर कंसल्टेंट के चयन की निविदा प्रक्रिया जारी है। संचालक मंडल ने पांचों कॉरिडोर की फीजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार करने और परियोजनाओं के व्यवहार्य पाए जाने पर उनकी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने की अनुमति मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम को दे दी है।

बैठक में इन प्रस्तावों को मिली मंजूरी

संचालक मंडल की बैठक में सड़क विकास निगम के संचालन और विभिन्न परियोजनाओं से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को स्वीकृति दी गई।

बीओटी योजना के तहत चार लेन जावरा-नयागांव खंड की परियोजना में शत-प्रतिशत इक्विटी के विनिवेश की अनुमति को मंजूरी दी गई।

निगम के सुचारू संचालन के लिए मुख्य अभियंता के दो, महाप्रबंधक के तीन और उप महाप्रबंधक के पांच नए पद सृजित करने की मंजूरी दी गई।

निगम में पदस्थ विधि सहायक का मानदेय बढ़ाने के प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई।

लोक परिसंपत्ति प्रबंधन विभाग के स्वामित्व वाले मध्यप्रदेश तिलहन संघ भवन (पीएएम भवन), अरेरा हिल्स, भोपाल के अधिग्रहण को मंजूरी दी गई।

निगम में स्वतंत्र संचालक की नियुक्ति को स्वीकृति दी गई।

ऋण के माध्यम से उन्नयन की जाने वाली राज्य राजमार्ग एवं अन्य मार्गों की परियोजनाओं तथा अन्य परियोजनाओं का स्वामित्व मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम को सौंपने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।

निगम की बीओटी (टोल), बीओटी (टोल एवं एन्यूटी), ओएमटी और यूजर फ्री योजनाओं के तहत टोल प्लाजा पर उपयोगकर्ता शुल्क संग्रहण में कृषि कार्यों के लिए इस्तेमाल होने वाले कंबाइन हार्वेस्टरों को छूट देने के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया।

वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद

बैठक में मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल, अपर मुख्य सचिव वित्त मनीष रस्तोगी, अपर मुख्य सचिव नगरीय विकास एवं आवास संजय कुमार दुबे, मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण विभाग के प्रमुख सचिव सुखवीर सिंह, प्रमुख सचिव वन राघवेन्द्र कुमार सिंह और सचिव जनसंपर्क एवं मध्यप्रदेश रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक भरत यादव उपस्थित थे।

इसके अलावा निगम के स्वतंत्र संचालक वेंकटेश बालासुब्रमानियम, स्वतंत्र संचालक धर्मानंद सारंगी सहित संचालक मंडल के अन्य सदस्य भी बैठक में शामिल हुए।

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