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आचार्य ललितमुनि

आचार्य ललितमुनि

वरिष्ठ पत्रकार एवं लोक-संस्कृति के अध्येता

आचार्य ललितमुनि द्वारा लिखे गए लेख

सुदर्शन जी : जहां जन्म हुआ, जीवन का अंतिम पड़ाव भी वही स्थान बना संघ-साहित्य, राष्ट्र की बात
15 Sep, 2026

सुदर्शन जी : जहां जन्म हुआ, जीवन का अंतिम पड़ाव भी वही स्थान बना

आज जिस तरह रायपुर शहर बाहर की तरफ़ चारों ओर फ़ैलकर आस पास के गांवों को अपने भीतर समाहित कर महानगर बनने की राह...

प्रकृति के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का त्योहार नुआखाई राष्ट्र की बात
15 Sep, 2026

प्रकृति के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का त्योहार नुआखाई

छत्तीसगढ़ एवं ओड़िसा की साझा संस्कृति में एक त्योहार धूमधाम से मनाया जाता है, जिसका नाम है  नुआखाई, इसे वैदिक...

छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति में तीजा  राष्ट्र की बात
14 Sep, 2026

छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति में तीजा 

भादो का महीना आने पहले ही गांवों में तीजा लाने ले जाने की चर्चा शुरू हो जाती है। पोरा आते-आते तीजा की तैयार...

हैदराबाद मुक्ति संग्राम में आर्य समाज की भूमिका राष्ट्र की बात
13 Sep, 2026

हैदराबाद मुक्ति संग्राम में आर्य समाज की भूमिका

हैदराबाद के भारत में विलय से बहुत पहले वहां ऐसे लोग और संगठन सक्रिय थे जो धार्मिक स्वतंत्रता, सामाजिक सुधार...

श्रीगुरु ग्रन्थ साहिब में संतों की वाणी और सामाजिक समरसता राष्ट्र की बात
12 Sep, 2026

श्रीगुरु ग्रन्थ साहिब में संतों की वाणी और सामाजिक समरसता

श्रीगुरु ग्रन्थ साहिब में गुरुओं की वाणी के आध्यात्मिक प्रवाह में कबीर, रविदास, नामदेव, धन्ना, पीपा, सैन, स...

छत्तीसगढ़ के लोकजीवन का जीवंत उत्सव पोला तिहार राष्ट्र की बात
10 Sep, 2026

छत्तीसगढ़ के लोकजीवन का जीवंत उत्सव पोला तिहार

हमारी लोक संस्कृति के तीज-त्यौहारों में मनुष्य और प्रकृति के बीच बने हुए आत्मीय संबंधों की बेल भी गुंथी हुई...

भारतेंदु हरिश्चंद्र के साहित्य में राष्ट्रबोध की चेतना राष्ट्र की बात
09 Sep, 2026

भारतेंदु हरिश्चंद्र के साहित्य में राष्ट्रबोध की चेतना

उन्नीसवीं शताब्दी का भारत एक ऐसे मोड़ पर खड़ा था, जहां पुरानी दुनिया धीरे धीरे पीछे छूट रही थी और आधुनिकता ...

कहाँ गए जीवन को गढ़ने वाले गुरु? राष्ट्र की बात
05 Sep, 2026

कहाँ गए जीवन को गढ़ने वाले गुरु?

शिक्षक दिवस आते ही हर वर्ष विद्यालयों में कार्यक्रम होते हैं। शिक्षक सम्मानित होते हैं, विद्यार्थी उनके प्र...

यहां देवी-देवता भी खड़े होते हैं न्याय के कटघरे में राष्ट्र की बात
05 Sep, 2026

यहां देवी-देवता भी खड़े होते हैं न्याय के कटघरे में

बस्तर में भादो जातरा के दौरान दूर तक फैली पहाड़ियां, साल के पेड़ों से घिरा रास्ता और आबादी से अलग किसी देवस...

छत्तीसगढ़ में जन्माष्टमी का लोक रूप : आठें कन्हैया राष्ट्र की बात
03 Sep, 2026

छत्तीसगढ़ में जन्माष्टमी का लोक रूप : आठें कन्हैया

‘आठें कन्हैया’ नाम सुनते ही कृष्ण जनमाष्टमी की मन में एक सहज-सी तस्वीर उभरती है। घर की साफ की गई दीवार पर ब...

संगीत साधना से राष्ट्र साधना तक की जीवन यात्रा : यादवराव जोशी राष्ट्र की बात
03 Sep, 2026

संगीत साधना से राष्ट्र साधना तक की जीवन यात्रा : यादवराव जोशी

किसी व्यक्ति की प्रतिभा को पहचानना आसान है, लेकिन यह समझना कठिन है कि वह अपनी प्रतिभा का उपयोग किस लिए करता...

प्रकृति और मनुष्य के सहजीवन की लोकगाथा कमरछठ राष्ट्र की बात
01 Sep, 2026

प्रकृति और मनुष्य के सहजीवन की लोकगाथा कमरछठ

हमारी लोकपरंपरा में हलषष्ठी अर्थात कमरछठ या खमरछठ का व्रत माताओं द्वारा संतान के सुखी और दीर्घायु जीवन की क...

सावन की हरियाली और सामाजिक समरसता का उत्सव भोजली तिहार राष्ट्र की बात
29 Aug, 2026

सावन की हरियाली और सामाजिक समरसता का उत्सव भोजली तिहार

छत्तीसगढ़ में सावन केवल बादल बरसात का महीना नहीं है, सावन आते ही लगता है जैसे गाँव के सारे देवता  जाग उठते ...

दंतेश्वरी मइया का रक्षासूत्र, लोकजीवन को बांधता आस्था के सूत्र में राष्ट्र की बात
28 Aug, 2026

दंतेश्वरी मइया का रक्षासूत्र, लोकजीवन को बांधता आस्था के सूत्र में

बस्तर की धरती पर दंतेवाड़ा का दंतेश्वरी मंदिर केवल एक प्रसिद्ध देवी स्थल ही नहीं है, यह उस सांस्कृतिक भूगोल...

रक्षासूत्र से वेदाध्ययन तक: श्रावणी पूर्णिमा का वैदिक स्वरूप राष्ट्र की बात
26 Aug, 2026

रक्षासूत्र से वेदाध्ययन तक: श्रावणी पूर्णिमा का वैदिक स्वरूप

श्रावण पूर्णिमा का दिन केवल रक्षाबंधन के कारण महत्वपूर्ण नहीं है। इसकी एक दूसरी, अत्यंत प्राचीन और गंभीर पह...

लोककथाओं से संस्कारित होती थी नई पीढ़ी राष्ट्र की बात
22 Aug, 2026

लोककथाओं से संस्कारित होती थी नई पीढ़ी

हमारे समाज में शिक्षा की परिकल्पना कभी केवल अक्षर ज्ञान तक सीमित नहीं रही। जिस समय विद्यालय, पाठ्यपुस्तकें ...

वंदे मातरम् है भारत की आत्मा का गीत राष्ट्र की बात
21 Aug, 2026

वंदे मातरम् है भारत की आत्मा का गीत

कुछ शब्दों में ऐसी शक्ति होती है, जिन्हें सुनते ही मन के भीतर ऐसा कुछ जाग उठता है और रोम रोम में बल भर आता ...

रामकथा को जन जन तक पहुंचाने वाले गोस्वामी तुलसीदास राष्ट्र की बात
19 Aug, 2026

रामकथा को जन जन तक पहुंचाने वाले गोस्वामी तुलसीदास

कवि यह सोचकर किसी काव्य की रचना नहीं करता कि वह लोक में प्रसिद्ध होगा। वह अपने भीतर उठे भाव, अनुभव और विचार...

नागपंचमी विशेष : मंदिरों की शिल्पकला में क्यों अमर हैं नाग? राष्ट्र की बात
17 Aug, 2026

नागपंचमी विशेष : मंदिरों की शिल्पकला में क्यों अमर हैं नाग?

भारतीय कला में नागों की यह उपस्थिति इतनी व्यापक है कि यह प्रश्न स्वाभाविक रूप से उठता है कि आखिर एक ऐसे जीव...

स्व के बिना संभव नहीं स्वराज राष्ट्र की बात
15 Aug, 2026

स्व के बिना संभव नहीं स्वराज

हर वर्ष 15 अगस्त को जब तिरंगा शान से लहराता है, राष्ट्रगान गूंजता है और पूरा देश स्वतंत्रता दिवस का उत्सव म...

प्रकृति और संस्कृति का अनूठा संगम हरेली तिहार राष्ट्र की बात
12 Aug, 2026

प्रकृति और संस्कृति का अनूठा संगम हरेली तिहार

लोक संस्कृति में प्रकृति और जीवन एक दूसरे से अलग नहीं माने जाते। पेड़ पौधों, नदियों, पर्वतों और पशुओं के सा...

राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त के साहित्य में समरसता और राष्ट्रीय एकता का अमर संदेश राष्ट्र की बात
03 Aug, 2026

राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त के साहित्य में समरसता और राष्ट्रीय एकता का अमर संदेश

राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त हिन्दी साहित्य के उन विरल कवियों में हैं, जिन्होंने अपनी रचनाओं के माध्यम से केव...

राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त के साहित्य में समरसता और राष्ट्रीय एकता का अमर संदेश राष्ट्र की बात
03 Aug, 2026

राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त के साहित्य में समरसता और राष्ट्रीय एकता का अमर संदेश

राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त हिन्दी साहित्य के उन विरल कवियों में हैं, जिन्होंने अपनी रचनाओं के माध्यम से केव...

आधुनिक मध्य भारत के दूरदर्शी निर्माता पंडित रविशंकर शुक्ल राष्ट्र की बात
02 Aug, 2026

आधुनिक मध्य भारत के दूरदर्शी निर्माता पंडित रविशंकर शुक्ल

पंडित रविशंकर शुक्ल भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के उन नेताओं में थे जिन्होंने राजनीतिक संघर्ष के साथ साथ राष्ट...

सावन के उत्सवों में सामाजिक समरसता का दर्शन राष्ट्र की बात
31 Jul, 2026

सावन के उत्सवों में सामाजिक समरसता का दर्शन

आचार्य ललित मुनि सावन का महीना भारतीय जीवन में केवल वर्षा ऋतु का आगमन नहीं है, बल्कि यह प्रकृति, संस्कृत...

प्रकृति का ॠण और हमारा दायित्व - विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस विशेष Editorial
28 Jul, 2026

प्रकृति का ॠण और हमारा दायित्व - विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस विशेष

विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस हर साल 28 जुलाई को मनाया जाता है, इसका मुख्य उद्देश्य प्राकृतिक संसाधनों के संरक...

दरक रहे रिश्ते, टूट रहे परिवार. राष्ट्र की बात
20 Jul, 2026

दरक रहे रिश्ते, टूट रहे परिवार.

आचार्य ललित मुनि कभी घर का आंगन संवाद का केंद्र हुआ करता था। दिनभर की थकान के बाद परिवार के सदस्य एक साथ...

लुटेरों का नया अवतार अदृश्य साइबर ठग राष्ट्र की बात
16 Jul, 2026

लुटेरों का नया अवतार अदृश्य साइबर ठग

आचार्य ललित मुनि सुबह की शुरुआत चाय और अखबार से होती है। आज मेरा ध्यान ग्वालियर से बड़ी साइबर ठगी की ओर ग...

महानदी से महोदधि तक स्पंदित रथयात्रा की विरासत राष्ट्र की बात
16 Jul, 2026

महानदी से महोदधि तक स्पंदित रथयात्रा की विरासत

आचार्य ललित मुनि छत्तीसगढ़ में रथयात्रा का पर्व धूमधाम से मनाया जाता है। भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा निकाल...

सामाजिक समरसता का उत्सव जगन्नाथ रथयात्रा राष्ट्र की बात
16 Jul, 2026

सामाजिक समरसता का उत्सव जगन्नाथ रथयात्रा

आचार्य ललित मुनि भारत की सांस्कृतिक परंपराओं में ऐसे अनेक पर्व हैं जो केवल धार्मिक अनुष्ठान भर नहीं है...

चका नैन नीलांचल वारे: बस्तर से सरगुजा तक रथदूज राष्ट्र की बात
16 Jul, 2026

चका नैन नीलांचल वारे: बस्तर से सरगुजा तक रथदूज

भारत की सांस्कृतिक एकता को समझने के लिए केवल इतिहास के ग्रंथों और राजनीतिक सीमाओं को देखना पर्याप्त नहीं है...

महाप्रभु जगन्नाथ के रथ निर्माण की प्राचीन परम्परा राष्ट्र की बात
15 Jul, 2026

महाप्रभु जगन्नाथ के रथ निर्माण की प्राचीन परम्परा

आचार्य ललित मुनि भारतीय संस्कृति में ऐसे अनेक पर्व हैं जो केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं रहते, बल्कि समाज,...

सृष्टि, ऋतु और काल के सनातन चक्र का उत्सव : भारतीय नववर्ष राष्ट्र की बात
17 Mar, 2026

सृष्टि, ऋतु और काल के सनातन चक्र का उत्सव : भारतीय नववर्ष

भारतीय संस्कृति में नववर्ष का अर्थ केवल कैलेंडर की एक नई तारीख से नहीं है। यह मनुष्य, प्रकृति और ब्रह्मांड ...

डॉ. हेडगेवार का राष्ट्रचिंतन और संघ स्थापना का मूल उद्देश्य राष्ट्र की बात
17 Mar, 2026

डॉ. हेडगेवार का राष्ट्रचिंतन और संघ स्थापना का मूल उद्देश्य

भारत का इतिहास केवल राजाओं और युद्धों का इतिहास नहीं है, बल्कि यह उन व्यक्तित्वों की साधना का इतिहास भी है ...