कवर्धा की ऐतिहासिक खप्पर यात्रा में शामिल हुए विजय शर्मा, श्रद्धालुओं के साथ गाए जसगीत

  • Admin
  • Oct 20, 2026
  • 2,681 views

महाअष्टमी पर मां दंतेश्वरी, मां परमेश्वरी और मां चंडी के किए दर्शन, प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना

सौ साल से अधिक पुरानी परंपरा में उमड़े श्रद्धालु, दूर-दराज से पहुंचे युवाओं से उप मुख्यमंत्री ने की आत्मीय मुलाकात

कवर्धा, 20 अक्टूबर 2026

नवरात्रि की महाअष्टमी पर उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक विजय शर्मा ने कबीरधाम जिले के कवर्धा नगर स्थित मां दंतेश्वरी, मां परमेश्वरी और मां चंडी मंदिर में पहुंचकर पूजा-अर्चना की। उन्होंने प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। इस अवसर पर वे कवर्धा की ऐतिहासिक खप्पर यात्रा में शामिल हुए और माता काली के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। उप मुख्यमंत्री ने श्रद्धालुओं के साथ माता सेवा में भाग लिया और जसगीत गाकर मां भगवती की आराधना की।

सौ साल से अधिक पुरानी है खप्पर यात्रा की परंपरा

कवर्धा में महाअष्टमी की रात खप्पर यात्रा निकालने की परंपरा सौ वर्षों से भी अधिक पुरानी मानी जाती है। मां दंतेश्वरी, मां चंडी और मां परमेश्वरी मंदिरों से जुड़ी यह अनूठी परंपरा क्षेत्र की धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, माता काली के स्वरूप में खप्पर धारण कर नगर भ्रमण करने की यह परंपरा नगर की सुख-शांति, सुरक्षा और लोककल्याण की कामना के साथ निभाई जाती है। माता के जयकारों और भक्तिमय वातावरण के बीच बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस विशेष धार्मिक अनुष्ठान के दर्शन के लिए पहुंचते हैं।

श्रद्धालुओं के साथ माता सेवा में हुए शामिल

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने खप्पर वाली माता के श्रद्धापूर्वक दर्शन कर इस प्राचीन धार्मिक परंपरा के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की। इस दौरान उन्होंने कवर्धा सहित दूर-दराज के क्षेत्रों से पहुंचे युवाओं और श्रद्धालुओं से आत्मीय मुलाकात की, उनका हालचाल जाना और सभी को नवरात्रि की शुभकामनाएं दीं।

माता सेवा में शामिल होकर उन्होंने श्रद्धालुओं के साथ जसगीत गाए। भक्ति गीतों और माता के जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। श्रद्धालुओं के साथ सेवा और आराधना में सहभागिता करते हुए उन्होंने इस पर्व की खुशियां साझा कीं।

लोक आस्था और सांस्कृतिक विरासत की अनमोल धरोहर है खप्पर यात्रा

उप मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि कवर्धा की खप्पर यात्रा प्राचीन धार्मिक परंपराओं और लोक आस्था की अनमोल धरोहर है। पीढ़ियों से चली आ रही यह परंपरा आज भी लोगों को अपनी संस्कृति और आध्यात्मिक विरासत से जोड़े हुए है।

उन्होंने कहा कि महाअष्टमी के पावन अवसर पर माता के दर्शन करने और श्रद्धालुओं के साथ सेवा एवं आराधना में शामिल होने का अवसर मिलना सौभाग्य की बात है। उन्होंने मां भगवती से सभी के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि बनाए रखने की प्रार्थना की।

सम्बन्धित खबरें