श्रीलंका के साथ समुद्री सहयोग मजबूत कर लौटा भारतीय नौसेना का प्रशिक्षण स्क्वाड्रन

  • Admin
  • Oct 30, 2026
  • 5,656 views

 

कोलंबो में द्विपक्षीय सैन्य संवाद, कैडेटों के बीच प्रशिक्षण अनुभवों का आदान-प्रदान

 श्रीलंकाई नौसेना के साथ संयुक्त समुद्री अभ्यास से बढ़ा परिचालन समन्वय

 

कोलंबो  29 अक्टूबर 2026। भारत और श्रीलंका के बीच समुद्री साझेदारी को मजबूत करने के उद्देश्य से भारतीय नौसेना का प्रथम प्रशिक्षण स्क्वाड्रन सफल यात्रा के बाद कोलंबो से रवाना हो गया। स्क्वाड्रन के जहाज आईएनएस तीर, आईएनएस सुजाता और आईसीजीएस सारथी ने बंदरगाह पर ठहराव के दौरान सैन्य संवाद, पेशेवर प्रशिक्षण और सामुदायिक गतिविधियों में हिस्सा लिया। यात्रा के समापन पर जहाजों ने श्रीलंकाई नौसेना के पोत एसएलएनएस नंदीमित्र के साथ संयुक्त समुद्री अभ्यास भी किया।
नौसैनिक नेतृत्व के बीच बातचीत
बंदरगाह पर ठहराव के दौरान प्रथम प्रशिक्षण स्क्वाड्रन के वरिष्ठ अधिकारी ने तीनों जहाजों के कमांडिंग अधिकारियों के साथ श्रीलंका नौसेना के पश्चिमी नौसैनिक क्षेत्र के कमांडर से मुलाकात की। बातचीत में दोनों देशों के घनिष्ठ द्विपक्षीय संबंधों और समुद्री सहयोग को आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया। इस संवाद ने रक्षा साझेदारी को मजबूत करने की साझा प्रतिबद्धता को भी रेखांकित किया।
कैडेटों ने साझा किए प्रशिक्षण अनुभव
व्यावसायिक गतिविधियों के तहत प्रथम प्रशिक्षण स्क्वाड्रन के समुद्री प्रशिक्षुओं ने त्रिंकोमाली स्थित नौसेना एवं समुद्री अकादमी का दौरा किया और श्रीलंकाई कैडेटों के साथ बातचीत की। इसके जवाब में श्रीलंका नौसेना के अकादमी कैडेटों ने भारतीय जहाजों का भ्रमण किया तथा वहां उपलब्ध प्रशिक्षण सुविधाओं और गतिविधियों की जानकारी ली। इस आदान-प्रदान से दोनों देशों के प्रशिक्षुओं को अपने अनुभव साझा करने और पेशेवर संबंध मजबूत करने का अवसर मिला।
समुद्र तट की सफाई में लिया हिस्सा
भारतीय नौसेना के कर्मियों ने सामुदायिक संपर्क पहल के तहत समुद्र तट की सफाई गतिविधि में भाग लेकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। जहाजों को स्थानीय समुदाय के सदस्यों और भारतीय प्रवासियों के लिए भी खोला गया। आगंतुकों ने चालक दल से बातचीत की और भारतीय नौसेना की प्रशिक्षण तथा परिचालन गतिविधियों को करीब से जाना।
श्रीलंकाई नौसेना के साथ संयुक्त अभ्यास
कोलंबो से प्रस्थान के समय तीनों भारतीय जहाजों ने एसएलएनएस नंदीमित्र के साथ पैसेज अभ्यास (पासेक्स) किया। इसमें दोनों नौसेनाओं ने समन्वित समुद्री युद्धाभ्यास किया। अभ्यास से परिचालन तालमेल और पारस्परिक कार्यक्षमता बढ़ाने में मदद मिली।
यह यात्रा भारत और श्रीलंका की दीर्घकालिक समुद्री साझेदारी का प्रमाण बनी। साथ ही, महासागर (क्षेत्रों में सुरक्षा और विकास के लिए पारस्परिक एवं समग्र उन्नति) की अवधारणा के अनुरूप क्षेत्रीय समुद्री सहयोग और क्षमता निर्माण के प्रति दोनों देशों की साझा प्रतिबद्धता को दोहराया गया।

सम्बन्धित खबरें