51 साल तक बिजली व्यवस्था को सेवा देने वाला ट्रांसफार्मर हुआ विदा, इछावर में अब लगा 50 एमवीए का नया ट्रांसफार्मर 20 एमवीए क्षमता वाले पुराने ट्रांसफार्मर की जगह हुई स्थापना, सबस्टेशन की कुल ट्रांसफार्मेशन क्षमता 60 से बढ़कर 90 एमवीए हुई

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  • Nov 04, 2026
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भोपाल, 4 नवंबर 2026।

 

 सीहोर जिले के इछावर स्थित 132 केवी सबस्टेशन में करीब 51 वर्षों तक बिजली व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा रहे 20 एमवीए क्षमता के पुराने पावर ट्रांसफार्मर को बदलकर अब 50 एमवीए क्षमता का नया ट्रांसफार्मर स्थापित किया गया है। लगभग पांच दशक तक सेवा देने वाली इस मशीन को एमपी ट्रांसको के उन कार्मिकों ने भावुक मन से विदाई दी, जिन्होंने वर्षों तक इसके साथ काम किया।

ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया कि यह ट्रांसफार्मर प्रदेश की बिजली व्यवस्था का अभिन्न हिस्सा रहा और बदलते समय के साथ औद्योगिक एवं आर्थिक प्रगति का साक्षी भी बना। मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) ने इछावर सबस्टेशन में वर्ष 1975 में भारत बिजली लिमिटेड द्वारा निर्मित 20 एमवीए क्षमता के इस ट्रांसफार्मर के स्थान पर अधिक क्षमता वाला नया ट्रांसफार्मर लगाया है।

आधी सदी पहले ऊर्जीकृत हुआ यह ट्रांसफार्मर अपने लंबे सेवाकाल के दौरान विभिन्न सबस्टेशनों में कार्यरत रहा। बदलती विद्युत जरूरतों और बढ़ते बिजली भार के बीच प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति व्यवस्था में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका रही।

अभियंताओं और मेंटेनेंस कर्मियों के कौशल से मिला लंबा जीवन

ऊर्जा मंत्री तोमर ने ट्रांसफार्मर के लगभग पांच दशक लंबे सेवाकाल के पीछे मध्यप्रदेश विद्युत मंडल और बाद में मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी के अभियंताओं एवं मेंटेनेंस कार्मिकों के योगदान की सराहना की। उन्होंने पुराने और नए सभी कार्मिकों को बधाई दी।

मंत्री ने कहा कि समय-समय पर किए गए रखरखाव, तकनीकी देखरेख और आवश्यक मेंटेनेंस के कारण यह ट्रांसफार्मर इतने लंबे समय तक कार्यशील बना रहा। इसके साथ काम करने वाले कार्मिकों ने मशीन के प्रति सम्मान और भावनात्मक जुड़ाव के साथ उसे विदाई दी।

सबस्टेशन की क्षमता 60 से बढ़कर 90 एमवीए हुई

शांडिल्य ने बताया कि पुराने 20 एमवीए ट्रांसफार्मर की जगह 50 एमवीए क्षमता का नया ट्रांसफार्मर स्थापित होने से इछावर सबस्टेशन की कुल ट्रांसफार्मेशन क्षमता में वृद्धि हुई है। अब इसकी क्षमता 60 एमवीए से बढ़कर 90 एमवीए हो गई है।

इससे क्षेत्र की बढ़ती विद्युत मांग को पूरा करने और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप पारेषण व्यवस्था को मजबूत बनाने में मदद मिलेगी।

निर्धारित आयु से दोगुने से अधिक समय तक किया काम

विद्युत प्राधिकरण के निर्धारित मानकों एवं दिशा-निर्देशों के अनुसार सामान्यतः पावर ट्रांसफार्मर की कार्यशील आयु 25 वर्ष मानी जाती है। इसके बावजूद इछावर का यह ट्रांसफार्मर लगभग 51 वर्षों तक विद्युत सेवा में कार्यरत रहा।

मध्यप्रदेश विद्युत मंडल, मध्यप्रदेश राज्य विद्युत मंडल और मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी के अभियंताओं एवं तकनीकी कार्मिकों ने समय-समय पर प्रिवेंटिव मेंटेनेंस, नियमित परीक्षण और उचित रखरखाव के जरिए इसकी कार्यशीलता बनाए रखी। इसी तकनीकी देखरेख के परिणामस्वरूप ट्रांसफार्मर अपनी निर्धारित कार्यशील आयु से दोगुने से भी अधिक समय तक बिजली व्यवस्था को सेवाएं देता रहा।

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