मध्यप्रदेश की पंजीकृत गौशालाओं तक पहुंचेगा सुदाना पशु आहार, चार सरकारी संस्थाओं के बीच हुआ समझौता सांची दुग्ध महासंघ और पशुधन एवं कुक्कुट विकास निगम करेंगे पशु आहार की आपूर्ति, निराश्रित गोवंश के पोषण की व्यवस्था होगी मजबूत

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  • Nov 04, 2026
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भोपाल, 4 नवंबर 2026।

 मध्यप्रदेश की पंजीकृत गौशालाओं में संरक्षित निराश्रित गोवंश के बेहतर भरण-पोषण और पोषण व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए पशुपालन एवं डेयरी विभाग ने महत्वपूर्ण पहल की है। इसके तहत अब प्रदेश की पंजीकृत गौशालाओं तक सुदाना पशु आहार पहुंचाया जाएगा।

इस व्यवस्था को लागू करने के लिए बुधवार को संचालनालय पशुपालन एवं डेयरी विभाग में आयोजित बैठक में पशुपालन एवं डेयरी विभाग, मध्यप्रदेश गौसंवर्धन बोर्ड, मध्यप्रदेश राज्य दुग्ध महासंघ (सांची) और मध्यप्रदेश पशुधन एवं कुक्कुट विकास निगम के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए।

सांची और पशुधन विकास निगम करेंगे आपूर्ति

अनुबंध के अनुसार, राज्य सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप सांची दुग्ध महासंघ, भोपाल और मध्यप्रदेश पशुधन एवं कुक्कुट विकास निगम द्वारा पंजीकृत गौशालाओं तक सुदाना पशु आहार उपलब्ध कराया जाएगा। इससे गौशालाओं में आश्रित निराश्रित गोवंश के भरण-पोषण की व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी।

बैठक में इन अधिकारियों की रही मौजूदगी

बैठक में मध्यप्रदेश गौसंवर्धन बोर्ड के प्रबंध संचालक एवं पशुपालन एवं डेयरी विभाग के संचालक पी.एस. पटेल, मध्यप्रदेश राज्य दुग्ध महासंघ, भोपाल के प्रबंध संचालक जयदीप बिस्वास, दुग्ध महासंघ के समूह प्रमुख (समन्वय) शुभांकर नंदा और मध्यप्रदेश पशुधन एवं कुक्कुट विकास निगम के कार्यपालिक संचालक प्रवीण शिंदे उपस्थित रहे।

इसके अलावा मध्यप्रदेश गौसंवर्धन बोर्ड के रजिस्ट्रार एवं पशुपालन एवं डेयरी विभाग के अनुपम अग्रवाल, गौसंवर्धन बोर्ड के अतिरिक्त उपसंचालक विनीत तिवारी तथा संचालनालय पशुपालन एवं डेयरी विभाग के अतिरिक्त उपसंचालक प्रियकांत पाठक सहित संबंधित संस्थाओं के विभागीय अधिकारी भी बैठक में शामिल हुए।

समन्वित प्रयासों से मजबूत होगा गौसंरक्षण

विभाग की यह पहल प्रदेश की गौशालाओं में गोवंश के समुचित भरण-पोषण की व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। विभिन्न शासकीय संस्थाओं के समन्वय से सुदाना पशु आहार की उपलब्धता सुनिश्चित होने पर गौशालाओं में संरक्षित निराश्रित गोवंश की पोषण व्यवस्था को बेहतर बनाने में सहायता मिलेगी।

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