छत्तीसगढ़ की 36 प्रतिभाओं को राज्य अलंकरण, अमित शाह ने किया सम्मानित

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  • Nov 03, 2026
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साहित्य से खेल और जनसेवा तक चमके प्रदेश के सितारे

राज्योत्सव के समापन समारोह में विभूतियों और संस्थाओं को मिले प्रतिष्ठित पुरस्कार

 पत्रकारिता, लोककला, संस्कृति, कृषि, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक समरसता में उत्कृष्ट योगदान का सम्मान

 

रायपुर, 3 नवंबर 2026। छत्तीसगढ़ की 26वीं स्थापना वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित राज्योत्सव के समापन समारोह में प्रदेश की प्रतिभाओं और संस्थाओं के योगदान को राज्य के सर्वोच्च सम्मानों में शामिल राज्य अलंकरण से सम्मानित किया गया। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नवा रायपुर में आयोजित समारोह में साहित्य, कला, संस्कृति, पत्रकारिता, खेल, कृषि, समाजसेवा, शिक्षा, सहकारिता, श्रम, जनजातीय उत्थान और महिला सशक्तिकरण सहित विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाली 36 विभूतियों एवं संस्थाओं को सम्मान प्रदान किया। इन पुरस्कारों के माध्यम से प्रदेश की लोक परंपराओं, सामाजिक चेतना, रचनात्मकता और जनसेवा के क्षेत्र में योगदान देने वाली प्रतिभाओं को प्रतिष्ठित पहचान मिली।

सामाजिक चेतना, आदिवासी उत्थान और महिला सशक्तिकरण

शहीद वीरनारायण सिंह स्मृति सम्मान आदिवासी सामाजिक चेतना एवं उत्थान के लिए धमतरी जिले के डुमन लाल ध्रुव को प्रदान किया गया। यति यतनलाल सम्मान अहिंसा एवं गोरक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य के लिए दुर्ग जिले के विश्व गीता धेनू गोविन्द पक्षी सेवा धाम, कुम्हारी को मिला।
मिनीमाता सम्मान महिला उत्थान एवं जनजागृति के लिए गरियाबंद के लोक आस्था सेवा संस्थान (लता नेताम) को दिया गया। गुरु घासीदास सामाजिक चेतना एवं अनुसूचित जाति उत्थान सम्मान कबीरधाम जिले के सुखचंद भास्कर को प्रदान किया गया। वहीं, महाराजा अग्रसेन सम्मान सामाजिक समरसता के लिए रायगढ़ जिले के बाबूलाल अग्रवाल को मिला।
डॉ. भंवरसिंह पोर्ते आदिवासी सेवा पुरस्कार आदिवासियों की सेवा और आर्थिक उत्थान में योगदान के लिए नवा रायपुर के श्री सत्य साईं संजीवनी अस्पताल (सी. श्रीनिवास यंगम) को प्रदान किया गया। माता बहादुर कलारिन सम्मान महिलाओं के उत्पीड़न के खिलाफ संघर्ष और नारी उत्थान के लिए कांकेर जिले की बुलबुल बैदया को मिला। संत रविदास सम्मान सामाजिक समरसता, साहित्य एवं काव्य के क्षेत्र में योगदान के लिए बालोद जिले के जगदीश प्रसाद देशमुख को प्रदान किया गया।

खेल और कृषि में उत्कृष्ट प्रदर्शन का सम्मान

खेल के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए कोरबा जिले की संजू देवी को गुण्डाधूर सम्मान दिया गया। तीरंदाजी में उल्लेखनीय उपलब्धियों के लिए बालोद जिले के टोमन कुमार को महाराजा प्रवीरचंद भंजदेव सम्मान से सम्मानित किया गया।
कृषि के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए कबीरधाम जिले के पुन्नीदास भट्ट को डॉ. खूबचंद बघेल कृषक रत्न पुरस्कार प्रदान किया गया। मत्स्य पालन में उत्कृष्ट कार्य के लिए बालोद जिले के प्रदीप कुमार सोनी को श्रीमती बिलासादेवी केंवट मत्स्य विकास पुरस्कार मिला। ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कबीरधाम जिले के सत्येन्द्र कुमार उपाध्याय 'सन्नी' को चेंदरू राज्य ग्रामीण पर्यटन पुरस्कार प्रदान किया गया।

साहित्य, भाषा और पत्रकारिता की प्रतिभाओं को सम्मान

हिन्दी साहित्य में उत्कृष्ट योगदान के लिए रायगढ़ जिले के डॉ. बिहारीलाल साहू को पं. सुन्दरलाल शर्मा सम्मान दिया गया। संस्कृत भाषा के क्षेत्र में योगदान के लिए रायपुर जिले के डॉ. बहुरन सिंह पटेल को राजेश्री महंत वैष्णवदास जी महाराज संस्कृत भाषा पुरस्कार मिला।
आंचलिक साहित्य एवं लोक कविता के लिए दुर्ग जिले के दुर्गा प्रसाद पारकार को लाला जगदलपुरी साहित्य पुरस्कार प्रदान किया गया। रचनात्मक लेखन और हिन्दी भाषा के क्षेत्र में योगदान के लिए गाजियाबाद, उत्तर प्रदेश के वरिष्ठ पत्रकार एवं लेखक अनंत विजय को पंडित माधव राव सप्रे राष्ट्रीय रचनात्मकता सम्मान से सम्मानित किया गया।
पत्रकारिता के क्षेत्र में तीन सम्मान प्रदान किए गए। हिन्दी प्रिंट मीडिया में उत्कृष्ट योगदान के लिए रायपुर जिले के प्रमोद कुमार साहू को चन्दूलाल चन्द्राकर स्मृति पत्रकारिता पुरस्कार मिला। हिन्दी इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के लिए बरुण सखाजी और रसिका पांडेय को संयुक्त रूप से यह पुरस्कार प्रदान किया गया। अंग्रेजी प्रिंट मीडिया में योगदान के लिए रायपुर के शिशिर रॉय चौधरी को मधुकर खेर स्मृति पत्रकारिता पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

लोककला, संगीत और रंगमंच को मिली पहचान

समकालीन रंगकर्म तथा छत्तीसगढ़ी, हिन्दी एवं अन्य भाषा के नाटकों में योगदान के लिए रायपुर जिले के डॉ. पुरुषोत्तम चन्द्राकर को हबीब तनवीर सम्मान प्रदान किया गया। शास्त्रीय संगीत एवं नृत्य के क्षेत्र में योगदान के लिए डॉ. एम. श्रीराम मूर्ति को चक्रधर सम्मान मिला।
लोक नाट्य एवं लोक शिल्प के लिए रायपुर जिले की रेखा जलक्षत्री को दाऊ मंदराजी सम्मान प्रदान किया गया। छत्तीसगढ़ी लोकगीत के क्षेत्र में योगदान के लिए दुर्ग जिले की साधना यादव को लक्ष्मण मस्तुरिया सम्मान मिला। पंथी नृत्य के लिए आरंग, रायपुर के सी.एल. रात्रे को देवदास बंजारे स्मृति पंथी नृत्य पुरस्कार दिया गया। छत्तीसगढ़ी लोक संगीत में योगदान के लिए रायपुर जिले के चंद्रभूषण वर्मा को खुमान साव सम्मान प्रदान किया गया।
पंडवानी कला के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए दुर्ग जिले के पाहंदा निवासी चेतन लाल देवांगन को डॉ. तीज़न बाई सम्मान से सम्मानित किया गया।

सिनेमा, विधि, चिकित्सा और सहकारिता में योगदान

हिन्दी एवं छत्तीसगढ़ी सिनेमा में रचनात्मक लेखन, निर्देशन, अभिनय, पटकथा और निर्माण के लिए रायपुर जिले के सैयद ताहिर अली (करन खान) को किशोर साहू सम्मान प्रदान किया गया। इसी क्षेत्र में निर्देशन के लिए रायपुर के मोहन सुंदरानी को किशोर साहू राष्ट्रीय अलंकरण से सम्मानित किया गया।
विधि के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए मयूर विहार, दिल्ली के कौस्तुभ शुक्ला और रायपुर के हेमन्त कुमार मिश्र को संयुक्त रूप से बैरिस्टर ठाकुर छेदीलाल सम्मान दिया गया। आयुर्वेद चिकित्सा शिक्षा, शोध एवं अनुसंधान में योगदान के लिए धमतरी जिले के डॉ. दिनेश कुमार नाग को धन्वन्तरि सम्मान प्रदान किया गया।
सहकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए बस्तर जिले की प्राथमिक कुडुक मछुवा सहकारी समिति मर्यादित, चित्रकोट (धनसिंह बघेल) को ठाकुर प्यारेलाल सिंह पुरस्कार मिला। सामाजिक, शैक्षणिक और आर्थिक क्षेत्र में योगदान के लिए बिलासपुर के नेहरू नगर स्थित तेजस्विनी सेवा प्रतिष्ठान को पंडित रविशंकर शुक्ल सम्मान प्रदान किया गया।

श्रम, अपराध अनुसंधान और प्रवासी भारतीय योगदान भी सम्मानित

श्रम के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए बलौदाबाजार जिले के अल्ट्राटेक सीमेंट लिमिटेड, यूनिट कुकुरडीह, सीमेंट वर्क्स, सरकीपार को स्व. रामानुज प्रताप सिंहदेव स्मृति श्रम यशस्वी पुरस्कार प्रदान किया गया। अपराध अनुसंधान के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए रायपुर के उप पुलिस अधीक्षक सुरेश कुमार ध्रुव को पंडित लखनलाल मिश्र सम्मान मिला।
देश के बाहर रहकर सामाजिक कल्याण, साहित्य, मानव संसाधन, निकाय अथवा आर्थिक क्षेत्र में योगदान के लिए दंतेवाड़ा जिले की दीपाली सरावगी को छत्तीसगढ़ अप्रवासी भारतीय सम्मान से सम्मानित किया गया।
राज्य अलंकरण समारोह में प्रदेश के विभिन्न जिलों के साथ दिल्ली और उत्तर प्रदेश की प्रतिभाओं को भी सम्मानित किया गया। समारोह ने छत्तीसगढ़ की साहित्यिक, सांस्कृतिक और लोककलात्मक विरासत के साथ सामाजिक समरसता, जनजातीय उत्थान, महिला सशक्तिकरण और जनसेवा के क्षेत्र में काम करने वाली विभूतियों के योगदान को व्यापक पहचान दी। राज्योत्सव के समापन पर आयोजित यह सम्मान समारोह नई पीढ़ी को समाज और प्रदेश के विकास में रचनात्मक भूमिका निभाने की प्रेरणा देने वाला अवसर बना।

 

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