नक्सलमुक्त छग अब विकास और पर्यटन की नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ेगा : अमित शाह

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  • Nov 03, 2026
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राज्योत्सव के समापन समारोह में बोले गृह मंत्री शाह- 90 प्रतिशत नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण

 नवा रायपुर में लगाए जाएंगे 5 लाख पीपल, बनेगा दुनिया का सबसे बड़ा पर्यावरण-मित्र शहर

रायपुर, 3 नवंबर। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि छत्तीसगढ़ अब नक्सलमुक्त होकर विकास के नए दौर में प्रवेश कर चुका है। आने वाले दिनों में यह देश के शीर्ष तीन पर्यटन राज्यों में शामिल होगा। राज्य की जनता को भय से भरोसे और संसाधनों से समृद्धि की ओर ले जाना सरकार का लक्ष्य है। नवा रायपुर में 5 लाख पीपल के पेड़ लगाए जाएंगे और इसे ‘पीपल सिटी’ के रूप में दुनिया का सबसे बड़ा पर्यावरण-मित्र शहर बनाया जाएगा। शाह मंगलवार को रायपुर में छत्तीसगढ़ राज्योत्सव के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

अटल बिहारी वाजपेयी ने बनाया छत्तीसगढ़, मोदी ने संवारा

अमित शाह ने छत्तीसगढ़ राज्य की स्थापना के लिए पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वर्ष 2000 में अटल जी ने छत्तीसगढ़ को अलग राज्य की पहचान दी। उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के साथ लंबे समय तक अन्याय हुआ और इस क्षेत्र का विकास रुका रहा। राज्य बनने के समय यह जानते हुए भी कि विपक्षी दल के नेता मुख्यमंत्री बन सकते हैं, भाजपा ने इसकी चिंता नहीं की। अटल जी ने छत्तीसगढ़ बनाया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे संवारा है।
उन्होंने कहा कि आज का दिन गौरव, सिद्धि और संकल्प का है। गौरव अटल जी की विरासत का है, सिद्धि नक्सलमुक्त छत्तीसगढ़ और नक्सलमुक्त भारत के संकल्पों की है तथा संकल्प प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में विकसित छत्तीसगढ़ बनाने का है।

नक्सलमुक्ति के लिए सुरक्षा बलों को साधुवाद

गृह मंत्री ने छत्तीसगढ़ की जनता, विशेषकर आदिवासी भाई-बहनों को नक्सलमुक्ति की शुभकामनाएं दीं और इस सफलता के लिए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ) तथा छत्तीसगढ़ पुलिस को साधुवाद दिया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की जनता ने विपक्षी दल को हटाकर भाजपा को जनादेश दिया। इसके दो महीने के भीतर ही सरकार ने नक्सल उन्मूलन का संकल्प लिया और देश को नक्सलमुक्त बनाने की दिशा में निर्णायक सफलता हासिल की।
उन्होंने कहा कि जिस धरती पर सांस्कृतिक गलियारा होना चाहिए था, वहां रेड कॉरिडोर बना दिया गया। जिन जंगलों में महुआ, तेंदूपत्ता और लोकगीतों की गूंज होनी चाहिए थी, वहां बारूदी सुरंगें बिछाई गईं। जिस बच्चे के हाथ में कलम होनी चाहिए थी, उसे स्कूल से अगवा कर बंदूक थमा दी गई। जहां स्कूल की घंटी बजनी चाहिए थी, वहां स्कूल की इमारत उड़ा दी गई। विकास के लिए सड़क बनाने वाले को उसके परिवार के सामने जिंदा जला दिया गया।
मानवाधिकार के नाम पर नक्सलवाद का समर्थन करने वालों से सवाल करते हुए शाह ने कहा कि क्या मानवाधिकार केवल बंदूक लेकर विकास रोकने वालों का होता है? क्या गरीब आदिवासियों का मानवाधिकार नहीं है? उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने साबित किया है कि गरीब आदिवासियों के भी मानवाधिकार हैं। पिछले 30 वर्षों में बम धमाकों में जिन लोगों के हाथ-पैर चले गए, उन्हें कृत्रिम अंग देकर फिर से अपने पैरों पर खड़ा करने और उनका जीवन आसान बनाने का प्रयास किया गया है।

आत्मसमर्पण की नीति से 90 प्रतिशत नक्सलियों ने डाले हथियार

अमित शाह ने आरोप लगाया कि विपक्षी दल ने हमेशा नक्सलवाद का समर्थन किया। उन्होंने वर्ष 2010 में विपक्षी दल की केंद्र सरकार के एक वरिष्ठ मंत्री के उस बयान का उल्लेख किया, जिसमें कहा गया था कि नक्सलियों को हथियार डालने की जरूरत नहीं, बस उत्पात नहीं करना चाहिए। शाह ने कहा कि हिंसा इस तरह नहीं रुक सकती। उन्होंने स्पष्ट किया था कि जो नक्सली आत्मसमर्पण करना चाहते हैं, वे हथियार डालकर मुख्यधारा में लौटें, अन्यथा सुरक्षा बल उनसे मुकाबला करेंगे।
उन्होंने कहा कि इस नीति का परिणाम यह रहा कि केवल 10 प्रतिशत नक्सली मारे गए, जबकि 90 प्रतिशत ने आत्मसमर्पण किया। आज देश नक्सलमुक्त हो चुका है। उन्होंने कहा कि कानून का पालन करने वालों के साथ नागरिकों जैसा व्यवहार होगा, लेकिन कानून तोड़ने वालों के खिलाफ बस्तर, पूर्वोत्तर या कश्मीर कहीं भी सुरक्षा बल नागरिकों की रक्षा के लिए कार्रवाई करेंगे।

समानांतर सरकार चलाकर निर्दोषों को दी गई फांसी

गृह मंत्री ने कहा कि विपक्षी दल हमेशा गैर-संवैधानिक व्यवस्थाओं के साथ खड़ा रहा है। छत्तीसगढ़ में नक्सलियों ने ‘जनताना सरकार’ बनाकर अलग गृह मंत्री, मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री तक नियुक्त कर रखे थे। उन्होंने सवाल किया कि कौन-सा संविधान ऐसी समानांतर सरकार चलाने की अनुमति देता है और किसने उन्हें न्याय करने का अधिकार दिया? नक्सलियों ने कई निर्दोष पत्रकारों, समाजसेवियों और विद्यार्थियों को पेड़ों पर लटकाकर फांसी दे दी।
शाह ने आरोप लगाया कि विपक्ष के नेता संसद में ऐसी गैर-संवैधानिक व्यवस्था का समर्थन करते रहे हैं। पहले नकली ‘जनताना सरकार’ का समर्थन किया गया और अब नकली संसद आयोजित कर संसद का मजाक बनाया जा रहा है। उन्होंने विपक्ष के नेता के आचरण को असंवैधानिक बताते हुए कहा कि हाथ में संविधान लेकर घूमने से उसका सम्मान नहीं होता, बल्कि आचरण भी संवैधानिक होना चाहिए।

संसद चलने दे विपक्ष, हर मुद्दे पर चर्चा को तैयार सरकार

अमित शाह ने कहा कि मोदी सरकार हर मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है। सरकार संसद का विशेष सत्र बुलाकर एसआईआर पर चर्चा के लिए भी तैयार है। उन्होंने विपक्ष से संसद चलने देने और देश की जनता के सामने चर्चा करने की चुनौती दी। शाह ने कहा कि संसद को रोककर रखने के बजाय चर्चा होनी चाहिए, ताकि जनता को पता चल सके कि सच कौन बोल रहा है और झूठ कौन।

छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति को मिल रही नई पहचान

गृह मंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ के विकास में योगदान देने वाले विभिन्न क्षेत्रों के लोगों को राज्योत्सव में सम्मानित किया गया। गुरु घासीदास का संदेश और गुरु नानक देव की सेवा, समानता तथा सच्चाई की सीख छत्तीसगढ़ के संस्कार हैं। राज्य सरकार छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति को जीवंत रखने के लिए छत्तीसगढ़ पंडुम और बस्तर ओलंपिक का आयोजन कर रही है।
उन्होंने कहा कि पंथी, पांडवानी, राउत नाचा, कर्मा और सैला नृत्य जैसी सांस्कृतिक धरोहरों के साथ ढोकरा कला, बेल मेटल, काष्ठ शिल्प और कोसा जैसी कलाओं तथा बस्तर दशहरे की 75 दिन चलने वाली अनूठी परंपरा को नई पहचान मिली है। बस्तर पंडुम और बस्तर ओलंपिक के माध्यम से लाखों युवाओं ने आदिवासी खेलों में भाग लेकर अपनी संस्कृति को पुनर्जीवित किया है। बस्तर पंडुम ने क्षेत्र की वेशभूषा, खान-पान, गीत और नृत्य को फिर से जीवंत किया है। आदिवासी क्षेत्रों के विकास की लंबे समय से अधूरी कल्पना को भी अब पूरा करने की दिशा में काम हो रहा है।

सरकार ने 70 प्रतिशत से अधिक गारंटियां पूरी कीं

शाह ने कहा कि मुख्यमंत्री और दोनों उप मुख्यमंत्रियों की टीम ने कम समय में प्रधानमंत्री मोदी की 70 प्रतिशत से अधिक गारंटियां पूरी कर दी हैं। महतारी वंदन योजना की 33वीं किस्त माताओं-बहनों के खातों में भेजी जा चुकी है। धान खरीदी जारी है और कृषि, वनोपज, पशुपालन तथा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) जैसे क्षेत्र अपने लक्ष्य हासिल कर रहे हैं।

चित्रकोट और तीरथगढ़ सहित पर्यटन स्थलों में अपार संभावनाएं

गृह मंत्री ने कहा कि नक्सलमुक्त छत्तीसगढ़ आने वाले दिनों में देश के शीर्ष तीन पर्यटन राज्यों में शामिल होगा। चित्रकोट जलप्रपात, तीरथगढ़ जलप्रपात, कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान, मां बम्लेश्वरी, दंतेवाड़ा की मां दंतेश्वरी और बस्तर दशहरा जैसे स्थल दुनिया भर के पर्यटकों को आकर्षित करने की क्षमता रखते हैं। उन्होंने कहा कि अब यहां विकास की नई बयार बह रही है। नक्सलवाद पर दूर बैठकर लेख लिखने और सलाह देने वालों को छत्तीसगढ़ आकर आदिवासी क्षेत्रों की वास्तविक स्थिति देखने तथा यहां के लोगों के दर्द पर भी लिखने का आमंत्रण दिया।

धरती और लोग दोनों होंगे समृद्ध

अमित शाह ने कहा कि पहले छत्तीसगढ़ के बारे में कहा जाता था कि यहां की धरती अमीर है, लेकिन लोग गरीब हैं। अगले 10 वर्षों में यहां धरती और लोग दोनों समृद्ध होंगे। यह सरकार का लक्ष्य है। उन्होंने बताया कि राज्य का वार्षिक बजट 30 गुना, प्रति व्यक्ति आय 17 गुना और सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) 25 गुना बढ़ा है।
उन्होंने कहा कि राज्य में आईटीआई संस्थानों की संख्या दोगुनी, इंजीनियरिंग कॉलेजों की तीन गुनी और पॉलिटेक्निक कॉलेजों की संख्या छह गुनी हुई है। महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों की संख्या भी छह गुना बढ़ी है। साक्षरता दर 65 प्रतिशत से बढ़कर 79 प्रतिशत तक पहुंची है।
शाह ने कहा कि छत्तीसगढ़ में भाजपा सरकार का चौथा कार्यकाल प्रदेश को भय से भरोसे और संसाधनों से समृद्धि की ओर ले जाएगा। संभावनाओं को उपलब्धियों में बदलकर स्वाभिमानी लोगों और समृद्ध धरती वाला खुशहाल छत्तीसगढ़ बनाया जाएगा।

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