दरभंगा में सामाजिक सद्भाव गोष्ठी, धार्मिक संस्थाओं से मिलकर समाजहित में कार्य करने का आह्वान

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  • Oct 18, 2026
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संघ के सह सरकार्यवाह डॉ. कृष्ण गोपाल ने परस्पर संवाद और समन्वय पर दिया जोर, पंच परिवर्तन के पांच आयामों को समाज जीवन में अपनाने की अपील

दरभंगा।

 राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में शनिवार को दरभंगा में सामाजिक सद्भाव विचार गोष्ठी सह संवाद का आयोजन किया गया। इसमें संघ के सह सरकार्यवाह डॉ. कृष्ण गोपाल उपस्थित रहे। कार्यक्रम में दरभंगा विभाग की 40 से अधिक धार्मिक एवं आध्यात्मिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों के साथ साधु-संतों, महंतों, संन्यासियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने सहभागिता की।

गोष्ठी का उद्देश्य सनातन परंपरा के जीवन मूल्यों, सामाजिक समरसता तथा समाजहित में धार्मिक एवं आध्यात्मिक संस्थाओं की भूमिका पर विचार-विमर्श करना और सामूहिक प्रयासों को प्रोत्साहित करना था।

संवाद और सहयोग से व्यापक होंगे समाजसेवा के प्रयास

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, दरभंगा महानगर की ओर से आयोजित गोष्ठी में डॉ. कृष्ण गोपाल ने कहा कि विभिन्न धार्मिक एवं आध्यात्मिक संस्थाएं अपने-अपने स्तर पर सराहनीय कार्य कर रही हैं। यदि इन प्रयासों को परस्पर सहयोग और समन्वय के साथ आगे बढ़ाया जाए, तो उनका प्रभाव और व्यापक हो सकता है।

उन्होंने धार्मिक एवं आध्यात्मिक संस्थाओं के बीच नियमित संवाद बनाए रखने, आपसी सहयोग बढ़ाने और समाजहित के कार्यों को मिलकर आगे बढ़ाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि नियमित बैठकें आयोजित करने से सामाजिक समन्वय मजबूत होगा और लोक कल्याण के प्रयासों को व्यापक स्वरूप दिया जा सकेगा।

भारतीय समाज के संस्कार निर्माण में साधु-संतों की भूमिका

सह सरकार्यवाह ने कहा कि साधु-संतों ने भारतीय समाज को संस्कारित करने, सांस्कृतिक चेतना बनाए रखने और लोकमंगल की भावना जागृत करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। सेवा, सदाचार, करुणा, आत्मानुशासन और लोककल्याण जैसे जीवन मूल्य समाज को सकारात्मक दिशा प्रदान करते हैं।

उन्होंने इन मूल्यों को दैनिक आचरण में अपनाने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि इससे समाज में सद्भाव, आत्मीयता और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना मजबूत होती है।

संवाद के दौरान विभिन्न मठों, मंदिरों और आध्यात्मिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने अपनी गतिविधियों, सामाजिक योगदान और भविष्य में सामूहिक रूप से किए जा सकने वाले कार्यों पर विचार साझा किए।

पंच परिवर्तन के पांच आयामों को अपनाने पर जोर

गोष्ठी में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की ओर से प्रतिपादित पंच परिवर्तन के पांच प्रमुख आयामों को समाज जीवन में अपनाने की आवश्यकता पर जोर दिया गया। इनमें सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण, स्व का बोध और नागरिक कर्तव्य शामिल हैं।

कार्यक्रम में इन आयामों को व्यक्तिगत आचरण, पारिवारिक जीवन और सामाजिक गतिविधियों का हिस्सा बनाकर सकारात्मक सामाजिक परिवर्तन की दिशा में काम करने का आह्वान किया गया।

40 से अधिक धार्मिक एवं आध्यात्मिक संस्थाओं की सहभागिता

कार्यक्रम में आर्य समाज, पतंजलि, प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय, रामकृष्ण मिशन, आनंद मार्ग, दिव्य ज्योति जागृति संस्थान, संत निरंकारी मिशन, आर्ट ऑफ लिविंग, इस्कॉन, गायत्री परिवार, महर्षि मेंही आश्रम, बिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षद, गुरुद्वारा कमेटी और जिला दुर्गा पूजा समन्वय समिति सहित अन्य धार्मिक एवं आध्यात्मिक संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का समापन कल्याण मंत्र के साथ हुआ।

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