भारत-आसियान व्यापार समझौते को नया रूप देने की तैयारी तेज, जनवरी में भारत में होगी अगली बैठक

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  • Oct 09, 2026
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जकार्ता में 15वीं संयुक्त समिति की बैठक में लंबित मुद्दे जल्द सुलझाने पर जोर; व्यापार बढ़ाने और संतुलित समझौते के लिए समयबद्ध लक्ष्य तय करने के निर्देश


जकार्ता, 9 अक्टूबर। भारत और दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों के संगठन आसियान ने आपसी व्यापार को नई गति देने और व्यापार समझौते को मौजूदा आर्थिक जरूरतों के अनुरूप बनाने की दिशा में बातचीत तेज कर दी है। इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता स्थित आसियान सचिवालय में 6 से 9 अक्टूबर तक आयोजित आसियान-भारत वस्तु व्यापार समझौते (एआईटीआईजीए) की 15वीं संयुक्त समिति की बैठक में लंबित मुद्दों का शीघ्र समाधान करने, वार्ता के शेष अध्यायों को पूरा करने और ठोस प्रगति के लिए समयबद्ध लक्ष्य तय करने पर जोर दिया गया। बैठक में दोनों पक्षों ने संतुलित, रचनात्मक और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप समझौते को आधुनिक बनाने तथा आर्थिक एकीकरण और आपसी व्यापार मजबूत करने की साझा प्रतिबद्धता दोहराई। बैठक और इससे जुड़ी अन्य चर्चाएं हाइब्रिड प्रारूप में आयोजित की गईं।
भारत-मलेशिया ने की बैठक की सह-अध्यक्षता
15वीं संयुक्त समिति की सह-अध्यक्षता भारत के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के वाणिज्य विभाग के अपर सचिव नितिन कुमार यादव और मलेशिया के निवेश, व्यापार एवं उद्योग मंत्रालय की उप महासचिव (व्यापार) मस्तुरा अहमद मुस्तफा ने की। बैठक में आसियान के सभी दस सदस्य देशों—ब्रुनेई, कंबोडिया, इंडोनेशिया, लाओ पीडीआर, मलेशिया, म्यांमार, फिलीपींस, सिंगापुर, थाईलैंड और वियतनाम—के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। बैठक का उद्देश्य समझौते की समीक्षा और जारी वार्ताओं की प्रगति का आकलन करना था।
तीन उप-समितियों ने भी की चर्चा
संयुक्त समिति के अंतर्गत गठित आठ उप-समितियों में से तीन की बैठकें इस दौरान हाइब्रिड प्रारूप में हुईं। इनमें कानूनी एवं संस्थागत मुद्दों पर उप-समिति (एससी-एलआईआई), गैर-टैरिफ उपायों से संबंधित उप-समिति (एससी-एनटीएमए) और उत्पत्ति के नियमों पर उप-समिति (एससी-आरओओ) शामिल हैं। इन बैठकों में दोनों पक्षों के बीच सहयोग बढ़ाने, आपसी समझ मजबूत करने और लंबित विषयों पर रचनात्मक संवाद आगे बढ़ाने के लिए विचार-विमर्श किया गया।
लंबित अध्याय जल्द पूरे करने का लक्ष्य
संयुक्त समिति ने सभी उप-समितियों को समझौते की समीक्षा के तहत लंबित अध्यायों को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। साथ ही, स्पष्ट और समयबद्ध लक्ष्य तय करने तथा प्रगति को मापने योग्य बनाने के लिए आपसी समन्वय मजबूत करने पर जोर दिया गया। भारत और आसियान ने लंबित नीतिगत मुद्दों को सुलझाने तथा दोनों पक्षों के लिए लाभकारी व्यवस्था विकसित करने की प्रतिबद्धता जताई। इसका उद्देश्य समझौते को आधुनिक बनाकर आर्थिक एकीकरण को बढ़ावा देना और द्विपक्षीय व्यापार को अधिक मजबूत आधार देना है।
जनवरी 2027 में भारत में अगली बैठक
एआईटीआईजीए संयुक्त समिति की अगली बैठक जनवरी 2027 में भारत में हाइब्रिड प्रारूप में आयोजित की जाएगी। इसमें विभिन्न उप-समितियों की ओर से हुई प्रगति की समीक्षा की जाएगी और वार्ता को समय पर पूरा करने के लिए आगे की दिशा तय की जाएगी।

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