आईपीयू में पाकिस्तान को भारत का करारा जवाब: हरिवंश बोले- कश्मीर पर टिप्पणी का कोई अधिकार नहीं

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  • Oct 07, 2026
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153वीं आईपीयू विधानसभा में हरिवंश ने कश्मीर को बताया भारत का अभिन्न-अविभाज्य अंग

 

भारतीय सांसदों ने लोकतंत्र, मानवाधिकार, शांति, आतंकवाद और सैन्य एआई पर रखा पक्ष

अरुशा, तंजानिया | 7 अक्टूबर 2026

कश्मीर पर पाकिस्तान की टिप्पणी का भारत ने अंतरराष्ट्रीय संसदीय मंच से करारा जवाब दिया। तंजानिया के अरुशा में चल रही 153वीं अंतर-संसदीय संघ (आईपीयू) विधानसभा में राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश ने जवाब देने के अधिकार का इस्तेमाल करते हुए साफ कहा कि कश्मीर भारत का अभिन्न और अविभाज्य अंग है। उन्होंने दोटूक कहा कि पाकिस्तान को भारत के आंतरिक मामलों पर टिप्पणी करने का कोई अधिकार नहीं है।विधानसभा के दूसरे दिन भारतीय संसदीय प्रतिनिधिमंडल ने कश्मीर के मुद्दे के साथ-साथ स्वास्थ्य, लोकतंत्र, मानवाधिकार, शांति, अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा, आतंकवाद, महत्वपूर्ण खनिज और सैन्य कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसे अहम विषयों पर भी सक्रिय भागीदारी की।

कश्मीर पर हरिवंश का स्पष्ट संदेश—भारत के आंतरिक मामलों में दखल मंजूर नहीं

153वीं आईपीयू विधानसभा की बैठकों में शामिल हुए राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश ने पाकिस्तान की ओर से कश्मीर को लेकर की गई कुछ अनुचित टिप्पणियों पर जवाब देने के अधिकार का प्रयोग किया।उन्होंने विधानसभा में स्पष्ट किया कि कश्मीर भारत का अभिन्न और अविभाज्य अंग है। साथ ही कहा कि पाकिस्तान को भारत के आंतरिक मामलों पर टिप्पणी करने का कोई अधिकार नहीं है।इस तरह भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने आईपीयू के मंच से कश्मीर को लेकर भारत की स्थिति को स्पष्ट और मजबूती से रखा।

स्वास्थ्य समिति में डॉ. संजय जायसवाल की भागीदारी

लोकसभा सांसद और आईपीयू की स्वास्थ्य संबंधी समिति के सदस्य डॉ. संजय जायसवाल ने समिति के सत्रों में भाग लिया। उन्होंने समिति के साथ आयोजित क्षेत्रीय दौरे में भी हिस्सा लिया।

दिव्यांगजनों के अधिकार और समावेशी विकास पर अनुराग ठाकुर ने रखा पक्ष

लोकसभा सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने लोकतंत्र और मानवाधिकार संबंधी स्थायी समिति की बैठक में भागीदारी की। उन्होंने ‘सभी के लिए समावेशी सामाजिक विकास: दिव्यांगजनों के अधिकारों और सशक्तीकरण को बढ़ावा देने के लिए संसदीय रणनीतियां’ विषय पर मसौदा प्रस्ताव को लेकर हुई बहस में भी हिस्सा लिया।चर्चा में दिव्यांगजनों के अधिकारों और उनके सशक्तीकरण के लिए संसदीय स्तर पर प्रभावी रणनीतियों की जरूरत पर मंथन हुआ।

स्थायी शांति के लिए संसदीय कूटनीति पर चर्चा

लोकसभा सांसद कमलजीत सहरावत ने शांति और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा संबंधी स्थायी समिति की बैठक में भाग लिया। उन्होंने ‘शांतिपूर्ण भविष्य को आकार देना: स्थायी शांति के लिए संसदीय कूटनीति, मध्यस्थता और संवाद’ विषय पर हुई बहस में हिस्सा लिया।इस दौरान स्थायी शांति कायम करने में संसदों की भूमिका, संवाद और मध्यस्थता के जरिए विवादों के समाधान जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई।

सैन्य एआई के दौर में संसदों की भूमिका पर मंथन

राज्यसभा सांसद डॉ. सस्मित पात्रा ने ‘सैन्य कृत्रिम बुद्धिमत्ता के युग में शांति बनाए रखने में संसदों की भूमिका’ विषय पर आयोजित पैनल चर्चा में हिस्सा लिया।उन्होंने लोकतंत्र और मानवाधिकार संबंधी स्थायी समिति की चर्चाओं में भी भागीदारी की। साथ ही संबंधित प्रस्ताव के मसौदे को तैयार करने में भी योगदान दिया।

आतंकवाद के खिलाफ संसदीय प्रतिक्रिया मजबूत करने पर कार्यशाला

लोकसभा सांसद एन.के. प्रेमचंद्रन ने ‘आतंकवाद के प्रति संसदीय प्रतिक्रिया को सुदृढ़ करना: आईपीयू संदर्भ प्रारूप प्रस्तुत करना’ विषय पर आयोजित कार्यशाला में भाग लिया।उन्होंने ‘साझा समृद्धि के लिए महत्वपूर्ण खनिज: संसदीय निगरानी को सुदृढ़ करना’ विषय पर आयोजित कार्यशाला में भी भागीदारी की। इस चर्चा में महत्वपूर्ण खनिजों से जुड़े मुद्दों और उन पर संसदीय निगरानी को मजबूत करने पर विचार-विमर्श हुआ।

भारतीय उच्चायोग ने प्रतिनिधिमंडल के सम्मान में किया सांस्कृतिक कार्यक्रम

विधानसभा के दूसरे दिन की गतिविधियों के बाद शाम को भारतीय उच्चायोग ने भारतीय संसदीय प्रतिनिधिमंडल के सम्मान में एक सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया।कार्यक्रम के बाद भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने भारतीय प्रवासी समुदाय के साथ संवाद किया। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने प्रवासी भारतीयों से बातचीत की और उनके साथ विभिन्न विषयों पर विचार साझा किए।

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