सेवा सेतु शिविर बना सहारा, दिव्यांग बच्ची यमुना का मौके पर हुआ आधार पंजीयन

  • Admin
  • Oct 09, 2026
  • 6,325 views

सेवा संकल्प अभियान के तहत प्रशासन की संवेदनशील पहल, घर के नजदीक सुविधा मिलने से परिवार को दूसरे स्थानों पर भटकने से मिली राहत

उत्तर बस्तर कांकेर, 09 अक्टूबर 2026।

शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने और जरूरतमंदों की समस्याओं का त्वरित निराकरण करने के उद्देश्य से कांकेर जिले में सेवा संकल्प अभियान के तहत सेवा सेतु शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। दूरस्थ क्षेत्रों में लगाए जा रहे ये शिविर आम नागरिकों के लिए राहत और सुविधा का माध्यम बन रहे हैं। इसी कड़ी में भानुप्रतापपुर विकासखंड के ग्राम तरांदुल में आयोजित शिविर में दिव्यांग बच्ची यमुना कावड़े का तत्काल आधार पंजीयन कराया गया, जिससे बच्ची और उसके परिवार को बड़ी राहत मिली।

कलेक्टर के मार्गदर्शन में जरूरतमंदों को मिल रहीं सेवाएं

कलेक्टर कुन्दन कुमार के मार्गदर्शन में जिले में आयोजित सेवा सेतु शिविर शासन और आम जनता के बीच सीधा संपर्क स्थापित कर रहे हैं। इन शिविरों में पात्र हितग्राहियों की समस्याओं का निराकरण करने और उनकी जरूरत के अनुसार शासकीय सेवाएं उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

ग्राम तरांदुल में आयोजित शिविर के दौरान प्रशासन ने दिव्यांग बच्ची की आवश्यकता को प्राथमिकता देते हुए संवेदनशीलता के साथ त्वरित कार्रवाई की। शिविर में ही आधार पंजीयन की प्रक्रिया पूरी कराई गई, जिससे परिवार को आवश्यक दस्तावेज बनवाने के लिए अन्य स्थानों पर जाने की परेशानी से राहत मिली।

आधार पंजीयन से शासकीय योजनाओं तक पहुंच होगी आसान

आधार कार्ड विभिन्न शासकीय योजनाओं और सेवाओं का लाभ प्राप्त करने के लिए महत्वपूर्ण दस्तावेज है। ऐसे में दिव्यांग बच्ची का समय पर आधार पंजीयन होना भविष्य में विभिन्न योजनाओं और सुविधाओं तक उसकी पहुंच आसान बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

दूरस्थ गांव में ही आधार पंजीयन की सुविधा मिलने से परिवार का समय और अतिरिक्त प्रयास बचा। यह पहल जरूरतमंद नागरिकों तक आवश्यक सेवाएं पहुंचाने और उनकी समस्याओं का प्राथमिकता से समाधान करने की प्रशासनिक प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

जनोन्मुखी प्रशासन की दिशा में पहल

सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित सेवा सेतु शिविरों का उद्देश्य केवल शासकीय योजनाओं की जानकारी देना ही नहीं, बल्कि पात्र हितग्राहियों को आवश्यक सेवाएं उपलब्ध कराकर उनकी समस्याओं का समाधान करना भी है।

इन शिविरों के माध्यम से शासन की सेवाओं को अधिक सुगम, सुलभ और जनोन्मुखी बनाने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले जरूरतमंद लोगों को भी समय पर सुविधाएं मिल सकें और वे शासकीय योजनाओं का लाभ उठा सकें।

सम्बन्धित खबरें