किरारी में बदली जिंदगी की तस्वीर: 821 घरों तक पहुंचा नल का पानी, महिलाओं को पानी ढोने से मिली राहत

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  • Oct 01, 2026
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 सक्ती, 1 अक्टूबर 2026। 

सक्ती जिले के डभरा विकासखंड का ग्राम किरारी कभी पेयजल के लिए लंबी जद्दोजहद के लिए जाना जाता था। सुबह की शुरुआत घर से दूर पानी की तलाश से होती थी और परिवार की जरूरत के लिए पानी जुटाने की जिम्मेदारी खासकर महिलाओं के हिस्से में रहती थी। गर्मियों में परेशानी और बढ़ जाती थी। हैंडपंप और कुओं पर लगने वाली कतारों में ग्रामीणों का काफी समय बीत जाता था।

अब गांव की तस्वीर बदल चुकी है। जल जीवन मिशन के तहत घर-घर नल कनेक्शन पहुंचने से 821 परिवारों को नियमित स्वच्छ पेयजल मिल रहा है। इससे ग्रामीणों की रोजमर्रा की जिंदगी आसान हुई है और महिलाओं को पानी लाने की मशक्कत से बड़ी राहत मिली है।

जल जीवन मिशन ने वर्षों पुरानी समस्या का किया समाधान

सेवा संकल्प अभियान के तहत सामने आई किरारी की यह बदलाव की कहानी लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा संचालित जल जीवन मिशन से जुड़ी है। सक्ती जिला मुख्यालय से करीब 45 किलोमीटर दूर स्थित इस गांव में मिशन के तहत वर्षों पुरानी पेयजल समस्या का स्थायी समाधान किया गया।

पहले ग्रामीण पेयजल के लिए हैंडपंप और कुओं पर निर्भर थे। विशेष रूप से महिलाओं को परिवार की जरूरत के लिए कई बार पानी लेने जाना पड़ता था। गर्मियों में जलस्रोतों पर लंबी कतारों के कारण परेशानी और बढ़ जाती थी। पानी जुटाने में लगने वाले समय का असर घरेलू कामकाज, आजीविका और बच्चों की पढ़ाई पर भी पड़ता था। पर्याप्त स्वच्छ पेयजल उपलब्ध नहीं होने से जलजनित बीमारियों का खतरा भी बना रहता था।

जल जीवन मिशन के तहत गांव में पाइप जल प्रदाय योजना स्वीकृत होने के बाद स्थिति बदलने लगी। उच्चस्तरीय जलागार का निर्माण किया गया, जलस्रोत विकसित किए गए और गांव में पाइपलाइन बिछाई गई। इसके बाद प्रत्येक परिवार को घरेलू नल कनेक्शन से जोड़ा गया।

योजना पूरी होने के बाद गांव के 821 परिवारों तक नल के माध्यम से पानी पहुंचने लगा है। योजना के तहत प्रतिदिन करीब 55 लीटर प्रति व्यक्ति की दर से पानी की आपूर्ति की जा रही है।

स्थानीय समिति संभाल रही जल व्यवस्था

पेयजल व्यवस्था को स्थानीय स्तर पर टिकाऊ बनाने के लिए ग्राम जल एवं स्वच्छता समिति (VWSC) का गठन किया गया है। समिति को योजना के संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी दी गई है। इससे पेयजल व्यवस्था के प्रबंधन में ग्रामीणों की स्थानीय सहभागिता भी सुनिश्चित हुई है।

करम बाई के लिए पानी लाने की भागदौड़ हुई खत्म

किरारी में बदलाव का असर गांव की निवासी करम बाई निषाद की दिनचर्या में साफ दिखाई देता है। पहले परिवार के लिए पानी जुटाने में उनका काफी समय और मेहनत लगती थी। कई बार उन्हें दिन में कई चक्कर लगाने पड़ते थे। इससे परिवार की देखभाल और आजीविका से जुड़े दूसरे कामों के लिए समय कम बचता था।

अब घर में नल कनेक्शन होने से उनकी दिनचर्या बदल गई है। पानी के लिए दूर जाने की जरूरत नहीं पड़ती और बचा समय वे परिवार तथा आजीविका से जुड़े कामों में लगा पा रही हैं।

करम बाई निषाद बताती हैं, “पहले रोज कई बार पानी लाने के लिए दूर जाना पड़ता था। अब घर के नल से पानी मिल जाता है। इससे समय और मेहनत दोनों बच रहे हैं और परिवार की देखभाल व आजीविका के काम के लिए अधिक समय मिल पा रहा है।”

पानी के साथ स्वच्छता और जागरूकता को भी बढ़ावा

किरारी में जल जीवन मिशन का प्रभाव केवल घरों तक पानी पहुंचने तक सीमित नहीं है। पानी जुटाने में लगने वाले समय और श्रम की बचत से विशेष रूप से महिलाओं को राहत मिली है। स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता से बेहतर स्वास्थ्य और स्वच्छता की दिशा में भी गांव आगे बढ़ा है।

गांव में जल संरक्षण, स्वच्छता और जल गुणवत्ता के प्रति जागरूकता बढ़ी है। स्थानीय समिति की भागीदारी से ग्रामीणों में जलस्रोतों और पेयजल व्यवस्था के संरक्षण की जिम्मेदारी का भाव भी मजबूत हुआ है।

कभी पानी के लिए दूर तक जाने वाले किरारी के परिवारों के लिए अब घर का नल सुविधा और सकारात्मक बदलाव का माध्यम बन गया है। जल जीवन मिशन ने गांव में ‘हर घर जल’ के संकल्प को साकार करते हुए ग्रामीण जीवन में समय, श्रम और सुविधा के स्तर पर महत्वपूर्ण परिवर्तन किया है।

योजना से लाभान्वित करम बाई निषाद सहित ग्रामवासियों ने घर-घर स्वच्छ पेयजल की सुविधा उपलब्ध होने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया है।

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