महाकौशल में उद्योग-व्यापार को नई रफ्तार, मोहन सरकार कर रही जबलपुर को मेट्रोपोलिटन सिटी बनाने की तैयारी

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  • Sep 28, 2026
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भोपाल, 28 सितंबर। मध्यप्रदेश सरकार ने महाकौशल और जबलपुर क्षेत्र के औद्योगिक, व्यापारिक और पर्यटन विकास को नई गति देने की तैयारी शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सरकार महाकौशल के उद्यमियों के सपनों को साकार करने के लिए हरसंभव सहयोग देगी। जबलपुर में उद्योग क्षेत्र के प्रतिनिधियों के साथ जल्द विशेष संगोष्ठी आयोजित की जाएगी, ताकि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2027 से पहले जबलपुर अंचल को निवेश और औद्योगिक गतिविधियों का अधिकतम लाभ मिल सके।

मुख्यमंत्री निवास के संवाद सभाकक्ष में महाकौशल चेम्बर ऑफ कॉमर्स और जबलपुर व्यापारी संघ के प्रतिनिधियों के साथ क्षेत्र के विकास पर चर्चा करते हुए डॉ. यादव ने कहा कि जबलपुर और महाकौशल में उद्योग-व्यापार की अपार संभावनाएं हैं। संस्कारधानी जबलपुर को मां नर्मदा का विशेष आशीर्वाद प्राप्त है और यह क्षेत्र जल, थल तथा भू-गर्भ में प्राकृतिक संपदाओं से समृद्ध है।

आईटी और माइनिंग में जबलपुर को नए अवसर

मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस तरह ग्वालियर में टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन (TMZ) विकसित किया जा रहा है, उसी तरह जबलपुर को आईटी और माइनिंग सेक्टर में भी अवसर मिलना चाहिए। प्रदेश में औद्योगिक गतिविधियों को गति देने के लिए इंदौर-भोपाल-जबलपुर को विशेष इंडस्ट्रियल कॉरिडोर से जोड़ा जाएगा, जिसे ग्रीनफील्ड कॉरिडोर के रूप में विकसित किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार लगभग 25 नई नीतियों के माध्यम से उद्यमियों को विभिन्न सुविधाएं उपलब्ध करा रही है। महाकौशल क्षेत्र में जबलपुर के साथ मंडला, डिंडौरी, बालाघाट, सिवनी, कटनी, पांढुर्णा, छिंदवाड़ा और नरसिंहपुर में पर्यटन गतिविधियों को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है।

जबलपुर बनेगा मेट्रोपोलिटन सिटी

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार भोपाल और इंदौर को मेट्रोपोलिटन सिटी के रूप में विकसित कर रही है। अब जबलपुर को भी मेट्रोपोलिटन सिटी के रूप में विकसित किया जाएगा। उन्होंने व्यापारिक संगठनों से जबलपुर के भविष्य को ध्यान में रखते हुए मास्टर प्लान के लिए सुझाव देने का आग्रह किया। सरकार इन सुझावों को मास्टर प्लान के ड्राफ्ट में शामिल करेगी।

महाकौशल में लॉजिस्टिक हब विकसित करने के व्यापारी संघ के सुझाव पर मुख्यमंत्री ने सहमति जताई। उन्होंने कहा कि कटनी में लॉजिस्टिक हब विकसित करने से अधिक लाभ होगा, क्योंकि जिले में माइनिंग सेक्टर के विकास की व्यापक संभावनाएं हैं और इससे व्यावसायिक गतिविधियों को गति मिलेगी।

पर्यटन और आधुनिक जू-रेस्क्यू सेंटर पर जोर

डॉ. यादव ने कहा कि महाकौशल का कान्हा नेशनल पार्क टाइगर सफारी के लिए दुनियाभर में प्रसिद्ध है। यहां पर्यटकों के लिए सभी आवश्यक सुविधाओं का विकास किया जा रहा है। जबलपुर में आधुनिक जू एंड रेस्क्यू सेंटर भी तैयार किया जा रहा है, जहां पर्यटकों को टाइगर सहित वन्यजीवों को देखने का रोमांचक अनुभव मिलेगा।

उन्होंने कहा कि सरकार ने महाकौशल को तकनीकी विश्वविद्यालय और आधुनिक जू एंड रेस्क्यू सेंटर जैसी सौगातें दी हैं। क्षेत्र में पर्यटन, उद्योग और व्यापार के विस्तार के लिए सरकार लगातार काम कर रही है।

सेमीकंडक्टर से लेकर मेडिकल और ऑटोमोबाइल तक संभावनाएं

बैठक में उद्यमियों और व्यापारियों ने सेमीकंडक्टर, मेडिकल यूनिवर्सिटी, माइनिंग, लॉजिस्टिक्स, होटल उद्योग, पर्यटन, ऑटोमोबाइल, अधोसंरचना विकास, शिक्षा और अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम सहित विभिन्न क्षेत्रों में विकास की संभावनाएं रखीं।

व्यापारी संघ के पदाधिकारियों ने होटल उद्योग को प्रोत्साहन देने, रेरा नियमों में शिथिलता, रेडीमेड कंक्रीट मटेरियल को उद्योग का दर्जा देने, वन उत्पादों के प्रसंस्करण, पर्यटन सुविधाओं के विस्तार और सड़क नेटवर्क को मजबूत करने सहित कई सुझाव दिए।

उद्योगपति रवि गुप्ता ने कहा कि जबलपुर और महाकौशल में औद्योगिक विकास की गति बढ़ाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि किसी क्षेत्र की आर्थिक स्थिति उसके विकास का महत्वपूर्ण पैमाना है और जबलपुर में विभिन्न क्षेत्रों की औद्योगिक इकाइयां स्थापित करने के लिए पर्याप्त लैंड बैंक उपलब्ध है।

पारंपरिक कारोबार के साथ नए रोजगार पर ध्यान

मुख्यमंत्री ने व्यापारियों से युवा पीढ़ी को पारंपरिक व्यवसायों में दक्ष बनाने के साथ नए कार्यक्षेत्रों और रोजगार सृजन से जुड़े प्रकल्पों के लिए भी प्रोत्साहित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जबलपुर में डिफेंस प्रोडक्शन, आयरन प्रोडक्शन, माइनिंग, दूध उत्पादन और शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने की अपार क्षमता है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार गरीब, किसान, युवा सहित सभी वर्गों के सपनों को पूरा करने के लिए संकल्पित है। उन्होंने व्यापारियों से आह्वान किया कि सभी मिलकर वीरांगना रानी दुर्गावती की धरती जबलपुर और पूरे महाकौशल को हर क्षेत्र में नंबर-1 बनाने के लिए काम करें।

भेड़ाघाट के विकास के लिए 87 करोड़ की सौगात

लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में जबलपुर और महाकौशल के विकास के नए आयाम स्थापित हुए हैं। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने मां नर्मदा के प्रसिद्ध भेड़ाघाट के समग्र विकास के लिए 87 करोड़ रुपये की सौगात दी है। उन्होंने कहा कि पिछले ढाई वर्षों में जबलपुर को कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां मिली हैं और राज्य सरकार महाकौशल की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है।

उन्होंने कहा कि शहरी अधोसंरचना का विकास मुख्यमंत्री की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। सिंहस्थ-2028 की तैयारियों के तहत उज्जैन में सड़क चौड़ीकरण के लिए स्वयं अपने पैतृक मकान पर कुदाल चलाकर मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों के सामने अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया है।

बैठक में मुख्यमंत्री कार्यालय और औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग के अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई, एमपीआईडीसी के प्रबंध संचालक चंद्रमौली शुक्ला, सचिव परिवहन एवं आयुक्त जनसंपर्क मनीष सिंह सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। महाकौशल चेम्बर ऑफ कॉमर्स और जबलपुर व्यापारी संघ के प्रतिनिधियों ने क्षेत्र के विकास के लिए जनहितैषी निर्णयों तथा प्रदेश में व्यापारी कल्याण बोर्ड गठित करने की पहल के लिए राज्य सरकार का आभार व्यक्त किया।

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