रोजगार मेले में 5 हजार से अधिक युवाओं का चयन, 13 हजार से ज्यादा अभ्यर्थियों ने लिया हिस्सा

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  • Oct 08, 2026
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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने लगभग 1,100 चयनित युवाओं को सौंपे ऑफर लेटर, बोले—युवाओं को शिक्षा, कौशल और रोजगार के बेहतर अवसर देना सरकार की प्राथमिकता

95 से अधिक पंजीकृत नियोक्ता संस्थानों ने की भागीदारी, ई-रोजगार पोर्टल को ‘स्किल मार्केट’ के रूप में विकसित करने की तैयारी

पिछले ढाई वर्षों में 925 रोजगार मेलों के जरिए 25,845 से अधिक युवाओं को मिला रोजगार

बस्तर, 8 अक्टूबर 2026।

छत्तीसगढ़ में युवाओं को रोजगार से जोड़ने की दिशा में आयोजित दो दिवसीय राज्य स्तरीय रोजगार मेला-2026 का उत्साहपूर्ण समापन हुआ। 7 और 8 अक्टूबर को आयोजित इस मेले में प्रदेशभर से 13 हजार से अधिक युवाओं ने हिस्सा लिया। विभिन्न कंपनियों की चयन प्रक्रिया के बाद 5 हजार से अधिक अभ्यर्थियों का अंतिम चयन किया गया। समापन समारोह में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने लगभग 1,100 चयनित युवाओं को ऑफर लेटर प्रदान किए और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर कौशल प्रशिक्षण और उनकी योग्यता के अनुरूप रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। सरकार का प्रयास है कि छत्तीसगढ़ के युवाओं को अपने ही प्रदेश में शिक्षा और रोजगार के बेहतर अवसर मिलें, ताकि वे अपनी प्रतिभा और कौशल के बल पर आत्मनिर्भर बनें तथा विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाएं।

मुख्यमंत्री रायपुर के सरदार बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में आयोजित रोजगार मेले के समापन अवसर पर युवाओं को संबोधित कर रहे थे। मेले में प्रदेश के सभी जिलों के साथ दूरस्थ और जनजातीय अंचलों से भी बड़ी संख्या में युवा पहुंचे। अभ्यर्थियों ने अपनी शैक्षणिक योग्यता और व्यावसायिक कौशल के अनुरूप विभिन्न कंपनियों की चयन प्रक्रियाओं में हिस्सा लिया।

मुख्यमंत्री साय ने चयनित युवाओं को बधाई देते हुए कहा कि रोजगार का यह अवसर उनके जीवन में एक नई शुरुआत है। उन्होंने विश्वास जताया कि युवा अपनी मेहनत, लगन और प्रतिभा के बल पर अपने परिवार के साथ प्रदेश और देश का नाम रोशन करेंगे।

ढाई वर्षों में 925 रोजगार मेले, 25,845 से अधिक युवाओं को रोजगार

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं के सपनों को अवसरों से जोड़ने के लिए योजनाबद्ध तरीके से काम कर रही है। पिछले ढाई वर्षों में प्रदेशभर में 925 रोजगार मेलों का आयोजन किया गया है, जिनके माध्यम से 25 हजार 845 से अधिक युवाओं को रोजगार मिला है। राज्य स्तरीय रोजगार मेले की सफलता युवाओं को रोजगार से जोड़ने के इन प्रयासों को और गति प्रदान करेगी।

उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में केवल शैक्षणिक डिग्री पर्याप्त नहीं है। युवाओं के लिए व्यावहारिक कौशल और उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप प्रशिक्षण भी जरूरी है। इसी सोच के साथ सरकार शिक्षा से कौशल और कौशल से रोजगार तक युवाओं को जोड़ने की दिशा में लगातार काम कर रही है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि छत्तीसगढ़ में उच्च एवं तकनीकी शिक्षा की सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। प्रदेश में आईआईटी, आईआईएम, ट्रिपल आईटी, एम्स और विधि विश्वविद्यालय जैसे प्रतिष्ठित संस्थान संचालित हैं। वहीं, प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए ‘प्रयास’ जैसी संस्थाओं के माध्यम से अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य प्रदेश के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक कौशल और बेहतर भविष्य के अवसर छत्तीसगढ़ में ही उपलब्ध कराना है। इसके लिए शैक्षणिक एवं तकनीकी संस्थानों को उद्योगों की बदलती जरूरतों के अनुरूप तैयार किया जा रहा है।

95 से अधिक नियोक्ता संस्थानों ने दी भागीदारी

राज्य स्तरीय रोजगार मेले में 95 से अधिक पंजीकृत नियोक्ता संस्थानों के साथ विभिन्न कंपनियों ने हिस्सा लिया। आयोजन स्थल पर लगभग 50 स्टॉल लगाए गए थे। यहां औद्योगिक और सेवा क्षेत्र की कंपनियों ने अभ्यर्थियों के दस्तावेजों का सत्यापन, साक्षात्कार और चयन प्रक्रिया पूरी की।

मेले में आईटीआई, डिप्लोमा, इंजीनियरिंग और स्नातक सहित विभिन्न शैक्षणिक एवं व्यावसायिक योग्यताओं वाले युवाओं के लिए रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए गए।

आयोजन में रोजगार विभाग के साथ औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों, तकनीकी शिक्षा विभाग, पॉलिटेक्निक एवं इंजीनियरिंग महाविद्यालयों और छत्तीसगढ़ राज्य कौशल विकास प्राधिकरण की सक्रिय सहभागिता रही। कौशल विकास कार्यक्रमों के अंतर्गत प्रशिक्षित युवाओं ने भी बड़ी संख्या में हिस्सा लिया।

इस तरह रोजगार मेला केवल नियुक्तियां प्रदान करने का माध्यम नहीं रहा, बल्कि युवाओं, उद्योगों और शैक्षणिक संस्थानों के बीच सीधे संवाद और समन्वय का प्रभावी मंच भी बना।

ई-रोजगार पोर्टल बनेगा ‘स्किल मार्केट’, युवाओं को मिलेंगे नए अवसर

रोजगार मेले में अभ्यर्थियों के पंजीयन, आवेदन, उपस्थिति और चयन से जुड़ी प्रक्रियाओं को ई-रोजगार पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन संचालित किया गया। इससे चयन प्रक्रिया को सरल, व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने में मदद मिली।

राज्य सरकार की योजना ई-रोजगार पोर्टल को आगे चलकर ‘स्किल मार्केट’ के रूप में विकसित करने की है। इस एकीकृत डिजिटल मंच पर उद्योगों की जरूरतों, उपलब्ध रिक्त पदों और रोजगार के इच्छुक युवाओं की शैक्षणिक योग्यता एवं कौशल संबंधी जानकारी उपलब्ध होगी।

इससे युवाओं को अपनी योग्यता के अनुरूप रोजगार के अवसर तलाशने में आसानी होगी। वहीं, उद्योगों को अपनी आवश्यकताओं के अनुसार कुशल मानव संसाधन उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। डिजिटल मंच के माध्यम से रोजगार की मांग और उपलब्ध कौशल के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने का प्रयास किया जाएगा।

चयन नहीं होने पर निराश न हों युवा : मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री साय ने उन युवाओं का भी उत्साहवर्धन किया, जिन्हें इस बार रोजगार नहीं मिल पाया। उन्होंने कहा कि ऐसे युवाओं को निराश होने की आवश्यकता नहीं है। राज्य सरकार रोजगार मेलों, कौशल विकास कार्यक्रमों और उद्योगों के साथ समन्वय के माध्यम से आगे भी रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराती रहेगी।

मुख्यमंत्री ने रोजगार मेले के सफल आयोजन के लिए तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, विभागीय अधिकारियों-कर्मचारियों, शैक्षणिक संस्थानों तथा प्रदेश और अन्य राज्यों से आए औद्योगिक प्रतिष्ठानों एवं कंपनियों के प्रतिनिधियों को बधाई दी।

तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। सरकार का उद्देश्य केवल प्रशिक्षण देना नहीं, बल्कि युवाओं के हुनर को रोजगार और आजीविका के वास्तविक अवसरों से जोड़ना है।

उन्होंने कहा कि रोजगार मेले में प्रदेशभर के युवाओं की व्यापक भागीदारी उनके उत्साह और बेहतर भविष्य की आकांक्षा को दर्शाती है। उद्योगों की वर्तमान आवश्यकताओं के अनुरूप युवाओं को प्रशिक्षित कर उन्हें रोजगार के लिए सक्षम बनाया जा रहा है।

पॉलिटेक्निक संस्थानों की गुणवत्ता सुधारने पर जोर

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री की उपस्थिति में प्रदेश के पॉलिटेक्निक महाविद्यालयों में शिक्षा और प्रशिक्षण की गुणवत्ता सुधारने के उद्देश्य से क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया द्वारा तैयार तृतीय-पक्ष मूल्यांकन रिपोर्ट का विमोचन किया गया।

इस रिपोर्ट में पॉलिटेक्निक संस्थानों के शैक्षणिक स्तर, प्रशिक्षण व्यवस्था, उपलब्ध अधोसंरचना और गुणवत्ता सुधार की संभावनाओं का आकलन किया गया है। रिपोर्ट में दिए गए सुझावों के आधार पर संस्थानों के समग्र विकास और प्रशिक्षण की गुणवत्ता बेहतर बनाने के लिए कार्ययोजना तैयार की गई है।

इस पहल से तकनीकी शिक्षा को उद्योगों की बदलती जरूरतों के अनुरूप विकसित करने और विद्यार्थियों की रोजगार क्षमता बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

सेवा संकल्प अभियान के तहत जनकल्याणकारी कार्यक्रमों का उल्लेख

मुख्यमंत्री साय ने कार्यक्रम में सेवा संकल्प अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जनसेवा के 25 वर्षों के उपलक्ष्य में प्रदेशभर में विभिन्न जनकल्याणकारी कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। रोजगार मेला भी युवाओं को सीधे अवसरों से जोड़कर सेवा और जनकल्याण की भावना को आगे बढ़ा रहा है।

उन्होंने बताया कि रोजगार मेले में पहुंचने से पहले वे दुर्ग में आयोजित ‘सेवा सेतु’ कार्यक्रम में शामिल हुए थे। वहां महतारी वंदन योजना की 32वीं किस्त जारी करने के साथ विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं, युवाओं, किसानों, श्रमिकों और गरीबों सहित समाज के प्रत्येक वर्ग को सशक्त बनाने के लिए काम कर रही है। सभी वर्गों की भागीदारी से ही विकसित छत्तीसगढ़ के लक्ष्य को साकार किया जा सकता है।

कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री टंकराम वर्मा, बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष वर्णिका शर्मा, अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष अमरजीत छाबड़ा, विधायक सुनील सोनी, विधायक रोहित साहू सहित जनप्रतिनिधि, विभिन्न औद्योगिक प्रतिष्ठानों के प्रतिनिधि, विभागीय अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में युवा उपस्थित थे।

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