मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने युवाओं को दिया सफलता का मंत्र, बोले—बड़े सपने देखें और मेहनत से लक्ष्य हासिल करें

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  • Oct 08, 2026
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जेन-जी और जेन-अल्फा के विद्यार्थियों से किया संवाद, शिक्षा, रोजगार, जल संरक्षण और छत्तीसगढ़ के विकास पर रखे विचार

कोरिया के 5 प्रतिशत जल संरक्षण मॉडल से लेकर 15 मेडिकल कॉलेजों तक की चर्चा, मुख्यमंत्री ने साझा किए जीवन के संघर्ष और सफलता के अनुभव

बस्तर, 8 अक्टूबर 2026।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि भारत दुनिया का सबसे युवा देश है और यही युवा शक्ति विकसित एवं सशक्त भारत के निर्माण की सबसे बड़ी ताकत बनेगी। युवाओं को बड़े सपने देखने, अपनी रुचि के अनुरूप लक्ष्य निर्धारित करने और पूरी मेहनत व समर्पण से उन्हें साकार करने का प्रयास करना चाहिए। जीवन में सफलता के लिए समय का सदुपयोग, निरंतर परिश्रम और लक्ष्य के प्रति दृढ़ संकल्प बेहद जरूरी हैं।

मुख्यमंत्री साय गुरुवार शाम राजधानी रायपुर के सड्डू में न्यूज 24 और लल्लूराम डॉट कॉम द्वारा आयोजित ‘जेन नेक्स्ट संवाद : यंग माइंड्स, मीनिंगफुल कन्वर्सेशंस’ कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने जेन-जी और जेन-अल्फा के विद्यार्थियों से सीधा संवाद किया। विद्यार्थियों ने उनके जीवन के संघर्ष, राजनीति, शिक्षा, राज्य के आर्थिक विकास, प्रतियोगी परीक्षाओं और जल संरक्षण सहित विभिन्न विषयों पर सवाल पूछे। मुख्यमंत्री ने सहज और आत्मीय अंदाज में सभी सवालों के जवाब दिए तथा अपने जीवन के अनुभव भी साझा किए।

प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में दुनिया में बढ़ा भारत का मान-सम्मान

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री और देश के प्रधानमंत्री के रूप में जनता की सेवा करते हुए 25 वर्ष पूरे किए हैं। इस अवसर पर देशभर में सेवा संकल्प अभियान मनाया जा रहा है।

स्वच्छ भारत मिशन का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जब प्रधानमंत्री मोदी ने लाल किले की प्राचीर से स्वच्छता का आह्वान किया था, तब इस पहल को लेकर सवाल भी उठाए गए थे। आज स्वच्छता जनजीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुकी है। घर-घर शौचालयों के निर्माण से माताओं और बहनों के सम्मान तथा स्वास्थ्य की रक्षा हुई है और गांवों को खुले में शौच से मुक्ति दिलाने में मदद मिली है। स्वच्छ भारत मिशन ने स्वच्छता के प्रति लोगों की सोच और व्यवहार में बड़ा बदलाव लाया है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत सशक्त और समृद्ध राष्ट्र के रूप में आगे बढ़ रहा है। सर्जिकल स्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर ने दुनिया को भारत के सामर्थ्य और दृढ़ इच्छाशक्ति से परिचित कराया है। आर्थिक क्षेत्र में भी देश ने उल्लेखनीय प्रगति की है। प्रधानमंत्री ने वर्ष 2047 तक विकसित भारत बनाने का संकल्प लिया है, जिसके साथ देश निरंतर आगे बढ़ रहा है।

मुख्यमंत्री ने अपने हालिया सिंगापुर प्रवास का जिक्र करते हुए बताया कि चार दिनों के प्रवास के दौरान उनकी कई प्रमुख कंपनियों के प्रतिनिधियों से चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि वहां उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने भी प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में वैश्विक स्तर पर भारत की बढ़ती प्रतिष्ठा का उल्लेख किया।

बगिया के छोटे से स्कूल से मुख्यमंत्री पद तक का सफर

विद्यार्थियों से संवाद के दौरान मुख्यमंत्री ने अपने बचपन और विद्यार्थी जीवन की यादें साझा कीं। उन्होंने बताया कि जब वे जशपुर जिले के बगिया गांव के प्राथमिक विद्यालय में पढ़ते थे, तब उनके स्कूल में पांचवीं बोर्ड की परीक्षा देने की व्यवस्था तक नहीं थी। परीक्षा देने के लिए कई किलोमीटर दूर दूसरे गांव जाना पड़ता था और वहां पांच दिनों तक रुकना पड़ता था।

उन्होंने बताया कि उस समय स्कूलों के भवन कच्चे होते थे और बारिश के दिनों में छत से पानी टपकता था। आज परिस्थितियां काफी बदल गई हैं और छत्तीसगढ़ में शिक्षा के क्षेत्र में तेजी से विस्तार हुआ है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि पहले प्रदेश में केवल एक मेडिकल कॉलेज था, जबकि अब 15 मेडिकल कॉलेज हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि आज उन्हें शिक्षा के क्षेत्र में जो अवसर और सुविधाएं मिल रही हैं, उनका भरपूर लाभ उठाकर अपने भविष्य को बेहतर बनाना चाहिए।

पिता के निधन के बाद कम उम्र में संभाली परिवार की जिम्मेदारी

बीबीए के छात्र अश्मित शिंदे ने मुख्यमंत्री से पूछा कि उन्हें मुख्यमंत्री बनने की प्रेरणा कैसे मिली। इस पर मुख्यमंत्री ने अपने संघर्षपूर्ण जीवन के अनुभव साझा किए।

उन्होंने बताया कि वे जशपुर जिले के बगिया जैसे छोटे गांव में पले-बढ़े हैं। जब वे लगभग 10 वर्ष के थे, तब उनके पिता का आकस्मिक निधन हो गया। भाइयों में सबसे बड़े होने के कारण छोटी उम्र में ही मां, दादी और छोटे भाइयों की जिम्मेदारी उनके कंधों पर आ गई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने पढ़ाई के साथ खेती-बाड़ी की जिम्मेदारी भी संभाली और अपने छोटे भाइयों को सक्षम बनाने का प्रयास किया। उस समय उन्होंने कभी कल्पना भी नहीं की थी कि वे गांव के सरपंच बनेंगे। लेकिन सार्वजनिक जीवन में आगे बढ़ते हुए उन्हें सरपंच, विधायक, सांसद, केंद्रीय राज्यमंत्री और फिर मुख्यमंत्री के रूप में प्रदेश की सेवा करने का अवसर मिला।

उन्होंने युवाओं से कहा कि उन्होंने हमेशा ‘कर्म ही पूजा है’ के सिद्धांत को अपने जीवन में अपनाया। जो भी जिम्मेदारी मिली, उसे पूरी निष्ठा और ईमानदारी से निभाने का प्रयास किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि अच्छे उद्देश्य के साथ पूरी निष्ठा से काम किया जाए, तो ईश्वर भी साथ देता है। उन्होंने कहा कि शायद ईश्वर को उनके हाथों से लोगों की सेवा करानी थी, इसलिए एक छोटे से गांव के सरपंच को मुख्यमंत्री पद तक पहुंचने का अवसर मिला।

समय की कीमत समझें, रुचि के अनुसार चुनें अपना लक्ष्य

छात्र करण भोसले ने मुख्यमंत्री से उनके जीवन का मूल मंत्र पूछा। जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को समय की कीमत समझनी चाहिए। विद्यार्थियों के लिए वर्तमान समय अध्ययन करने और भविष्य की मजबूत नींव तैयार करने का है।

उन्होंने कहा कि विद्यार्थी जितना अधिक समय का सदुपयोग करेंगे, उनका भविष्य उतना ही बेहतर होगा। सपने हमें मेहनत करने की प्रेरणा देते हैं। प्रत्येक युवा को अपनी रुचि पहचानकर उसी के अनुरूप लक्ष्य निर्धारित करना चाहिए और उसे हासिल करने के लिए पूरी ऊर्जा के साथ प्रयास करना चाहिए।

‘जल है तो कल है’, विद्यार्थियों से जल संरक्षण में भागीदारी की अपील

कक्षा नौवीं के छात्र आदित्य राज तिवारी ने मुख्यमंत्री से पूछा कि स्कूली विद्यार्थी जल संरक्षण में किस प्रकार योगदान दे सकते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘जल है तो कल है।’ लगातार गिरता जलस्तर आज पूरी दुनिया के लिए चिंता का विषय है। केंद्र सरकार द्वारा ‘जल संचय-जनभागीदारी’ अभियान चलाया जा रहा है, जिसका उद्देश्य जल संरक्षण के प्रति जनभागीदारी बढ़ाना है।

उन्होंने कोरिया जिले में लागू 5 प्रतिशत मॉडल का उल्लेख करते हुए कहा कि इसके माध्यम से जल संरक्षण की दिशा में अच्छे परिणाम सामने आए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अपने ‘मन की बात’ कार्यक्रम में इस मॉडल का उल्लेख किया है। राजनांदगांव में भी सोक पिट निर्माण की दिशा में अच्छा काम हो रहा है।

मुख्यमंत्री ने युवाओं से अपने घरों, स्कूलों और समाज में वर्षा जल संचयन को प्रोत्साहित करने तथा जल संरक्षण को जन आंदोलन बनाने में योगदान देने का आह्वान किया।

वर्ष 2047 तक 75 लाख करोड़ रुपये की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य

छत्तीसगढ़ पब्लिक स्कूल की कक्षा 11वीं के छात्र मितांश सिंह ने प्रदेश के आर्थिक विकास को लेकर सवाल किया। मुख्यमंत्री ने बताया कि छत्तीसगढ़ ने वर्ष 2047 को ध्यान में रखते हुए अपना विजन डॉक्यूमेंट तैयार किया है। प्रदेश प्राकृतिक संसाधनों से संपन्न है और इन संसाधनों का बेहतर प्रबंधन कर राज्य की आय बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने वर्ष 2047 तक छत्तीसगढ़ को 75 लाख करोड़ रुपये की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य का भी उल्लेख किया। उन्होंने राज्य के संसाधनों का प्रभावी उपयोग करते हुए विकास की गति तेज करने की आवश्यकता पर जोर दिया।

शिक्षा को संस्कार, कौशल और रोजगार से जोड़ रही नई शिक्षा नीति

छात्रा सानिया परवीन ने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों के लिए राज्य सरकार की योजनाओं के बारे में सवाल किया।

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में 17 प्रयास विद्यालय संचालित हैं, जहां प्रशिक्षित शिक्षकों के माध्यम से विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में सहयोग दिया जाता है।

उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों की गुणवत्ता और अधोसंरचना को बेहतर बनाने के लिए भी लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। केंद्र सरकार की पीएमश्री योजना के अंतर्गत छत्तीसगढ़ के 341 स्कूल शामिल हैं। इन विद्यालयों में आधुनिक अधोसंरचना, स्मार्ट क्लास, प्रयोगशालाओं और अन्य शैक्षणिक सुविधाओं का विकास किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में नई शिक्षा नीति लागू की गई है। इसका उद्देश्य शिक्षा को केवल डिग्री तक सीमित न रखते हुए संस्कार, कौशल और रोजगार से जोड़ना है। सरकार का प्रयास है कि प्रदेश के बच्चों और युवाओं को ऐसी शिक्षा मिले, जो उन्हें भविष्य की चुनौतियों और अवसरों के लिए तैयार कर सके।

भजन क्लबिंग में युवाओं के साथ शामिल हुए मुख्यमंत्री

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने युवाओं के साथ ‘भजन क्लबिंग’ के अंतर्गत आधुनिक अंदाज में प्रस्तुत भक्ति गीतों का आनंद लिया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने खेल सहित विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल करने वाले युवाओं को सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन किया।

कार्यक्रम में गणमान्य नागरिकों, विद्यार्थियों और बड़ी संख्या में युवाओं की उपस्थिति रही। संवाद के माध्यम से विद्यार्थियों को मुख्यमंत्री के जीवन संघर्ष, शिक्षा के महत्व, लक्ष्य निर्धारण, जल संरक्षण और छत्तीसगढ़ के विकास से जुड़े विभिन्न पहलुओं को समझने का अवसर मिला।

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