कोरबा में ‘मेरी बेटी-मेरा अभिमान’ अभियान को मिली नई पहचान, दो ग्राम पंचायतों में बालिका शौचालय तैयार

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  • Oct 11, 2026
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गुलाबी रंग और आकर्षक चित्रकारी से सजे शौचालय बने बेटियों के सम्मान, सुरक्षा और स्वच्छता के प्रतीक

कोरबा, 11 अक्टूबर 2026।

शारदीय नवरात्र के प्रथम दिन कोरबा जिले की बेटियों को स्वच्छता, सुरक्षा और सम्मान की सौगात मिली। विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन–ग्रामीण (वीबी-जी रामजी) के अंतर्गत जिले के पाली विकासखंड की ग्राम पंचायत नोनबिर्री और करतला विकासखंड की ग्राम पंचायत दादरकला में बालिकाओं के लिए शौचालयों का निर्माण पूरा कर लिया गया है। आकर्षक गुलाबी रंग और सुंदर चित्रकारी से सजे ये शौचालय ‘मेरी बेटी-मेरा अभिमान’ अभियान को नई पहचान दे रहे हैं।

शारदीय नवरात्र में जहां पूरे प्रदेश में मातृशक्ति की आराधना की जा रही है, वहीं राज्य में बेटियों के सम्मान, सुरक्षा और स्वच्छता से जुड़ी बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में भी कार्य किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व और उप मुख्यमंत्री एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री विजय शर्मा के मार्गदर्शन में संचालित इस अभियान का उद्देश्य ग्रामीण विद्यालयों में बालिकाओं को स्वच्छ, सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण उपलब्ध कराना है।

गुलाबी रंग और चित्रकारी से दिया स्वच्छता व स्वाभिमान का संदेश

ग्राम पंचायत नोनबिर्री और दादरकला में नवनिर्मित बालिका शौचालयों को आकर्षक गुलाबी रंग से सजाया गया है। दीवारों पर सुंदर चित्रकारी के साथ ‘मेरी बेटी-मेरा स्वाभिमान’ और ‘स्वच्छ रहें, सुरक्षित रहें’ जैसे संदेश अंकित किए गए हैं।

शौचालयों के सामने खड़ी स्कूली बालिकाओं ने वीबी-जी रामजी के अक्षरों और स्वच्छता के प्रतीकों के माध्यम से योजना के प्रति प्रसन्नता व्यक्त की। बालिकाओं की यह सहभागिता ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता, सुरक्षा और बेटियों के आत्मसम्मान के प्रति बढ़ती जागरूकता को दर्शाती है।

नवरात्र में बेटियों के सम्मान की सार्थक पहल

नवरात्र का पर्व नारी शक्ति के सम्मान और आराधना का प्रतीक है। ऐसे अवसर पर ग्रामीण विद्यालयों में बालिकाओं के लिए शौचालयों का निर्माण पूरा होना विशेष महत्व रखता है। विद्यालयों में अलग बालिका शौचालय की सुविधा छात्राओं की निजता, स्वास्थ्य और स्वच्छता से जुड़ी महत्वपूर्ण आवश्यकता है।

विशेषकर किशोरावस्था में बालिकाओं के लिए ऐसी सुविधाएं उनकी गरिमा और आत्मविश्वास बनाए रखने में सहायक होती हैं। इससे विद्यालय में उनकी नियमित उपस्थिति को प्रोत्साहन मिलने और पढ़ाई के लिए अनुकूल वातावरण तैयार होने की उम्मीद है।

प्रदेश में 6,671 बालिका शौचालय बनाने का लक्ष्य

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने 6 अगस्त 2026 को वीबी-जी रामजी योजना के अंतर्गत राज्यव्यापी ‘मेरी बेटी-मेरा अभिमान’ अभियान का शुभारंभ किया था। यह अभियान 15 अगस्त 2026 से 26 जनवरी 2027 तक संचालित किया जा रहा है।

अभियान के तहत प्रदेश के ग्रामीण शासकीय विद्यालयों में लगभग 286.85 करोड़ रुपये की लागत से 6,671 बालिका शौचालयों के निर्माण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

इस पहल का उद्देश्य केवल शौचालयों का निर्माण करना नहीं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों की बेटियों को आवश्यक बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना है, ताकि वे बिना किसी असुविधा के शिक्षा प्राप्त कर सकें और आत्मविश्वास के साथ अपने भविष्य की ओर कदम बढ़ा सकें।

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