कश्मीर पर ओआईसी के बयान को भारत ने सिरे से खारिज किया…

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  • Sep 24, 2026
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नई दिल्ली। 

भारत ने ओआईसी यानी ऑर्गेनाइजेशन ऑफ इस्लामिक कोऑपरेशन द्वारा जारी संयुक्त बयान को सिरे से खारिज कर दिया। बयान में जम्मू-कश्मीर का जिक्र किए जाने पर भारत ने इसे बेबुनियाद और तथ्यों के लिहाज से गलत करार देते हुए ओआईसी की टिप्पणी पर कड़ी आपत्ति जताई।

पाकिस्तान एक बार फिर वैश्विक मंच पर कश्मीर का मुद्दा लेकर पहुंचा था, और इस बार भी उसे ‘इस्लामिक सहयोग संगठन’ का साथ मिला। न्यूयॉर्क में UNGA के 81वें सत्र से इतर ओआईसी के जम्मू-कश्मीर Contact Group की बैठक में कश्मीर को लेकर बयान जारी किया गया।

जिसे भारत ने सीधे तौर पर खारिज करते हुए ओआईसी को जमकर लताड़ लगाई। भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख भारत का अभिन्न अंग था, है और रहेगा। भारत ने स्पष्ट किया कि ओआईसी को भारत के आंतरिक मामलों पर टिप्पणी करने का कोई अधिकार नहीं है। साथ ही भारत ने ओआईसी को पाकिस्तान के भीतर पनपने वाले आतंकवाद और अल्पसंख्यकों के मानवाधिकार के मुद्दे पर ध्यान देने की सलाह दी।

दरअसल, 21 सितंबर को ओआईसी की बैठक में पाकिस्तान, अजरबैजान, तुर्किये, सऊदी अरब और नाइजर ने साथ मिलकर जम्मू कश्मीर पर बयान जारी किया था। भारत ने बयान जारी कर ओआईसी के इस झूठे विमर्श खारिज करते हुए सलाह दी कि ओआईसी भारत के आंतरिक मामलों में दखल देना बंद करे।

ओआईसी के दोहरे रवैये पर कई सवाल भी खड़े होते हैं –

  1. पाकिस्तान के नैरेटिव को मंच, PoJK पर चुप्पी?

कश्मीर के विषय पर पाकिस्तान के प्रोपोगेंडा को ओआईसी बार-बार मंच देता है और उसके सुर में सुर भी मिलाता है, लेकिन यही ओआईसी, POJK में जारी नरसंहार, मानवाधिकारों के उल्लंघन और पाकिस्तान की बर्बरता पर चुप्पी साध लेता है?

  1. पाकिस्तान में अल्पसंख्यक परेशान, ओआईसी कहां है?

पाकिस्तान में हिन्दू, सिक्ख, ईसाई और अहमदिया समुदायों के खिलाफ भेदभाव, हिंसा और धार्मिक स्थलों पर हमलों को लेकर मानवाधिकार संगठनों ने लगातार चिंता जताई है। लेकिन ओआईसी चुप है, क्यों?

हाल ही में सिंध में नाबालिग हिन्दू बहनों के अपहरण और जबरन धर्म परिवर्तन का मामला भी सामने आया। नारोवाल में एक पुराने हिन्दू मंदिर तोड़ा गया, लेकिन ओआईसी ने चुप्पी साधे रखी।

जम्मू कश्मीर पर पाकिस्तानी प्रोपोगेंडा को हवा देने वाला इस्लामिक सहयोग संगठन आखिर इतनी सक्रियता, पाकिस्तान के भीतर हो रहे मानवाधिकार उल्लंघन और अल्पसंख्यकों पर हो रहे अत्याचार के मुद्दे पर क्यों नहीं दिखाता?

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