एआई के दौर में मानवीय संवेदनाएं ही इंसान की असली ताकत: राज्यपाल डेका

  • Admin
  • Oct 04, 2026
  • 7,000 views

‘रोल-बोल यूथ कॉन्क्लेव-2026’ में बोले राज्यपाल—सकारात्मक सोच, नवाचार और जिम्मेदार तकनीकी उपयोग से ही बनेगा बेहतर भविष्य

रायपुर, 4 अक्टूबर 2026। 

सकारात्मक सोच, मानवीय मूल्य, नवाचार और तकनीक का जिम्मेदार उपयोग जीवन में सफलता की राह को आसान बनाते हैं। युवाओं को तकनीक के साथ मौलिक सोच, मानवीय संवेदनाओं और अच्छे चरित्र को भी महत्व देना चाहिए। यह बात राज्यपाल रमेन डेका ने रोल-बोल सामाजिक संस्था द्वारा आयोजित ‘रोल बोल यूथ कॉन्क्लेव-2026’ में मुख्य अतिथि के रूप में कही।

मेडिकल कॉलेज के सभागार में आयोजित कार्यक्रम में राज्यपाल डेका ने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि जीवन में सकारात्मकता बेहद जरूरी है। नकारात्मक सोच के साथ सफलता हासिल करना कठिन होता है। उन्होंने ‘रोल-बोल-रेस्ट ऑफ लाइफ, बेस्ट ऑफ लाइफ’ के संदेश का उल्लेख करते हुए कहा कि जीवन को सकारात्मक दृष्टि से देखने के साथ-साथ अपने और दूसरों के जीवन को बेहतर बनाने की सोच विकसित करनी चाहिए।

वर्तमान पर ध्यान केंद्रित करने की दी सीख

राज्यपाल ने स्वामी विवेकानंद के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि जो बीत गया, उसे पीछे छोड़कर और भविष्य की अनावश्यक चिंता किए बिना वर्तमान पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि जीवन की सफलता केवल व्यक्तिगत उपलब्धियों से तय नहीं होती, बल्कि इस बात से भी जुड़ी होती है कि हमने कितने अच्छे संबंध बनाए और परिवार, रिश्तेदारों, मित्रों तथा पड़ोसियों के साथ हमारे संबंध कैसे हैं।

उन्होंने युवाओं से हार को भी स्वीकार करने की सीख दी। राज्यपाल ने कहा कि हार हमें कठिन परिश्रम करने और अगली बार बेहतर प्रदर्शन कर जीत हासिल करने की प्रेरणा देती है।

इंटरनेट के दौर में मौलिक सोच जरूरी

राज्यपाल डेका ने कहा कि इंटरनेट और तकनीक ने पूरी दुनिया को हमारी पहुंच में ला दिया है। गूगल के माध्यम से बहुत-सी जानकारियां आसानी से उपलब्ध हो जाती हैं, लेकिन युवाओं में मौलिक सोच, मानसिक अभ्यास और स्वयं खोज करने की क्षमता विकसित होना भी उतना ही जरूरी है।

उन्होंने कहा कि नई खोज, नवाचार और नई संभावनाओं को तलाशने की क्षमता मानव जीवन की विशेषता है। विज्ञान और तकनीक ने जीवनशैली में व्यापक बदलाव किए हैं और इसके पीछे निरंतर नवाचार प्रमुख आधार है। शिक्षा का उद्देश्य केवल जानकारी हासिल करना नहीं, बल्कि मानव जीवन को बेहतर बनाना भी है।

एआई का जिम्मेदारी से करें उपयोग

राज्यपाल ने युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के जिम्मेदार उपयोग की सलाह दी। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर फेक न्यूज, भ्रामक सामग्री और डीपफेक जैसी चुनौतियों से स्वयं के साथ-साथ समाज को भी सुरक्षित रखना आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि मशीन बुद्धिमान हो सकती है, लेकिन मानवता मनुष्य के भीतर ही रहती है। तकनीक कितनी भी विकसित क्यों न हो जाए, वह मानवीय संवेदनाओं और मूल्यों का स्थान नहीं ले सकती।

सफलता के साथ विनम्रता और चरित्र को बनाए रखें

राज्यपाल ने कहा कि जीवन में चरित्र का बहुत महत्व है। अपने संबंधों को सहेजकर रखना चाहिए और सफलता हासिल करने के बाद भी विनम्र बने रहना चाहिए। उन्होंने कहा, “ज्ञान लीजिए, ज्ञान दीजिए और इसका दान करिए, यही सच्ची मानवीय परंपरा है।”

उन्होंने कहा कि मानव का बौद्धिक गुण सर्वोपरि है। तकनीक का उपयोग रचनात्मक कार्यों और समाज के कल्याण के लिए होना चाहिए, न कि विनाश के लिए। उन्होंने उम्मीद जताई कि यूथ कॉन्क्लेव में शामिल युवा यहां से सकारात्मक संदेश लेकर जाएंगे और समाज के निर्माण में अपनी भूमिका निभाएंगे।

कार्यक्रम में कौशल उन्नयन, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार मंत्री गुरु खुशवंत साहिब, बॉलीवुड संगीतकार मोंटी शर्मा, रोल-बोल संस्था के पदाधिकारी तथा राजनीति, मीडिया, उद्योग और सिनेमा जगत से जुड़े विशिष्टजन उपस्थित रहे।

सम्बन्धित खबरें