11 किमी की राह पार कर लोहागांव पहुंची स्वास्थ्य टीम, 62 ग्रामीणों की जांच

  • Admin
  • Sep 23, 2026
  • 1,402 views

11 किलोमीटर पैदल चलकर गांव पहुंची स्वास्थ्य टीम, जांच में मिले 4 गंभीर मरीज; तत्काल किया रेफर

रायपुर, 23 सितंबर 2026। 

बैलाडीला की पहाड़ियों और घने जंगलों के बीच बसे कुआकोंडा के दुर्गम गांव लोहागांव में पहली बार ग्रामीणों को गांव में ही समग्र स्वास्थ्य जांच की सुविधा मिली। स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंचना जहां आसान नहीं है, वहां स्वास्थ्य विभाग की टीम करीब 11 किलोमीटर पैदल चलकर गांव पहुंची और 62 ग्रामीणों की स्वास्थ्य जांच की। जांच के दौरान एक गर्भवती महिला समेत चार गंभीर मरीजों की पहचान हुई। सभी को तत्काल आगे के उपचार के लिए उच्च स्वास्थ्य संस्था रेफर किया गया।

गर्भवती महिला समेत चार मरीजों की स्थिति गंभीर

मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान के तहत लोहागांव पहुंची स्वास्थ्य टीम ने बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों की जांच की। अभियान के दौरान मलेरिया और सिकल सेल की जांच के साथ मोतियाबिंद और कुष्ठ रोग के संभावित मरीजों की भी पहचान की गई। गर्भवती महिलाओं की विशेष स्वास्थ्य जांच और बच्चों का टीकाकरण भी किया गया।

जांच के दौरान एक गर्भवती महिला, एक मोतियाबिंद मरीज और दो मलेरिया पॉजिटिव मरीजों की स्थिति गंभीर पाई गई। समय रहते बीमारी और गंभीर स्थिति की पहचान होने के बाद चारों मरीजों को आगे के उपचार के लिए जिला अस्पताल रेफर किया गया।

दुर्गम गांव में पहली बार पहुंची समग्र स्वास्थ्य जांच

लोहागांव जैसे दुर्गम क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना भौगोलिक परिस्थितियों के कारण चुनौतीपूर्ण है। इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग की टीम करीब 11 किलोमीटर पैदल सफर कर गांव पहुंची। ग्रामीणों के लिए यह पहली बार था, जब गांव में ही उन्हें एक साथ विभिन्न स्वास्थ्य जांच और प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं की सुविधा मिली।

स्वास्थ्य टीम ने ग्रामीणों को यह भरोसा भी दिलाया कि स्वास्थ्य सेवाएं केवल अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंचने वाले मरीजों तक सीमित नहीं हैं। जहां स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंचना कठिन है, वहां विभाग की टीमें स्वयं लोगों तक पहुंचकर बीमारी की पहचान, जांच और उपचार की शुरुआत कर रही हैं।

समय पर जांच और उपचार से गंभीर मरीजों को मिली आगे की सुविधा

अभियान का उद्देश्य केवल ग्रामीणों की जांच करना नहीं, बल्कि बीमारी की समय पर पहचान कर आवश्यक उपचार उपलब्ध कराना और गंभीर मरीजों को उच्च स्वास्थ्य संस्था से जोड़ना भी है। लोहागांव में चार गंभीर मरीजों की पहचान और तत्काल रेफरल इसी व्यवस्था का हिस्सा है।

76 स्वास्थ्य स्थलों के माध्यम से गांव-गांव पहुंच रहीं टीमें

सेवा संकल्प अभियान के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने की प्रतिबद्धता के साथ दूरस्थ और कठिन पहुंच वाले क्षेत्रों में विशेष स्वास्थ्य जांच पर जोर दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान के तहत जिले के 76 स्वास्थ्य स्थलों के माध्यम से स्वास्थ्य टीमें गांव-गांव पहुंची हैं।

अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग की कोशिश है कि दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को बीमारी की पहचान के लिए लंबी दूरी तय न करनी पड़े। स्वास्थ्य टीमों के गांव तक पहुंचने से जांच, आवश्यक उपचार और जरूरत पड़ने पर उच्च स्वास्थ्य संस्था तक रेफरल की प्रक्रिया को मौके पर ही आगे बढ़ाया जा रहा है। लोहागांव में 62 ग्रामीणों की जांच और चार गंभीर मरीजों का समय पर रेफरल इसी प्रयास का उदाहरण है।

सम्बन्धित खबरें