डेरी गड़ाई के साथ बस्तर दशहरा के मांगलिक मंडप की रखी गई आधारशिला

  • Admin
  • Sep 24, 2026
  • 4,766 views

सिरहासार भवन में पूरे विधि-विधान से संपन्न हुआ पारंपरिक अनुष्ठान, डेरी स्थापना के बाद मेम्बरीनों ने खेली हल्दी

रायपुर, 24 सितम्बर 2026। 

विश्व प्रसिद्ध और ऐतिहासिक बस्तर दशहरा के अंतर्गत मंडप आच्छादन का मुख्य आधार मानी जाने वाली पावन रस्म डेरी गड़ाई गुरुवार को बस्तर जिले के जिला मुख्यालय जगदलपुर स्थित सिरहासार भवन में पूरे पारंपरिक विधि-विधान, लोक-संस्कृति और देव-विधान के साथ गरिमामयी माहौल में संपन्न हुई। इस रस्म के विधिवत निर्वहन के साथ ही बस्तर दशहरा के विशाल मांगलिक मंडप की आधारशिला रखी गई।

बिलोरी से लाई गईं दो पावन डेरी

पुरातन लोक-परंपरा के अनुसार नगर सीमा से लगे ग्राम बिलोरी से ग्रामीण दो विशेष काष्ठ स्तंभ लेकर सिरहासार भवन पहुंचे। स्थानीय बोली और संस्कृति में इन काष्ठ स्तंभों को ‘डेरी’ कहा जाता है। सिरहासार भवन परिसर में इन पावन काष्ठ स्तंभों की पारंपरिक मंत्रोच्चार और पूजा-अर्चना के बाद विधिवत स्थापना की गई।

डेरी गड़ाई और मंडप आच्छादन का यह मंगल विधान पूरा होते ही पूरा परिसर उल्लास से भर उठा। वर्षों पुरानी परंपरा के अनुसार डेरी स्थापना के तुरंत बाद मेम्बरीनों ने उत्साह और उमंग के साथ हल्दी खेली। हल्दी के इस पारंपरिक आयोजन ने बस्तर दशहरा के पावन अवसर को आत्मीयता, आनंद और मांगलिक रंगों से सराबोर कर दिया।

परंपरा के साथ दिखी जनभागीदारी और प्रशासनिक सहभागिता

इस ऐतिहासिक एवं पारंपरिक आयोजन में जनभागीदारी और प्रशासनिक सहभागिता का अनूठा संगम देखने को मिला। कार्यक्रम में सांसद एवं बस्तर दशहरा समिति के अध्यक्ष महेश कश्यप, बस्तर दशहरा समिति के उपाध्यक्ष बलराम मांझी, महापौर संजय पाण्डे सहित कमिश्नर डोमन सिंह, कलेक्टर आकाश छिकारा और पुलिस अधीक्षक शलभ सिन्हा

सम्बन्धित खबरें