राष्ट्र सेविका समिति के विजयादशमी उत्सव में महिला शक्ति और राष्ट्र निर्माण पर जोर

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  • Oct 17, 2026
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प्रमुख संचालिका शांताक्का ने महिलाओं से अपनी आंतरिक शक्ति पहचानने का किया आह्वान, भारतीय जीवन-मूल्यों से युवाओं को जोड़ने पर दिया जोर

नागपुर, 16 अक्टूबर 2026।

राष्ट्र सेविका समिति, नागपुर महानगर की ओर से महात्मा गांधी सेंटेनियल स्कूल में शस्त्रपूजन एवं विजयादशमी उत्सव आयोजित किया गया। कार्यक्रम में समिति की प्रमुख संचालिका शांताक्का ने महिलाओं की आंतरिक शक्ति, युवाओं में सकारात्मक बदलाव और भारतीय जीवन-मूल्यों के माध्यम से विश्व कल्याण की दिशा में कार्य करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि महिलाओं को अपनी क्षमताओं को पहचानकर समाज के हित में उनका उपयोग करना चाहिए। साथ ही युवाओं के विचारों और आचरण में सकारात्मक परिवर्तन लाकर उन्हें राष्ट्र निर्माण और विश्व कल्याण का वाहक बनाने के प्रयास जरूरी हैं।

अगले दशक के कार्यों की रूपरेखा पर चर्चा

शांताक्का ने समिति के आगामी दशक के कार्यों के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि जिस प्रकार सात्त्विक आहार शरीर को स्वस्थ रखता है, उसी प्रकार श्रेष्ठ विचार मन और बुद्धि को संस्कारित करते हैं। शाखाओं के माध्यम से चरित्रवान और राष्ट्रनिष्ठ नागरिकों का निर्माण होता है।

उन्होंने समाज में भ्रम फैलाने और युवा पीढ़ी को भटकाने वाली विचारधाराओं के प्रति सतर्क रहने की आवश्यकता जताई। उन्होंने ऐसे तत्वों पर चिंता व्यक्त की, जो उनके अनुसार समाज में भ्रांतियां फैलाकर भारत को अस्थिर करने का प्रयास कर रहे हैं।

सैनिक की मां को बताया महाकाव्य

कार्यक्रम की प्रमुख अतिथि और लक्ष्य फाउंडेशन की अध्यक्ष अनुराधा प्रभुदेसाई ने मातृत्व और सैनिकों के परिवारों के योगदान को रेखांकित किया। उन्होंने कहा, “अगर संतान एक अक्षर है तो मां कविता संग्रह है और फौजी की मां तो महाकाव्य है।”

समिति की सेविकाओं द्वारा प्रस्तुत प्रात्यक्षिकों को देखकर उन्होंने कहा कि यही युवतियां आगे चलकर समाज को नेतृत्व प्रदान करेंगी।

शस्त्रपूजन से हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ

कार्यक्रम की शुरुआत प्रमुख संचालिका शांताक्का और प्रमुख अतिथि अनुराधा प्रभुदेसाई द्वारा शस्त्रपूजन के साथ हुई। इस अवसर पर राष्ट्र सेविका समिति की अखिल भारतीय सह कार्यवाहिका चित्राताई जोशी सहित समिति के अन्य अखिल भारतीय एवं क्षेत्रीय पदाधिकारी उपस्थित रहे। विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों और समाज के गणमान्य नागरिकों ने भी कार्यक्रम में सहभागिता की।

कार्यक्रम का समापन संपूर्ण वंदे मातरम् के सामूहिक गायन के साथ हुआ।

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