राम-नामी’ फिल्म को राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिलने पर संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने जताया हर्ष, निर्देशक भारतबाला गणपति सहित पूरी टीम को दी शुभकामनाएं

  • Admin
  • Sep 23, 2026
  • 9,969 views

राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार में गूंजी छत्तीसगढ़ की रामनामी परंपरा, ‘राम-नामी’ बनी सर्वश्रेष्ठ डॉक्यूमेंट्री

रायपुर, 23 सितंबर 2026। छत्तीसगढ़ की विशिष्ट लोक परंपरा रामनामी को राष्ट्रीय मंच पर नई पहचान मिली है। रामनामी समुदाय की अनूठी परंपरा और सांस्कृतिक पहचान पर आधारित डॉक्यूमेंट्री फिल्म ‘राम-नामी’ को 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार में सर्वश्रेष्ठ डॉक्यूमेंट्री का सम्मान मिला है। वर्ष 2024 की फिल्मों के लिए घोषित पुरस्कारों में ‘राम-नामी’ को हिंदी भाषा की सर्वश्रेष्ठ डॉक्यूमेंट्री चुना गया। फिल्म के निर्माता बीबीपी स्टूडियो वर्चुअल भारत प्राइवेट लिमिटेड और निर्देशक भरतबाला गणपति हैं।

इस उपलब्धि पर संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने फिल्म के निर्देशक भरतबाला गणपति, निर्माता और पूरी फिल्म टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा कि ‘राम-नामी’ को राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिलना छत्तीसगढ़ के लिए गौरव और हर्ष का विषय है। उनके अनुसार यह सम्मान केवल एक डॉक्यूमेंट्री फिल्म को मिला पुरस्कार नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की लोक परंपराओं, सांस्कृतिक मूल्यों, आध्यात्मिक चेतना और पीढ़ियों से चली आ रही विरासत को राष्ट्रीय स्तर पर मिली पहचान भी है।

रामनामी परंपरा को मिला राष्ट्रीय मंच

राजेश अग्रवाल ने कहा कि रामनामी समुदाय की परंपरा छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विविधता का विशिष्ट उदाहरण है। अपनी अनूठी आस्था, परंपराओं और जीवन मूल्यों के माध्यम से रामनामी समाज ने प्रदेश की लोक संस्कृति को समृद्ध बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। ‘राम-नामी’ डॉक्यूमेंट्री ने इस विशिष्ट सांस्कृतिक परंपरा को प्रभावी ढंग से देश के व्यापक दर्शक वर्ग तक पहुंचाने का काम किया है।

उन्होंने फिल्म के निर्देशक भरतबाला गणपति और पूरी टीम के रचनात्मक प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि किसी लोक परंपरा को संवेदनशीलता और प्रभावशाली सिनेमाई प्रस्तुति के माध्यम से राष्ट्रीय मंच तक पहुंचाना महत्वपूर्ण उपलब्धि है। फिल्म से जुड़े कलाकार, तकनीकी विशेषज्ञ, निर्माता और सहयोगी इस सम्मान के सहभागी हैं।

लोककला और सांस्कृतिक विरासत को सामने लाने का अवसर

संस्कृति मंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत व्यापक और विविधतापूर्ण है। प्रदेश की लोककलाएं, लोकगीत, लोकनृत्य, जनजातीय परंपराएं, धार्मिक आस्थाएं और सदियों पुरानी सांस्कृतिक परंपराएं इसकी विशिष्ट पहचान हैं। ‘राम-नामी’ को मिला राष्ट्रीय सम्मान इन समृद्ध परंपराओं को देश और दुनिया के सामने प्रस्तुत करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार छत्तीसगढ़ की लोक एवं सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण, संवर्धन और व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए निरंतर काम कर रही है। उनके अनुसार ‘राम-नामी’ को मिला यह सम्मान प्रदेश के अन्य लोक कलाकारों, रचनाकारों, फिल्मकारों और सांस्कृतिक कर्मियों को भी अपनी जड़ों, परंपराओं और लोक विरासत को रचनात्मक माध्यमों से सामने लाने के लिए प्रेरित करेगा।

72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार में मिला सम्मान

वर्ष 2024 की फिल्मों के लिए घोषित 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में ‘राम-नामी’ को सर्वश्रेष्ठ डॉक्यूमेंट्री का पुरस्कार दिया गया है। आधिकारिक पुरस्कार सूची में इसे हिंदी भाषा की Best Documentary श्रेणी में रखा गया है। फिल्म के निर्माता बीबीपी स्टूडियो वर्चुअल भारत प्राइवेट लिमिटेड और निर्देशक भरतबाला गणपति दर्ज हैं। पुरस्कार रजत कमल और 2 लाख रुपये का है।

राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों का 72वां समारोह 22 सितंबर 2026 को गुजरात के एकता नगर (केवड़िया) में आयोजित हुआ, जहां राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने ‘राम-नामी’ के सर्वश्रेष्ठ डॉक्यूमेंट्री पुरस्कार को प्रदान किया।

छत्तीसगढ़ की पहचान को राष्ट्रीय पटल पर मजबूती

राजेश अग्रवाल ने भरतबाला गणपति और ‘राम-नामी’ की पूरी टीम को इस उपलब्धि के लिए बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि यह सम्मान छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय पटल पर और अधिक सशक्त रूप से स्थापित करने वाला महत्वपूर्ण अवसर है।

‘राम-नामी’ को मिला राष्ट्रीय सम्मान प्रदेश की लोक परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को रचनात्मक माध्यमों से व्यापक दर्शक वर्ग तक पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में सामने आया है।

सम्बन्धित खबरें