आयुर्वेद से स्वस्थ जीवनशैली तक जागरूकता, जनकपुर कॉलेज में 220 विद्यार्थियों की भागीदारी

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  • Sep 24, 2026
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मानसिक स्वास्थ्य, योग, प्राणायाम और दिनचर्या पर विशेषज्ञों ने साझा किए उपयोगी सुझाव

रायपुर, 24 सितम्बर 2026। सेवा संकल्प अभियान के तहत ग्यारहवें राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस के उपलक्ष्य में शासकीय महाविद्यालय जनकपुर में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को आयुर्वेद की मूल अवधारणा, इसके महत्व और स्वस्थ जीवनशैली में इसकी उपयोगिता से परिचित कराना रहा। विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों के साथ संवाद करते हुए आयुर्वेद के विभिन्न पहलुओं और दैनिक जीवन में इसके उपयोग से जुड़ी जानकारी साझा की। कार्यक्रम में करीब 220 विद्यार्थियों ने सहभागिता की।

कार्यक्रम में आयुर्वेद क्या है, राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस मनाने का उद्देश्य, मानसिक स्वास्थ्य, प्राणायाम, सूर्य नमस्कार, दिनचर्या और ऋतुचर्या सहित आयुर्वेद से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई। वक्ताओं ने बताया कि स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने के लिए केवल उपचार पर निर्भर रहने के बजाय स्वस्थ जीवनशैली और नियमित दिनचर्या अपनाना भी महत्वपूर्ण है। संतुलित खान-पान, पर्याप्त शारीरिक गतिविधि, योग एवं प्राणायाम तथा ऋतु के अनुरूप जीवनशैली अपनाने से स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाई जा सकती है।

मानसिक स्वास्थ्य और योग पर विशेष चर्चा

कार्यक्रम में विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य को भी विशेष चर्चा का विषय बनाया गया। विशेषज्ञों ने तनावपूर्ण परिस्थितियों में स्वयं को संतुलित रखने, नियमित दिनचर्या अपनाने और शारीरिक गतिविधियों के माध्यम से स्वस्थ जीवनशैली विकसित करने की जानकारी दी।

प्राणायाम और सूर्य नमस्कार के महत्व पर प्रकाश डालते हुए इनके नियमित अभ्यास से होने वाले सामान्य लाभों के बारे में बताया गया। वहीं दिनचर्या और ऋतुचर्या के माध्यम से मौसम तथा दैनिक जीवन के अनुरूप खान-पान और व्यवहार में आवश्यक सावधानियों की जानकारी दी गई। विद्यार्थियों को स्वास्थ्य संबंधी अच्छी आदतों को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया गया।

प्रश्नोत्तरी से परखी आयुर्वेद और स्वास्थ्य संबंधी समझ

कार्यक्रम को संवादात्मक और रोचक बनाने के लिए प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का आयोजन भी किया गया। विद्यार्थियों ने आयुर्वेद, योग, स्वास्थ्य और जीवनशैली से जुड़े प्रश्नों में उत्साहपूर्वक भाग लिया। विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं का विशेषज्ञों ने सरल भाषा में उत्तर देकर समाधान किया।

प्रश्नोत्तरी के माध्यम से विद्यार्थियों को आयुर्वेद के व्यावहारिक पक्षों को समझने और कार्यक्रम में दी गई जानकारी को दोहराने का अवसर मिला। इससे भारतीय चिकित्सा पद्धति और स्वास्थ्य संबंधी विषयों के प्रति विद्यार्थियों में रुचि एवं जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया गया।

विशेषज्ञों ने दिए स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के सुझाव

कार्यक्रम में डॉ. प्रभाकर तिवारी, डॉ. शिवपाल सिंह और डॉ. अंकुर राय ने विद्यार्थियों को आयुर्वेद एवं स्वस्थ जीवनशैली से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी। विशेषज्ञों ने स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने तथा दैनिक जीवन में योग, प्राणायाम और नियमित शारीरिक गतिविधियों को स्थान देने के लिए प्रेरित किया।

उन्होंने आयुर्वेद की उस व्यापक अवधारणा पर भी चर्चा की, जिसमें स्वास्थ्य संरक्षण के साथ संतुलित जीवनशैली और प्रकृति के अनुरूप दिनचर्या को महत्व दिया जाता है। विद्यार्थियों को स्वास्थ्य संबंधी किसी भी समस्या के लिए योग्य चिकित्सकीय सलाह लेने के प्रति भी जागरूक किया गया।

महाविद्यालय परिवार की सक्रिय सहभागिता

कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अवनीश पटेल, डॉ. महावीर पैकरा, परमानंद, बंजारे, आशुतोष, डॉ. अमित पाण्डेय और डॉ. रीतेश कौशल सहित महाविद्यालय के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम विद्यार्थियों को आयुर्वेद और स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूक करने की दिशा में उपयोगी रहा। कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता केवल बीमारी के समय तक सीमित नहीं है, बल्कि दैनिक आदतों और नियमित दिनचर्या से भी जुड़ी है। संतुलित जीवनशैली, योग, प्राणायाम और स्वास्थ्य के प्रति सजगता को अपनाकर विद्यार्थी अपने वर्तमान के साथ भविष्य को भी बेहतर बनाने की दिशा में कदम बढ़ा सकते हैं।

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