रंग-बिरंगे चित्रों से सजी आंगनबाड़ी ने बदली नौनिहालों की दुनिया, पोषण के साथ सीखने का भी मिल रहा माहौल

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  • Sep 24, 2026
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अड़हापारा रिखी के मॉडल आंगनबाड़ी केंद्र में बाल-अनुकूल वातावरण से बढ़ी बच्चों की रुचि और उपस्थिति, बेहतर अधोसंरचना का दिख रहा सकारात्मक असर

रायपुर, 24 सितम्बर 2026। 

आंगनबाड़ी केंद्र की रंग-बिरंगी दीवारों पर उकेरे गए आकर्षक चित्र अब नौनिहालों के लिए महज सजावट नहीं रह गए हैं। ये चित्र बच्चों को केंद्र की ओर आकर्षित करने के साथ उन्हें आसपास की चीजों को पहचानने और समझने के लिए भी प्रेरित कर रहे हैं। बेहतर भवन, बाल-अनुकूल वातावरण और नियमित पौष्टिक आहार की सुविधा ने उदयपुर विकासखंड के ग्राम पंचायत अड़हापारा रिखी स्थित मॉडल आंगनबाड़ी केंद्र की तस्वीर बदल दी है। नए भवन के आकर्षक परिवेश से बच्चों में आंगनबाड़ी आने का उत्साह बढ़ा है और पहले की तुलना में उनकी उपस्थिति में भी बढ़ोतरी देखने को मिल रही है।

सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत सामने आई यह ‘सेवा की कहानी’ बताती है कि आंगनबाड़ी केंद्रों में बेहतर आधारभूत सुविधाओं के साथ बच्चों की रुचि के अनुरूप वातावरण तैयार करने से पोषण, देखभाल और प्रारंभिक सीखने की सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है।

रंग-बिरंगे चित्रों ने बढ़ाया बच्चों का जुड़ाव

केंद्र की सहायिका वंदना सिंह बताती हैं कि नया मॉडल आंगनबाड़ी भवन बनने के बाद यहां का वातावरण पहले की तुलना में अधिक आकर्षक और बच्चों के अनुकूल हुआ है। दीवारों पर बनाए गए रंग-बिरंगे चित्र और पेंटिंग छोटे बच्चों का ध्यान सहज रूप से अपनी ओर खींचते हैं। बच्चे इन चित्रों को उत्सुकता से देखते हैं और इनके माध्यम से आसपास की चीजों को पहचानने तथा समझने का प्रयास करते हैं।

वंदना सिंह के अनुसार नए भवन और बाल-अनुकूल परिवेश का असर बच्चों की उपस्थिति पर भी साफ दिखाई दे रहा है। पहले की तुलना में अब अधिक बच्चे केंद्र पहुंच रहे हैं। उनमें आंगनबाड़ी आने का उत्साह बढ़ा है और वे नियमित रूप से केंद्र में संचालित विभिन्न गतिविधियों से जुड़ रहे हैं।

पौष्टिक आहार के साथ प्रारंभिक सीखने का बेहतर वातावरण

मॉडल आंगनबाड़ी केंद्र में बच्चों की रुचि और सीखने के वातावरण के साथ उनके पोषण पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। निर्धारित साप्ताहिक मेन्यू के अनुसार बच्चों को सुबह नाश्ता दिया जाता है। इसमें दिन के अनुसार मीठा अथवा नमकीन दलिया शामिल रहता है। इसके बाद बच्चों को दाल, चावल और सब्जी सहित भोजन उपलब्ध कराया जाता है।

आंगनबाड़ी सहायिका के रूप में वंदना सिंह बच्चों के लिए भोजन तैयार करने और उन्हें निर्धारित पौष्टिक आहार उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी निभाती हैं। इस व्यवस्था ने केंद्र को बच्चों के लिए केवल देखभाल का स्थान न रहकर पोषण और प्रारंभिक सीखने के अनुकूल वातावरण वाले केंद्र के रूप में विकसित किया है।

आकर्षक सुविधाओं से खुशी-खुशी आ रहे बच्चे

वंदना सिंह कहती हैं कि नए आंगनबाड़ी केंद्र से बच्चों को पहले की तुलना में बेहतर वातावरण मिला है। आकर्षक भवन और रंगीन चित्रों के कारण बच्चे खुशी से यहां आते हैं और केंद्र में समय बिताने में उनकी रुचि भी बढ़ी है। उन्होंने नौनिहालों के लिए उपलब्ध कराई गई सुविधाओं पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया।

अधोसंरचना, पोषण और सीखने का एक साथ असर

सेवा संकल्प अभियान के तहत अड़हापारा रिखी के मॉडल आंगनबाड़ी केंद्र की यह कहानी उस बदलाव को सामने लाती है, जहां बेहतर अधोसंरचना, बाल-अनुकूल वातावरण और पोषण सेवाओं का समन्वय बच्चों को आंगनबाड़ी से जोड़ रहा है। रंग-बिरंगी दीवारों से बढ़ी बच्चों की उत्सुकता और उपस्थिति यह दर्शाती है कि नौनिहालों के अनुकूल विकसित सुविधाएं उनके पोषण, देखभाल और प्रारंभिक सीखने की मजबूत नींव तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।

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