राष्ट्रीय एकता दिवस परेड में मध्यप्रदेश पुलिस का दमदार प्रदर्शन, हॉक फोर्स और पुलिस बैंड ने बढ़ाया प्रदेश का गौरव

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  • Nov 01, 2026
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भोपाल, 1 नवंबर 2026।

 गुजरात के एकता नगर में 31 अक्टूबर को आयोजित राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह में मध्यप्रदेश पुलिस के जवानों ने अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन से प्रदेश का गौरव बढ़ाया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गरिमामयी उपस्थिति में आयोजित राष्ट्रीय एकता दिवस परेड में मध्यप्रदेश पुलिस की हॉक फोर्स, 7वीं वाहिनी के पुलिस बैंड और सात बाइक राइडर्स ने भाग लिया। अनुशासन, कदमताल और बेहतर समन्वय के साथ पुलिस दलों ने शानदार प्रदर्शन किया।

इस राष्ट्रीय आयोजन के लिए हॉक फोर्स और पुलिस बैंड के जवानों ने लगभग 40 दिनों तक लगातार अभ्यास किया। 21 सितंबर से 30 अक्टूबर 2026 तक निर्धारित समय-सारिणी के अनुसार विशेष प्रशिक्षण और अभ्यास संचालित किया गया। इसमें हॉक फोर्स के 195 और 7वीं वाहिनी के पुलिस बैंड के 109 अधिकारी-कर्मचारियों सहित कुल 304 जवानों ने हिस्सा लिया।

40 दिनों की मेहनत ने राष्ट्रीय मंच पर दिखाई ताकत

परेड की तैयारी के दौरान फुट कंटिंजेंट, प्रशासनिक स्टाफ, ड्रिल इंस्ट्रक्टर और बैंड के सदस्यों ने एकजुट होकर काम किया। कदमताल, अनुशासन, समयबद्धता और आपसी तालमेल को बेहतर बनाने के लिए नियमित अभ्यास किया गया। जवानों ने अपनी नियमित जिम्मेदारियों के साथ इस विशेष तैयारी में भी पूरी निष्ठा और समर्पण दिखाया।

31 अक्टूबर को राष्ट्रीय एकता दिवस परेड में हॉक फोर्स के फुट कंटिंजेंट और 7वीं वाहिनी के पुलिस बैंड ने अपने सधे हुए प्रदर्शन से दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया। यह प्रस्तुति मध्यप्रदेश पुलिस की संगठनात्मक क्षमता, अनुशासन और सामूहिक कार्यशैली का परिचायक बनी।

नक्सल उन्मूलन अभियान में हॉक फोर्स की अहम भूमिका

मध्यप्रदेश पुलिस की हॉक फोर्स बालाघाट के दुर्गम वन क्षेत्रों में नक्सल विरोधी अभियानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। वर्तमान में हॉक फोर्स की 31 यूनिट बालाघाट क्षेत्र में तैनात हैं।

विशेष गुरिल्ला युद्ध कौशल, रणनीति और साहस के दम पर हॉक फोर्स अब तक 45 नक्सलियों को निष्क्रिय कर चुकी है, 28 को गिरफ्तार किया है और 19 नक्सलियों को आत्मसमर्पण के लिए प्रेरित किया है।

प्रदेश की आंतरिक सुरक्षा और शांति स्थापना के लिए हॉक फोर्स के 38 जवानों ने सर्वोच्च बलिदान दिया है। लगातार चलाए जा रहे अभियानों से बालाघाट क्षेत्र में नक्सली गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने और क्षेत्र को शांति, सुरक्षा एवं विकास की मुख्यधारा से जोड़ने में महत्वपूर्ण सफलता मिली है।

नक्सल उन्मूलन जैसे चुनौतीपूर्ण अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली यही हॉक फोर्स राष्ट्रीय एकता दिवस के मंच पर मध्यप्रदेश पुलिस का प्रतिनिधित्व करते हुए अपने अनुशासन और उत्कृष्ट प्रदर्शन से प्रदेश का गौरव बढ़ा रही है।

7 राइडर्स ने 14,165 किलोमीटर की यात्रा कर दिया नशामुक्ति का संदेश

राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह के साथ नशामुक्त भारत का संदेश जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से राष्ट्रीय मोटरसाइकिल रैली भी आयोजित की गई। इसमें विभिन्न पुलिस बलों की 45 टीमों के कुल 225 राइडर्स शामिल हुए। इनमें 205 पुरुष और 20 महिला राइडर्स थीं। सभी ने देशभर में लगभग 14,165 किलोमीटर की यात्रा कर गांवों, कस्बों और शहरों में नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूकता फैलाई।

मध्यप्रदेश पुलिस के सात राइडर्स को पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा ने 22 अक्टूबर को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था। प्रदेश के विभिन्न जिलों और वाहिनियों से चयनित इस सात सदस्यीय दल का नेतृत्व रक्षित निरीक्षक ने किया। दल ने राष्ट्रीय मोटरसाइकिल रैली में भाग लेते हुए नशामुक्त भारत का संदेश पहुंचाया और एकता नगर में राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह के दौरान मध्यप्रदेश पुलिस का प्रतिनिधित्व किया।

नागेंद्र सिंह के नेतृत्व में हुआ आयोजन का समन्वय

इस पूरे आयोजन की तैयारी और समन्वय में नोडल अधिकारी एवं 25वीं वाहिनी के कमांडेंट नागेंद्र सिंह, आईपीएस की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उनके मार्गदर्शन और नेतृत्व में हॉक फोर्स, 7वीं वाहिनी के पुलिस बैंड, ड्रिल इंस्ट्रक्टर, प्रशासनिक स्टाफ और संबंधित अधिकारी-कर्मचारियों ने मिलकर जिम्मेदारी निभाई।

डीजीपी कैलाश मकवाणा ने पूरी टीम को दी बधाई

पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा ने इस उपलब्धि पर हॉक फोर्स, 7वीं वाहिनी के पुलिस बैंड, राष्ट्रीय मोटरसाइकिल रैली में शामिल सभी राइडर्स और आयोजन से जुड़े अधिकारी-कर्मचारियों को बधाई दी।

उन्होंने कहा कि किसी बड़े राष्ट्रीय आयोजन में प्रदेश पुलिस का प्रतिनिधित्व करना गौरव के साथ-साथ महत्वपूर्ण जिम्मेदारी भी है। इस तरह के उत्कृष्ट प्रदर्शन के पीछे लंबे समय का अनुशासित अभ्यास, समर्पण, कठिन परिश्रम और टीम भावना होती है।

पुलिस महानिदेशक ने नोडल अधिकारी नागेंद्र सिंह सहित पूरी टीम के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि इस उपलब्धि का श्रेय प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी को जाता है, जिसने अभ्यास से लेकर अंतिम प्रदर्शन तक पूरी निष्ठा के साथ अपनी भूमिका निभाई।

उन्होंने सभी जवानों और अधिकारियों को भविष्य में भी इसी अनुशासन, समर्पण और सामूहिक भावना के साथ मध्यप्रदेश पुलिस की गरिमा एवं प्रतिष्ठा को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित किया।

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