युवा बड़े सपने देखें, सफलता को राष्ट्रसेवा से जोड़ें: राष्ट्रपति मुर्मु

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  • Oct 22, 2026
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ज्ञान के साथ विनम्रता, महत्वाकांक्षा के साथ नैतिकता और सफलता के साथ सेवा-भाव अपनाने का आह्वान

विकसित भारत के लिए युवाओं और महिलाओं की समान भागीदारी जरूरी


रायपुर, 22 अक्टूबर 2026। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने युवाओं से बड़े सपने देखने, अपनी प्रतिभा और ज्ञान का उपयोग समाज की समस्याओं के समाधान में करने तथा व्यक्तिगत सफलता को राष्ट्रसेवा से जोड़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि युवाओं की उपलब्धियां तभी सार्थक हैं, जब उनसे समाज में सकारात्मक बदलाव आए और राष्ट्र की प्रगति को गति मिले। युवाओं को ज्ञान के साथ विनम्रता, महत्वाकांक्षा के साथ नैतिकता और सफलता के साथ सेवा-भाव अपनाना चाहिए। वर्ष 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य हासिल करने में युवाओं के साथ महिलाओं की समान भागीदारी भी अनिवार्य है। राष्ट्रपति गुरुवार को रायपुर के सरदार बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में नुआखाई के अवसर पर आयोजित ‘सेवा सम्मान पर्व एवं युवा प्रबोधन’ कार्यक्रम को संबोधित कर रही थीं।

असफलताओं से सीखें, ईमानदारी और संवेदनशीलता से करें काम

राष्ट्रपति ने युवाओं से जीवन में सीखने की प्रक्रिया निरंतर जारी रखने, पुस्तकें पढ़ने, प्रश्न पूछने और अपने ज्ञान एवं कौशल को विकसित करने की अपील की। उन्होंने कहा कि सफलता और असफलता जीवन का हिस्सा हैं। असफलताओं से निराश होने के बजाय उनसे सीखकर आगे बढ़ना चाहिए। राष्ट्र का निर्माण केवल बड़े निर्णयों से नहीं, बल्कि करोड़ों नागरिकों के छोटे-छोटे ईमानदार प्रयासों से होता है। प्रत्येक युवा अपने काम में ईमानदारी, निष्ठा और संवेदनशीलता को महत्व दे।

नारी शक्ति को मिले समान अवसर

राष्ट्रपति ने कहा कि देश की आधी आबादी को आगे बढ़ाए बिना राष्ट्र अपनी पूरी क्षमता के साथ प्रगति नहीं कर सकता। उन्होंने महिलाओं से देश और समाज के कार्यों में बढ़-चढ़कर भागीदारी करने का आह्वान किया। युवाओं और पुरुषों से आग्रह किया कि वे अपनी बहनों और बेटियों को ऐसा वातावरण और अवसर दें, जहां वे बिना बाधा अपने सपनों को साकार कर सकें। महिलाओं के प्रति सम्मान सोच, व्यवहार और दैनिक आचरण में भी दिखना चाहिए।

नुआखाई अन्न, किसान और प्रकृति के सम्मान का पर्व

नुआखाई की शुभकामनाएं देते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि यह पर्व केवल सांस्कृतिक आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक एकता, आपसी सद्भाव और समृद्ध कृषि परंपरा का उत्सव है। अन्न किसानों के परिश्रम, धरती की उदारता और प्रकृति के अनमोल उपहार का प्रतीक है। अन्न का सम्मान करना, किसानों के योगदान को स्वीकार करना और प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा करना सभी का सामूहिक दायित्व है।

नक्सलवाद के अंधेरे से विकास के उजाले की ओर छत्तीसगढ़

राष्ट्रपति ने छत्तीसगढ़ में हो रहे सकारात्मक बदलाव पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि केंद्र और राज्य सरकारों के प्रयासों तथा युवाओं की दृढ़ इच्छाशक्ति से प्रदेश के युवा नक्सलवाद के भटकाव से निकलकर मुख्यधारा से जुड़ रहे हैं। जहां कभी आतंक का अंधेरा था, वहां आज विकास का उजियारा फैल रहा है। इससे युवाओं और उनके परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव के साथ प्रदेश तथा देश के विकास को भी गति मिल रही है।

राष्ट्रपति का जीवन बेटियों और युवाओं के लिए प्रेरणा: मुख्यमंत्री साय

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राष्ट्रपति का छत्तीसगढ़ की तीन करोड़ जनता की ओर से स्वागत-अभिनंदन करते हुए कहा कि ओडिशा के छोटे से गांव से देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद तक पहुंचने की उनकी जीवन यात्रा संघर्ष, सादगी, सेवा, शिक्षा और दृढ़ संकल्प की प्रेरक मिसाल है। यह विशेष रूप से देश की बेटियों, युवाओं तथा जनजातीय और ग्रामीण अंचलों के लिए प्रेरणास्रोत है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने में युवाओं की निर्णायक भूमिका होगी। राज्य सरकार शिक्षा, रोजगार, कौशल विकास, नवाचार और उद्यमिता के अवसर बढ़ा रही है। गीदम, कुनकुरी, जांजगीर-चांपा, मनेन्द्रगढ़ और कवर्धा में पांच नए मेडिकल कॉलेज शुरू किए गए हैं। नवा रायपुर में नेशनल स्किल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट स्थापित किया जा रहा है, जहां प्रतिवर्ष लगभग चार हजार युवाओं को आधुनिक तकनीक और व्यावसायिक प्रशिक्षण मिलेगा। छत्तीसगढ़ राज्य एआई मिशन के तहत छह लाख विद्यार्थियों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता का प्रशिक्षण देने का लक्ष्य है।
उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ स्टार्टअप प्रोत्साहन नीति के तहत युवाओं के नवाचार को बढ़ावा देने के लिए 100 करोड़ रुपये का स्टार्टअप फंड बनाया गया है। प्रदेश में फॉरेंसिक यूनिवर्सिटी कैंपस, निफ्ट और नाइलिट जैसे संस्थानों की स्थापना की दिशा में पहल की गई है। चार वर्ष की सैन्य सेवा पूरी करने वाले प्रदेश के अग्निवीरों को पुलिस आरक्षक, वनरक्षक और जेल प्रहरी की सीधी भर्ती में 10 प्रतिशत आरक्षण देने का निर्णय लिया गया है।

राज्यपाल ने सेवा और सामाजिक एकता को बताया पर्व का संदेश

राज्यपाल रमेन डेका ने नुआखाई को नई फसल के स्वागत, धरती के प्रति कृतज्ञता, किसानों के सम्मान और सामाजिक एकता का पर्व बताया। उन्होंने युवाओं से सेवा को जीवन का स्वभाव बनाने, नशे और भटकाव से दूर रहने तथा ज्ञान, कौशल और नवाचार के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में योगदान देने की अपील की। उन्होंने राष्ट्रपति के संघर्ष, सादगी और सेवाभाव को प्रेरणादायक बताया।

रक्तदान महाकुंभ में 2,548 लोगों ने किया रक्तदान

सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित रक्तदान महाकुंभ में 2,548 लोगों ने स्वेच्छा से रक्तदान किया। इनमें 1,188 महिलाएं शामिल थीं। मुख्यमंत्री ने इसे प्रदेश की सेवा भावना, सामाजिक सहभागिता और नारी शक्ति का उत्कृष्ट उदाहरण बताया।
कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री अरुण साव और विजय शर्मा, केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, खाद्य मंत्री दयालदास बघेल, तकनीकी शिक्षा मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, राज्यसभा सांसद लक्ष्मी वर्मा, विधायक पुरंदर मिश्रा सहित अन्य जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

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