अन्नदाता की खुशहाली है मोदी सरकार की प्राथमिकता : शिवराज सिंह चौहान

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  • Sep 30, 2026
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तुअर, मूंग, सोयाबीन और सूरजमुखी की बड़े पैमाने पर होगी खरीद; बाजार भाव गिरने से किसानों को बचाने की पहल

नई दिल्ली, 30 सितंबर 2026। खरीफ विपणन सीजन 2026-27 में किसानों को उनकी उपज का लाभकारी मूल्य दिलाने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मूल्य समर्थन योजना (PSS) के तहत उत्तर प्रदेश, तेलंगाना और कर्नाटक में प्रमुख दलहन एवं तिलहन फसलों की 5,547.99 करोड़ रुपये की न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीद को मंजूरी दी है।

इस निर्णय का उद्देश्य बाजार में फसलों के भाव में गिरावट की स्थिति में किसानों को आर्थिक नुकसान से बचाना और उनकी उपज का उचित मूल्य सुनिश्चित करना है। सरकार ने खरीद व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और सुगम बनाने पर भी जोर दिया है।

उत्तर प्रदेश में 4,66,000 मीट्रिक टन तुअर की खरीद

उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए 3,992.57 करोड़ रुपये की कुल खरीद को मंजूरी दी गई है। इसमें:

3,937.70 करोड़ रुपये मूल्य की 4,66,000 मीट्रिक टन तुअर की खरीद होगी।

54.87 करोड़ रुपये मूल्य की 6,250 मीट्रिक टन मूंग MSP पर खरीदी जाएगी।

कर्नाटक में सोयाबीन, मूंग और सूरजमुखी की खरीद

कर्नाटक के दलहन एवं तिलहन उत्पादक किसानों के लिए कुल 1,107 करोड़ रुपये की उपज खरीद को मंजूरी दी गई है। इसके तहत:

659.27 करोड़ रुपये मूल्य की 1,15,500 मीट्रिक टन सोयाबीन,

335.83 करोड़ रुपये मूल्य की 38,250 मीट्रिक टन मूंग और

111.90 करोड़ रुपये मूल्य की 13,413 मीट्रिक टन सूरजमुखी की खरीद PSS के तहत की जाएगी।

तेलंगाना में 448.42 करोड़ रुपये की खरीद

तेलंगाना के किसानों के लिए 448.42 करोड़ रुपये की खरीद को स्वीकृति दी गई है। इसमें:

353.90 करोड़ रुपये मूल्य की 62,000 मीट्रिक टन सोयाबीन और

94.52 करोड़ रुपये मूल्य की 10,766 मीट्रिक टन मूंग

की MSP पर खरीद शामिल है।

किसानों की आय और कृषि आत्मनिर्भरता पर जोर

कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार किसानों के कल्याण, उनकी आय बढ़ाने और कृषि क्षेत्र को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार का प्रयास है कि किसानों को उनकी उपज का उचित दाम मिले और खरीद तंत्र पहले से अधिक पारदर्शी एवं सुगम बनाया जाए।

उन्होंने कहा कि यह फैसला किसानों को आर्थिक सुरक्षा देने के साथ देश में दलहन और तिलहन उत्पादन को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इससे भारत को दालों और खाद्य तेलों के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के प्रयासों को भी गति मिलेगी।

सरकार ने आश्वस्त किया है कि सभी उपार्जन केंद्रों पर खरीद प्रक्रिया पारदर्शी रखी जाएगी और किसानों को उनकी उपज की राशि का समयबद्ध भुगतान सीधे बैंक खातों में किया जाएगा।

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