केंद्रीय शिक्षा मंत्री श्री प्रल्हाद जोशी ने प्राथमिक शिक्षकों के लिए छह माह का ब्रिज कोर्स किया शुरू

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  • Sep 17, 2026
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प्राथमिक शिक्षकों के लिए छह माह का ब्रिज कोर्स शुरू, बीएडधारी शिक्षकों को मिलेगा विशेष प्रशिक्षण

कक्षा 1 से 5 तक बेहतर शिक्षण के लिए बाल-केंद्रित और समावेशी शिक्षा पर जोर, एनआईओएस के माध्यम से होगा पाठ्यक्रम का संचालन

नई दिल्ली, 17 सितंबर। प्राथमिक स्तर पर शिक्षण की गुणवत्ता मजबूत करने की दिशा में छह माह के प्रमाण-पत्र (ब्रिज) पाठ्यक्रम की शुरुआत की गई है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने 16 सितंबर को नई दिल्ली में प्राथमिक शिक्षक संबंधी शिक्षा (पीटीई) में इस पाठ्यक्रम का शुभारंभ किया। यह कार्यक्रम बीएड डिग्रीधारी सेवारत प्राथमिक विद्यालय शिक्षकों के लिए तैयार किया गया है, ताकि उन्हें कक्षा 1 से 5 तक के विद्यार्थियों को प्रभावी ढंग से पढ़ाने के लिए आवश्यक कौशल और दक्षताएं विकसित करने का अवसर मिल सके।

बाल-केंद्रित और समावेशी शिक्षण पर फोकस

ब्रिज पाठ्यक्रम का संचालन राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान (एनआईओएस) के माध्यम से किया जाएगा। इसमें बाल-केंद्रित, समावेशी और बाल विकास के अनुरूप शिक्षण पद्धतियों पर विशेष जोर दिया गया है। पाठ्यक्रम के जरिए शिक्षकों को छोटे बच्चों की विविध अधिगम आवश्यकताओं को समझने और उनके अनुरूप कक्षा में प्रभावी शिक्षण की क्षमता विकसित करने के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा।

यह पाठ्यक्रम राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) द्वारा निर्धारित ढांचे के अनुरूप तैयार किया गया है। इसमें अकादमिक अध्ययन के साथ कम से कम 10 दिनों की ऑनलाइन संपर्क कक्षाएं तथा कम से कम 20 दिनों का विद्यालय-आधारित अनुभव शामिल है।

सैद्धांतिक अध्ययन के साथ व्यावहारिक प्रशिक्षण

छह माह के इस कार्यक्रम में छह सैद्धांतिक पाठ्यक्रमों के साथ विद्यालय-आधारित प्रायोगिक कार्य भी शामिल किए गए हैं। इसमें अभ्यास शिक्षण, आत्म-चिंतन संबंधी जर्नल और पोर्टफोलियो जैसी गतिविधियों के माध्यम से शिक्षकों को कक्षा में सीखे गए सिद्धांतों के व्यावहारिक इस्तेमाल का अनुभव मिलेगा।

कार्यक्रम का उद्देश्य प्राथमिक शिक्षकों में आवश्यक कौशल, दृष्टिकोण और आत्म-चिंतन की क्षमता विकसित करना है, ताकि वे सभी बच्चों के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और आजीवन अधिगम की मजबूत नींव तैयार कर सकें।

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद तैयार हुआ पाठ्यक्रम

सुप्रीम कोर्ट ने 8 अप्रैल 2024 को सिविल अपील संख्या 5068/2023, देवेश शर्मा बनाम भारत संघ एवं अन्य मामले में एनसीटीई को ऐसे प्राथमिक शिक्षकों के लिए ब्रिज पाठ्यक्रम तैयार करने का अधिकार दिया था, जिनके पास डी.एल.एड. की योग्यता नहीं थी।

इसी क्रम में यह पाठ्यक्रम उन सेवारत प्राथमिक विद्यालय शिक्षकों के लिए तैयार किया गया है, जिनकी नियुक्ति 28 जून 2018 से 11 अगस्त 2023 के बीच कक्षा 1 से 5 तक अध्यापन के लिए बीएड डिग्री के साथ हुई थी। इसमें एनसीटीई की 28 जून 2018 की राजपत्र अधिसूचना के तहत संरक्षित नियुक्तियां शामिल हैं।

हिंदी-अंग्रेजी में अध्ययन, 22 भाषाओं में परीक्षा की सुविधा

पाठ्यक्रम का अध्ययन हिंदी और अंग्रेजी माध्यम से कराया जाएगा। हालांकि, शिक्षक आठवीं अनुसूची में शामिल 22 भाषाओं में से किसी भी भाषा में सार्वजनिक परीक्षा (सैद्धांतिक) दे सकेंगे।

यह कार्यक्रम मुक्त एवं दूरस्थ अधिगम (ओडीएल) पद्धति से संचालित होगा। इसमें ऑनलाइन संपर्क कार्यक्रम, विद्यालय-आधारित प्रायोगिक कार्य, वीडियो ट्यूटोरियल, ई-लर्निंग सामग्री और डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल किया जाएगा। इस व्यवस्था से सेवारत शिक्षक अपनी नियमित पेशेवर जिम्मेदारियों के साथ प्रशिक्षण पूरा कर सकेंगे।

ऑनलाइन होगा प्रवेश

पात्र शिक्षक एनआईओएस के आधिकारिक ब्रिज पाठ्यक्रम पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन प्रवेश ले सकेंगे। पंजीकरण, आवश्यक दस्तावेज अपलोड करने और प्रवेश की स्थिति की जानकारी प्राप्त करने की सुविधा ऑनलाइन उपलब्ध होगी।

पाठ्यक्रम की अध्ययन सामग्री और स्व-अधिगम सामग्री डिजिटल प्रारूप में उपलब्ध कराई जाएगी। इसके अलावा ऑडियो-वीडियो और इंटरैक्टिव सामग्री सहित पूरक डिजिटल संसाधनों तक भी शिक्षकों को ऑनलाइन पहुंच मिलेगी।

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