इंडिया मोबाइल कांग्रेस में ‘रोबोटिक्स फॉर गुड यूथ चैलेंज’ के विजेता बनी टीम सिंगुलैरिटी और फेरम इन्क्यूबेटर्स

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  • Oct 10, 2026
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इंडिया मोबाइल कांग्रेस में ‘रोबोटिक्स फॉर गुड यूथ चैलेंज’ के विजेता बने टीम सिंगुलैरिटी और फेरम इन्क्यूबेटर्स


14 राज्यों की 57 टीमों के करीब 300 प्रतिभागियों ने लिया हिस्सा; आपात स्थितियों में चिकित्सा सहायता पहुंचाने वाले स्वायत्त रोबोटों का प्रदर्शन


नई दिल्ली : 10 अक्टूबर 2026। सार्वजनिक स्वास्थ्य आपात स्थितियों में मरीजों तक चिकित्सा सहायता पहुंचाने, नमूने एकत्र करने और क्वारंटीन क्षेत्र तैयार करने जैसे चुनौतीपूर्ण काम अब युवा नवोन्मेषकों के रोबोट भी कर सकेंगे। इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2026 के दौरान आयोजित ‘रोबोटिक्स फॉर गुड यूथ चैलेंज इंडिया 2026–2027’ में देशभर के विद्यार्थियों ने ऐसे ही समाधान पेश किए। जूनियर वर्ग में टीम सिंगुलैरिटी और सीनियर वर्ग में टीम फेरम इन्क्यूबेटर्स ने चैंपियनशिप जीती। दोनों विजेता टीमें जून 2027 में स्विट्जरलैंड के जिनेवा में होने वाले ‘एआई फॉर गुड ग्लोबल समिट’ के दौरान वैश्विक ग्रैंड फिनाले में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी।

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14 राज्यों की 57 टीमों ने दिखाई प्रतिभा
दूरसंचार विभाग और अंतरराष्ट्रीय दूरसंचार संघ (आईटीयू) की ओर से आईआईटी दिल्ली के टेक्नोलॉजी इनोवेशन हब, आई-हब फाउंडेशन फॉर कोबोटिक्स के सहयोग से आयोजित प्रतियोगिता 10 अक्टूबर को नई दिल्ली के यशोभूमि में संपन्न हुई। इसमें जूनियर वर्ग की 28 और सीनियर वर्ग की 29 टीमों सहित कुल 57 टीमों ने हिस्सा लिया। देश के 14 राज्यों से करीब 300 विद्यार्थी और मार्गदर्शक प्रतियोगिता में शामिल हुए। इसमें 10 से 18 वर्ष तक के विद्यार्थियों ने रोबोटों की रूपरेखा तैयार करने, उन्हें बनाने और उनकी प्रोग्रामिंग के जरिए वास्तविक समस्याओं का तकनीकी समाधान प्रस्तुत किया।

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स्वास्थ्य आपातकाल में रोबोट की भूमिका पर जोर
इस वर्ष प्रतियोगिता का विषय संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्य-3 यानी अच्छा स्वास्थ्य और खुशहाली पर केंद्रित था। प्रतिभागियों को सार्वजनिक स्वास्थ्य आपात स्थितियों से निपटने के लिए स्वायत्त रोबोट तैयार करने की चुनौती दी गई। इन रोबोटों से नमूने एकत्र करने और पहुंचाने, क्वारंटीन क्षेत्र बनाने, चिकित्सा किट वितरित करने तथा मरीजों की चिकित्सकीय प्राथमिकता निर्धारित करने जैसे कार्यों की परिकल्पना की गई। प्रतियोगिता अंतरराष्ट्रीय दूरसंचार संघ के ‘एआई फॉर गुड’ कार्यक्रम की प्रमुख पहलों में शामिल है।
जूनियर और सीनियर वर्ग के विजेता
जूनियर वर्ग में कर्नाटक के गोपालन इंटरनेशनल स्कूल की टीम सिंगुलैरिटी विजेता बनी। पुणे के एमएसबी एजुकेशन इंस्टीट्यूट की टीम वेदा वेलोसिटी प्रथम उपविजेता रही, जबकि उत्तर प्रदेश की इग्नाल्टे रोबोटिक्स एलएलपी की टीम वज्र ने दूसरा उपविजेता स्थान हासिल किया।

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सीनियर वर्ग में उत्तर प्रदेश के नोएडा स्थित कैम्ब्रिज स्कूल की टीम फेरम इन्क्यूबेटर्स ने पहला स्थान प्राप्त किया। पश्चिम बंगाल के लायंस कलकत्ता ग्रेटर विद्या मंदिर की टीम मेक माइंड्स प्रथम उपविजेता और महाराष्ट्र के विद्या प्रतिष्ठान का मगरपट्टा सिटी पब्लिक स्कूल की टीम बॉटिक्स अल्फा द्वितीय उपविजेता रही। समापन समारोह में दोनों वर्गों की विजेता टीमों को पुरस्कार दिए गए। डिजाइन, नवाचार और रचनात्मक सोच के लिए विशेष पुरस्कार भी प्रदान किए गए।

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अगस्त से शुरू हुई तैयारी, फाइनल में कई चरणों की चुनौती
प्रतियोगिता के लिए पंजीकरण 10 से 25 अगस्त 2026 तक हुआ। इसके बाद 7 से 16 सितंबर तक जागरूकता और परिचय कार्यक्रम आयोजित किए गए। टीमों ने प्रारंभिक चरण के लिए अपने डिजाइन संबंधी दस्तावेज और वीडियो जमा किए। 9 अक्टूबर को हुए अभ्यास दिवस में प्रतिभागियों ने प्रतियोगिता के गेम बोर्ड पर अपने रोबोटिक समाधान आजमाए, चुनौतियों की पहचान की और रणनीतियों में सुधार किया। 10 अक्टूबर को आयोजित राष्ट्रीय प्रतियोगिता में टीमों ने दो क्वालीफाइंग दौर, एक नॉकआउट दौर और फाइनल के जरिए मुकाबला किया।
महंगे उपकरणों के बिना नवाचार को बढ़ावा
प्रतियोगिता में तकनीकी कौशल के साथ टीमवर्क, दबाव में समस्या का समाधान, परियोजना नियोजन, समय-सीमा का पालन और रोबोट डिजाइन में जिम्मेदार तथा टिकाऊ दृष्टिकोण को प्रोत्साहित किया गया। निःशुल्क सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर के उपयोग पर जोर देकर रोबोटिक्स को अधिक विद्यार्थियों तक पहुंचाने का प्रयास किया गया, ताकि महंगी किट खरीदने में असमर्थ विद्यार्थियों की भागीदारी बाधित न हो।
विशेषज्ञों ने युवाओं को सुरक्षित तकनीक के लिए किया प्रेरित
प्रतियोगिता का उद्घाटन दूरसंचार विभाग की राष्ट्रीय संचार अकादमी-प्रौद्योगिकी के महानिदेशक अतुल सिन्हा ने किया। अंतरराष्ट्रीय दूरसंचार संघ के दूरसंचार मानकीकरण ब्यूरो के उप निदेशक तथा अध्ययन समूह और नीति विभाग के प्रमुख बिलेल जमौसी ने स्वागत संबोधन दिया। अन्य प्रमुख वक्ताओं में आईआईटी दिल्ली के टेक्नोलॉजी इनोवेशन हब, आई-हब फाउंडेशन फॉर कोबोटिक्स के मुख्य कार्यकारी अधिकारी आशुतोष दत्त शर्मा, आईआईटी दिल्ली के मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग के सहायक प्रोफेसर के. राम कृष्णा और सुपरसेयूटिकल्स प्राइवेट लिमिटेड के सह-संस्थापक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी आत्मन जादोन शामिल रहे।
समापन समारोह को बिलेल जमौसी, आईटीयू के एशिया-प्रशांत क्षेत्रीय कार्यालय के प्रमुख आनंद राज खनाल, दूरसंचार विभाग के उप महानिदेशक (अंतरराष्ट्रीय संबंध) मुकेश कुमार और आईआईटी दिल्ली के टेक्नोलॉजी इनोवेशन हब के परियोजना निदेशक प्रो. सुबीर कुमार साहा ने संबोधित किया। दूरसंचार विभाग की सहायक उप दूरसंचार अभियंता दीक्षा धीमान ने सुरक्षित साइबर स्पेस पर सत्र लिया। पुरस्कार वितरण समारोह में संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन के काउंसलर और तकनीकी विशेषज्ञ हेमेन्द्र कुमार शर्मा भी उपस्थित रहे। धन्यवाद ज्ञापन आईआईटी दिल्ली के टेक्नोलॉजी इनोवेशन हब के उपाध्यक्ष एवं प्रमुख पीयूष प्रसाद ने किया।
2024 से जारी है भारत-आईटीयू की पहल
भारत और अंतरराष्ट्रीय दूरसंचार संघ के बीच दूरसंचार और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में लंबे समय से सहयोग रहा है। ‘रोबोटिक्स फॉर गुड यूथ चैलेंज इंडिया’ की शुरुआत 2024 में भारत में आयोजित विश्व दूरसंचार मानकीकरण सभा के दौरान हुई थी। इसके बाद 2025 और 2026 में इंडिया मोबाइल कांग्रेस के अवसर पर प्रतियोगिता के संस्करण आयोजित किए गए। यह पहल सरकार, अंतरराष्ट्रीय संगठन, शिक्षण संस्थानों और नवाचार जगत के सहयोग का उदाहरण है। इसका उद्देश्य युवाओं को राष्ट्रीय और वैश्विक मंच उपलब्ध कराना तथा सुरक्षित, जिम्मेदार और जनकल्याणकारी तकनीक के जरिए वास्तविक समस्याओं का समाधान खोजने के लिए प्रेरित करना है। आयोजकों ने विजेता टीमों, फाइनलिस्टों और सभी प्रतिभागियों के साथ उनके स्कूलों, प्रशिक्षकों, मार्गदर्शकों और परिवारों के योगदान की भी सराहना की।

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