सेमीकंडक्टर क्षेत्र में भारत की बढ़ती ताकत का मंच बना सेमिकॉन इंडिया 2026

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  • Sep 20, 2026
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नई दिल्ली। भारत के सेमीकंडक्टर क्षेत्र ने वैश्विक मंच पर अपनी बढ़ती क्षमता और महत्व का प्रदर्शन किया है। नई दिल्ली के यशोभूमि में 17 से 19 सितंबर तक आयोजित सेमिकॉन इंडिया 2026 में दुनिया भर के उद्योग जगत, शोध संस्थानों, स्टार्टअप्स और प्रतिभाओं ने भागीदारी की। तीन दिवसीय आयोजन में 51,656 पंजीकरण, करीब 40,000 लोगों की उपस्थिति और 600 से अधिक प्रदर्शकों ने भारत के उभरते सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम की व्यापक तस्वीर पेश की। लगभग 300 अंतरराष्ट्रीय कंपनियों, 52 देशों, छह देश पवेलियन और 12 राज्य पवेलियन की भागीदारी ने आयोजन को वैश्विक और घरेलू उद्योग के लिए महत्वपूर्ण मंच बनाया।

‘सिलिकॉन टू सिस्टम्स: बिल्डिंग द इकोसिस्टम’ थीम पर आयोजित पांचवें सेमिकॉन इंडिया में सेमीकंडक्टर डिजाइन से लेकर विनिर्माण, पैकेजिंग, उपकरण, सामग्री, अनुसंधान एवं विकास, स्टार्टअप और प्रतिभा विकास तक पूरी मूल्य श्रृंखला पर मंथन हुआ। तीन दिनों में 56 समझौते, घोषणाएं और रणनीतिक पहल सामने आईं, जिनका उद्देश्य भारत में सेमीकंडक्टर उद्योग के लिए व्यापक और आत्मनिर्भर इकोसिस्टम विकसित करना है।

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पांच सेमीकंडक्टर इकाइयों में व्यावसायिक उत्पादन शुरू

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सेमिकॉन इंडिया 2026 का उद्घाटन किया। उन्होंने भारत में सेमीकंडक्टर क्षेत्र की यात्रा को नीतिगत पहल से व्यावसायिक उत्पादन तक पहुंचने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति के रूप में रेखांकित किया। इस दौरान मोहाली स्थित सीडीआईएल सेमीकंडक्टर और सूरत स्थित सुची सेमीकॉन की व्यावसायिक उत्पादन लाइनों का वर्चुअल उद्घाटन किया गया।

‘सेमिकॉन 1.0’ के तहत स्वीकृत 12 परियोजनाओं में से अब पांच सेमीकंडक्टर इकाइयों में व्यावसायिक उत्पादन शुरू हो चुका है। इसके साथ ही भारत ने सेमीकंडक्टर विनिर्माण की दिशा में अपनी क्षमता को और मजबूत किया है।

सेमिकॉन 2.0 में 1.27 लाख करोड़ रुपये का परिव्यय

सेमिकॉन इंडिया 2026 में भारत के अगले चरण की सेमीकंडक्टर रणनीति ‘सेमिकॉन 2.0’ पर विशेष जोर रहा। इसके लिए 1,27,500 करोड़ रुपये के परिव्यय की रूपरेखा रखी गई है। यह पहल छह प्रमुख स्तंभों—डिजाइन, मशीन एवं सामग्री, नई फैब, उन्नत पैकेजिंग, अनुसंधान और प्रतिभा विकास—पर केंद्रित है।

आयोजन में यह बात प्रमुखता से सामने आई कि सेमीकंडक्टर क्षेत्र को केवल फैब्रिकेशन इकाइयों तक सीमित रखने के बजाय उपकरण, सामग्री, गैस, रसायन, प्रिसिजन मैन्युफैक्चरिंग, बौद्धिक संपदा और कुशल मानव संसाधन सहित पूरी मूल्य श्रृंखला को मजबूत करना जरूरी है।

एआई से लेकर उन्नत पैकेजिंग तक पर चर्चा

सम्मेलन के दूसरे दिन सेमीकंडक्टर मिशन को व्यापक औद्योगिक इकोसिस्टम में बदलने पर चर्चा हुई। डिजाइन, मशीन एवं सामग्री, फैब, उन्नत पैकेजिंग, अनुप्रयुक्त अनुसंधान एवं विकास तथा प्रतिभा विकास को सेमिकॉन 2.0 के प्रमुख आधार के रूप में सामने रखा गया।

सत्रों में लचीली आपूर्ति श्रृंखला, एआई आधारित चिप डिजाइन एवं विनिर्माण, उन्नत पैकेजिंग, स्वदेशी अनुसंधान, पावर इलेक्ट्रॉनिक्स, डिस्प्ले तकनीक, कौशल विकास और सेमीकंडक्टर क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी जैसे विषयों पर चर्चा हुई।

समापन दिवस पर तकनीकी क्षमता, उद्योग सहयोग, निवेश सुविधा, व्यापार सुगमता, टिकाऊ विनिर्माण, उन्नत डिस्प्ले, कार्यबल विकास और डीप-टेक स्टार्टअप्स पर विशेष ध्यान रहा। ‘सिलिकॉन टू सिस्टम्स’ दृष्टिकोण के तहत डिजाइन और विनिर्माण को सामग्री, उपकरण, पैकेजिंग तथा इलेक्ट्रॉनिक्स प्रणालियों से जोड़ने पर जोर दिया गया।

स्वदेशी चिप डिजाइन और स्टार्टअप्स को मिला मंच

सेमिकॉन इंडिया 2026 में स्वदेशी नवाचार और डीप-टेक उद्यमिता को भी प्रमुख स्थान मिला। ‘चिप्स टू स्टार्टअप प्रोग्राम’ के अंतर्गत डिजिटल इंडिया RISC-V ग्रैंड चैलेंज में 5,045 प्रतिभागियों वाली 1,236 टीमों ने हिस्सा लिया। स्वदेशी वेगा और शक्ति प्रोसेसर आधारित सिस्टम-ऑन-चिप विकसित करने वाली शीर्ष टीमों को सम्मानित किया गया।

इसके अलावा स्टार्टअप पिच और हैकथॉन के विजेताओं को भी पुरस्कार दिए गए। सीई एनएसई-आईआईएससी की साझेदारी में केएलए, सिनॉप्सिस और लैम रिसर्च द्वारा आयोजित तीन हैकथॉन में 900 से अधिक कॉलेजों की 3,800 से अधिक टीमों ने पंजीकरण कराया। इन आयोजनों ने विद्यार्थियों को वास्तविक औद्योगिक चुनौतियों पर काम करने का अवसर दिया।

छह देशों के साथ सहयोग पर हुआ मंथन

सेमिकॉन इंडिया में अंतरराष्ट्रीय सहयोग भी प्रमुख आकर्षण रहा। तीन दिनों में भारत-अमेरिका, भारत-जापान, भारत-सिंगापुर, भारत-यूरोप, भारत-दक्षिण कोरिया और भारत-मलेशिया राउंडटेबल आयोजित किए गए।

इन बैठकों में व्यावसायिक साझेदारी, प्रौद्योगिकी सहयोग, उपकरण एवं सामग्री, लचीली आपूर्ति श्रृंखला, निवेश, अनुसंधान एवं विकास और प्रतिभा विकास जैसे विषयों पर चर्चा हुई। भारत-मलेशिया राउंडटेबल में ओएसएटी, उन्नत पैकेजिंग, उपकरण, सामग्री, आपूर्ति श्रृंखला और प्रतिभा के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर विशेष ध्यान रहा।

भारत के सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम का बढ़ता दायरा

सेमिकॉन इंडिया 2026 ने डिजाइन और बौद्धिक संपदा से लेकर सामग्री एवं उपकरण, फैब्रिकेशन, उन्नत पैकेजिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण, अनुसंधान, स्टार्टअप, टिकाऊ विकास और प्रतिभा तक पूरी सेमीकंडक्टर मूल्य श्रृंखला को एक मंच पर जोड़ा।

600 से अधिक प्रदर्शक, करीब 300 अंतरराष्ट्रीय कंपनियां, 52 देशों की भागीदारी और 56 समझौते, घोषणाएं एवं रणनीतिक पहल इस आयोजन के व्यापक दायरे को दर्शाते हैं। सम्मेलन ने भारत में सेमीकंडक्टर निवेश, तकनीकी साझेदारी, अनुसंधान के व्यावसायीकरण, उद्योग-अकादमिक सहयोग, स्टार्टअप विकास और कौशल निर्माण के लिए नए अवसरों को सामने रखा।

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