सरदार ने 1,218 दिन में गढ़ा अखंड भारत, शाह बोले- नशामुक्त युवा ही विकसित भारत की सबसे बड़ी ताकत

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  • Oct 31, 2026
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सरदार पटेल की 151वीं जयंती पर दिल्ली में ‘एकता दौड़’ को दिखाई हरी झंडी

 31 दिसंबर 2029 तक नशामुक्त भारत बनाने का लक्ष्य

भाषाई और सांस्कृतिक विविधता को बताया देश की शक्ति

नई दिल्ली, 31 अक्टूबर। सरदार वल्लभभाई पटेल ने आजादी के बाद महज 1,218 दिनों में सैकड़ों रियासतों को एकजुट कर अखंड भारत की नींव रखी। उन्होंने न केवल देश का इतिहास बदला, बल्कि उसके भूगोल को भी नया स्वरूप दिया। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने सरदार पटेल की 151वीं जयंती पर आयोजित राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह में यह बात कही। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के निर्माण का पहला चरण नशामुक्त भारत है। सरकार ने 31 दिसंबर 2029 तक देश को पूरी तरह नशामुक्त बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। युवाओं को नशे से बचाना उनके भविष्य और राष्ट्र की प्रगति के लिए सबसे बड़ी उपलब्धि होगी।

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शाह ने शनिवार को नई दिल्ली में राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर आयोजित ‘एकता दौड़’ का शुभारंभ किया और देशवासियों को राष्ट्रीय एकता की शपथ दिलाई। कार्यक्रम में दिल्ली के उपराज्यपाल तरणजीत सिंह संधू, केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, केंद्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय और बंडी संजय कुमार सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

मोदी सरकार में राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाई जा रही जयंती

गृह मंत्री ने कहा कि नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद से सरदार पटेल की जयंती को राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाया जा रहा है। पटेल ऐसे महान व्यक्तित्व थे, जिन्होंने भारत के राजनीतिक, भौगोलिक और सांस्कृतिक एकीकरण का असंभव दिखने वाला कार्य पूरा किया। अनेक राजे-रजवाड़ों और रियासतों को एक सूत्र में पिरोकर उन्होंने वर्तमान अखंड भारत का स्वरूप तैयार किया।
उन्होंने कहा कि आजादी के समय दुनिया के कई देशों को आशंका थी कि स्वतंत्रता मिलने के बाद भारत बिखर जाएगा, लेकिन सरदार पटेल ने केवल 1,218 दिनों में अखंड भारत की रचना कर इस आशंका को गलत साबित कर दिया। उनके दृढ़ संकल्प से बना भारत आज विश्व के सामने गौरव के साथ खड़ा है।

नक्सलवाद के बाद अब नशे के खिलाफ निर्णायक लड़ाई

शाह ने कहा कि इसी वर्ष 31 मार्च को देश नक्सलवाद से मुक्त होकर नशामुक्त भारत की दिशा में आगे बढ़ा है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में धारा 370 हटाकर कश्मीर को हमेशा के लिए भारत के साथ जोड़ने, नक्सलवाद समाप्त करने और एक देश, एक कर प्रणाली लागू करने जैसे महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं।
उन्होंने कहा कि इन उपलब्धियों के बाद नशामुक्त भारत का निर्माण देश के युवाओं और उनके भविष्य के लिए सबसे बड़ा काम होगा। सरकार ने 31 दिसंबर 2029 तक देश को पूरी तरह नशे से मुक्त करने का लक्ष्य रखा है। विकसित भारत की कल्पना को साकार करने के लिए नशामुक्त समाज का निर्माण पहली प्राथमिकता होना चाहिए।

अनेक भाषाएं , फिर भी एक राष्ट्र

गृह मंत्री ने कहा कि भारत की भाषाई, सांस्कृतिक और पारंपरिक विविधता कमजोरी नहीं, बल्कि सबसे बड़ी ताकत है। यही सरदार पटेल का संदेश था। भाषाएं, वेशभूषाएं, सांस्कृतिक मान्यताएं और धर्म अलग-अलग होने के बावजूद देश हमेशा एकजुट रहा है।
उन्होंने कहा कि संवाद, विश्वास और समावेशी सोच के आधार पर पिछले 80 वर्षों में एक साझा राष्ट्रीय पहचान विकसित हुई है। देश की भाषाई, सांस्कृतिक और धार्मिक विविधता को उसकी एकता की शक्ति के रूप में आगे बढ़ाना होगा।

सोमनाथ पुनर्निर्माण से राष्ट्रीय सांस्कृतिक पुनर्जागरण

अमित शाह ने कहा कि सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण के माध्यम से देश ने सभ्यता और राष्ट्रीय पुनर्जागरण का अनुभव किया है। मंदिर के पुनर्निर्माण की कल्पना भी सरदार पटेल ने ही की थी। आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत जैसी पहलें देश को वैश्विक अर्थव्यवस्था में ऊंचा स्थान दिलाने की दिशा में आगे बढ़ा रही हैं।

स्टैच्यू ऑफ यूनिटी ने दुनिया के सामने स्थापित किया पटेल का व्यक्तित्व

शाह ने कहा कि सरदार पटेल को लंबे समय तक उनके ऐतिहासिक योगदान के अनुरूप सम्मान नहीं मिला। विपक्ष ने उन्हें भुलाने का प्रयास किया, लेकिन सूर्य के प्रकाश को कोई ढक नहीं सकता। नरेंद्र मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री रहते हुए स्टैच्यू ऑफ यूनिटी की परिकल्पना की और उसका शिलान्यास किया। इस भव्य प्रतिमा ने पूरे देश और दुनिया के सामने सरदार पटेल के विराट व्यक्तित्व को प्रतिष्ठित किया।उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय एकता दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एकता नगर में देशभर के पुलिस बलों की परेड की सलामी लेकर राष्ट्रीय एकता का संदेश देंगे।

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