वृद्धावस्था को स्वस्थ और गरिमापूर्ण बनाने नियमित स्वास्थ्य जांच जरूरी: विशेषज्ञ

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  • Oct 01, 2026
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रायपुर, 1 अक्टूबर 2026। 

अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के अवसर पर पंडित जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय, रायपुर एवं डॉ. भीमराव अंबेडकर स्मृति चिकित्सालय के मेडिसिन विभाग की जेरियाट्रिक यूनिट द्वारा वृद्धजनों में स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने और स्वस्थ एवं गरिमापूर्ण वृद्धावस्था को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से जागरूकता एवं स्वास्थ्य परामर्श कार्यक्रम आयोजित किया गया।

मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. देवप्रिया लकड़ा, डॉ. योगेंद्र मल्होत्रा सहित चिकित्सकों और मेडिकल स्टाफ की मौजूदगी में आयोजित कार्यक्रम में आमजन से अपील की गई कि परिवार और समाज के वृद्ध सदस्यों के स्वास्थ्य पर नियमित ध्यान दें। उम्र से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं को केवल बुढ़ापे का सामान्य हिस्सा मानकर नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। समय पर जांच, उचित उपचार, स्वस्थ जीवनशैली और परिवार का सहयोग वृद्धजनों को बेहतर और सम्मानजनक जीवन जीने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

उम्र बढ़ना बीमारी नहीं, जीवन का स्वाभाविक चरण

मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. (प्रो.) योगेंद्र मल्होत्रा ने कहा कि वृद्धावस्था कोई बीमारी नहीं, बल्कि जीवन का स्वाभाविक चरण है। उम्र बढ़ने के साथ शरीर में कई तरह के बदलाव आते हैं। इन्हें समझना और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की समय पर पहचान करना जरूरी है। नियमित स्वास्थ्य जांच और समय पर चिकित्सकीय परामर्श से कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से बचाव किया जा सकता है और जीवन की गुणवत्ता बेहतर की जा सकती है।

उन्होंने बताया कि वृद्धावस्था में मधुमेह, उच्च रक्तचाप, हृदय रोग, गठिया, दृष्टि एवं श्रवण संबंधी समस्याओं के साथ स्मृति एवं मानसिक स्वास्थ्य, पोषण, चलने-फिरने में कठिनाई और गिरने जैसी समस्याएं अधिक महत्वपूर्ण हो जाती हैं। इसलिए बुजुर्गों के स्वास्थ्य का आकलन केवल किसी एक बीमारी के आधार पर नहीं, बल्कि उनके संपूर्ण शारीरिक, मानसिक और सामाजिक स्वास्थ्य को ध्यान में रखकर किया जाना चाहिए।

डॉ. मल्होत्रा ने कहा कि स्वस्थ वृद्धावस्था का अर्थ केवल बीमारी से मुक्त रहना नहीं है। व्यक्ति का अपनी दैनिक गतिविधियां यथासंभव स्वयं करना, सामाजिक रूप से सक्रिय रहना और सम्मान व आत्मविश्वास के साथ जीवन जीना भी स्वस्थ वृद्धावस्था का हिस्सा है।

इसके लिए संतुलित एवं पौष्टिक आहार, उम्र और स्वास्थ्य के अनुरूप नियमित शारीरिक गतिविधि, पर्याप्त नींद, मानसिक एवं सामाजिक सक्रियता तथा दवाओं की समय-समय पर चिकित्सकीय समीक्षा जरूरी है।

ओपीडी में बुजुर्गों की हुई विशेष जांच

कार्यक्रम के दौरान ओपीडी में बुजुर्ग मरीजों की नेत्र जांच, कान-नाक-गला जांच और बीएमडी सहित विभिन्न स्वास्थ्य जांच विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा की गई।

इस अवसर पर डॉ. प्राची दुबे, डॉ. हिमेश्वरी वर्मा, डॉ. वेणुगोपाल मांगरेकर, डॉ. मंजूनाथ जी.के., डॉ. अंकित शर्मा और डॉ. ज्योति बंजारे भी जागरूकता कार्यक्रम में शामिल हुए।

अंबेडकर अस्पताल में नियमित जेरियाट्रिक ओपीडी

अंबेडकर अस्पताल के अधीक्षक डॉ. संतोष सोनकर ने कहा कि वृद्धावस्था में स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की नियमित देखभाल और समय पर उपचार बेहद महत्वपूर्ण है। इसी उद्देश्य से अंबेडकर अस्पताल में बुजुर्गों के लिए विशेष जेरियाट्रिक ओपीडी का नियमित संचालन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बुजुर्गों को सम्मानजनक और सहज वातावरण उपलब्ध कराना सभी की प्राथमिकता है।

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