सिंगरौली में बढ़ेगी प्राकृतिक खेती, किसानों की आय बढ़ाने पर जोर: CM यादव बलराम कृषि महोत्सव में मुख्यमंत्री ने किसानों से किया संवाद, तकनीक, फसल विविधीकरण और कृषि उद्यमिता को बढ़ावा देने की बात

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  • Sep 25, 2026
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भोपाल | 25 सितंबर 2026

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार तकनीक और नवाचार के माध्यम से किसानों का फसल उत्पादन और आमदनी बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। सिंगरौली में प्राकृतिक खेती के बढ़ते विस्तार पर खुशी जताते हुए उन्होंने कहा कि जिले के 3000 से अधिक किसान प्राकृतिक खेती से जुड़ चुके हैं।

मुख्यमंत्री शुक्रवार को सिंगरौली में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव को मुख्यमंत्री निवास से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सिंगरौली को प्राकृतिक खेती के बड़े केंद्र के रूप में विकसित करने के साथ कृषि के क्षेत्र में अग्रणी जिला बनाने के प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने किसानों को अनंत चतुर्दशी की शुभकामनाएं भी दीं।

100 लाख हेक्टेयर तक बढ़ेगी सिंचाई क्षमता

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में सिंचाई क्षमता को 100 लाख हेक्टेयर तक बढ़ाने का लक्ष्य है। उद्यानिकी का रकबा 30 लाख हेक्टेयर तक ले जाने के साथ खाद्य प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धन को बढ़ावा दिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि एक जिला-एक उत्पाद के माध्यम से स्थानीय उत्पादन को बढ़ावा देने, पशुपालन और डेयरी को ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जोड़ने पर भी काम किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री के अनुसार खेती से जुड़े एक लाख किसानों, युवाओं और बेटियों को विशेष प्रशिक्षण देकर कृषि उद्यमियों की नई पीढ़ी तैयार करने की योजना है।

कोदो-कुटकी और श्रीअन्न उत्पादन पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि सोन और गोपद नदी के संगम क्षेत्र वाला सिंगरौली जिला श्रीअन्न उत्पादन में आगे है। यहां कोदो और सामा प्रमुख फसलों में शामिल हैं।

उन्होंने बताया कि सिंगरौली और डिंडोरी के किसानों की पहल के बाद सरकार ने कोदो-कुटकी की न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदी का निर्णय लिया है।

प्राकृतिक खेती और हल्दी की खेती पर किसानों से संवाद

मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सिंगरौली के प्रगतिशील किसानों से बातचीत की और प्राकृतिक खेती, श्रीअन्न उत्पादन तथा विशेष रूप से हल्दी की खेती के बारे में जानकारी ली।

किसानों ने बताया कि पारंपरिक खेती की तुलना में जैविक खाद के उपयोग से प्राकृतिक खेती में अधिक लाभ मिल रहा है।

नई फसलों और कृषि तकनीक को अपनाने की अपील

मुख्यमंत्री ने कहा कि सिंगरौली के किसान पारंपरिक खेती के साथ नई तकनीक और नई फसलों को भी अपना रहे हैं। जिले में उद्यानिकी और खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में भी संभावनाएं हैं।

उन्होंने बताया कि जिले में आटा मिल, राइस मिल, ऑयल मिल, दुग्ध उत्पाद, बेकरी और अन्य खाद्य प्रसंस्करण इकाइयां स्थापित की गई हैं।

किसानों को दिन में 10 घंटे बिजली उपलब्ध कराने के लिए फीडरों का विभक्तिकरण किया गया है। इससे कृषि कार्यों के लिए बिजली की उपलब्धता बेहतर होने की बात कही गई।

फसल विविधीकरण के साथ पशुपालन और मछली पालन से जुड़ने की अपील

मुख्यमंत्री ने किसानों से खेती में फसल विविधीकरण अपनाने की अपील की। उन्होंने उद्यानिकी और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के साथ पशुपालन और मछली पालन को भी आय के अतिरिक्त माध्यम के रूप में अपनाने की बात कही।

जनप्रतिनिधि और किसान रहे मौजूद

सिंगरौली में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव के मुख्य कार्यक्रम में पंचायत एवं ग्रामीण विकास राज्यमंत्री राधा सिंह, सीधी-सिंगरौली लोकसभा सांसद राजेश मिश्रा सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने संबोधित किया।

कार्यक्रम में विधायक सिंगरौली रामनिवास शाह, विंध्य विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष पांचूलाल प्रजापति, कपिल यार्दे, राम लल्लन सिंह, जयपाल सिंह सहित प्रगतिशील किसान और बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।

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