मोहन कैबिनेट ने खोला खजाना, प्रदेश के विकास के लिए 13 हजार 790 करोड़ रु की स्वीकृति

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  • Sep 22, 2026
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मंत्रिपरिषद ने सिंचाई परियोजनाओं, न्यायिक व्यवस्था, बिजली, खेल, चिकित्सा शिक्षा और नए जिलों में प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने के प्रस्तावों को दी मंजूरी
 

13,790 करोड़ रुपये से अधिक के फैसलों से विकास को रफ्तार, 140 विधानसभा क्षेत्रों में बनेंगे मुख्यमंत्री स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में मध्यप्रदेश में बुनियादी ढांचे, कृषि विस्तार और प्रशासनिक सुदृढ़ीकरण को गति देने वाले 13,790 करोड़ रुपये से अधिक के वित्तीय प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में खेल और युवा प्रतिभाओं के विकास, किसानों, न्यायिक व्यवस्था, बिजली आपूर्ति, चिकित्सा शिक्षा और आम नागरिकों से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।

मंत्रिपरिषद ने प्रदेश के 140 विधानसभा क्षेत्रों में मुख्यमंत्री स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के निर्माण और संचालन के लिए 962 करोड़ 50 लाख रुपये की सैद्धांतिक सहमति दी। वहीं 16वें वित्त आयोग की अवधि के दौरान उच्च न्यायालय, परिवार न्यायालय, ग्राम न्यायालय और विधिक सहायता बोर्ड के संचालन की निरंतरता के लिए 4,000 करोड़ रुपये से अधिक की राशि मंजूर की गई।

कृषि क्षेत्र में सिंचाई क्षमता बढ़ाने के लिए नीमच की जावद-नीमच दाबयुक्त सूक्ष्म सिंचाई परियोजना, राजगढ़ की सुठालिया और पार्वती रिन्सी सिंचाई परियोजनाओं को भी मंजूरी मिली। इन परियोजनाओं से 88 हजार हेक्टेयर से अधिक अतिरिक्त क्षेत्र में सिंचाई क्षमता बढ़ने की उम्मीद है। प्रदेश की भविष्य की बिजली जरूरतों को सुरक्षित करने के लिए 2,800 मेगावॉट ताप विद्युत खरीदने के प्रस्ताव को भी हरी झंडी दी गई।

जावद-नीमच परियोजना के लिए 4,197.58 करोड़

मंत्रिपरिषद ने नीमच जिले की जावद-नीमच दाबयुक्त सूक्ष्म सिंचाई परियोजना को 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक पांच वर्षों के लिए जारी रखने के लिए 4,197 करोड़ 58 लाख रुपये मंजूर किए।

दाबयुक्त सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली के माध्यम से खेतों तक पानी पहुंचाया जाएगा। परियोजना का उद्देश्य उन्नत सिंचाई तकनीक से पानी की बचत करते हुए सिंचाई क्षमता और कृषि उत्पादकता बढ़ाना है।

सुठालिया परियोजना के लिए 262.63 करोड़

राजगढ़ जिले की सुठालिया सिंचाई परियोजना की 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक निरंतरता के लिए 262 करोड़ 63 लाख रुपये मंजूर किए गए। परियोजना के माध्यम से राजगढ़ जिले में 40 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सूक्ष्म सिंचाई पद्धति से सिंचाई क्षमता बढ़ाई जाएगी।

पार्वती रिन्सी परियोजना को 507.23 करोड़

राजगढ़ की पार्वती रिन्सी सिंचाई परियोजना को अगले पांच वर्षों के लिए जारी रखने के लिए 507 करोड़ 23 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई। परियोजना के तहत बांध निर्माण कर राजगढ़ जिले में 48 हजार हेक्टेयर क्षेत्र की सिंचाई क्षमता बढ़ाने का लक्ष्य है।

2,800 मेगावॉट ताप विद्युत की खरीद को मंजूरी

प्रदेश की भविष्य की बिजली जरूरतों को ध्यान में रखते हुए मंत्रिपरिषद ने 2,800 मेगावॉट ताप विद्युत खरीदने के प्रस्ताव को मंजूरी दी। एमपी पावर मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड को विद्युत मंत्रालय, भारत सरकार के डीबीएफओओ मॉडल बिडिंग दस्तावेजों के आधार पर मध्यप्रदेश में मौजूदा, निर्माणाधीन और प्रस्तावित नई ग्रीनफील्ड/ब्राउनफील्ड ताप विद्युत परियोजनाओं से प्रतिस्पर्धात्मक निविदा प्रक्रिया के जरिए बिजली खरीदने की आवश्यक कार्रवाई की अनुमति दी गई।

24 जनवरी 2025 को लिए गए निर्णय के तहत 900 मेगावॉट ताप विद्युत खरीद से संबंधित पूर्व स्वीकृति निविदा निरस्त होने के कारण वर्तमान 2,800 मेगावॉट की खरीद में समाहित मानी जाएगी। नियामक आयोग के अनुमोदन और आदेश के अनुसार आगे की कार्रवाई के लिए एमपी पावर मैनेजमेंट कंपनी के प्रबंध संचालक को अधिकृत किया गया है।

140 विधानसभा क्षेत्रों में बनेंगे मुख्यमंत्री स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स

खेल एवं युवा कल्याण विभाग के अंतर्गत प्रदेश के 140 विधानसभा क्षेत्रों में खेल परिसरों के निर्माण और संचालन के लिए 962 करोड़ 50 लाख रुपये की सैद्धांतिक सहमति दी गई। इन परिसरों का नाम मुख्यमंत्री स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स होगा।

मंत्रिपरिषद ने मुख्य मैदान के बीच स्थायी हेलीपैड बनाने का भी निर्णय लिया है। इससे पीएमश्री योजना के हेलीकॉप्टरों का आवागमन सुगम और सुचारू हो सकेगा।

न्यायिक व्यवस्था के लिए 4,000 करोड़ से अधिक

16वें वित्त आयोग की अवधि 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक विभिन्न न्यायिक एवं विधिक योजनाओं की निरंतरता के लिए बड़ी वित्तीय स्वीकृतियां दी गईं।

ग्राम न्यायालय योजना के संचालन के लिए 554 करोड़ 61 लाख रुपये मंजूर किए गए। इस राशि से ग्राम न्यायालयों में पदस्थ न्यायिक अधिकारियों और न्यायालयीन कर्मचारियों के वेतन, भत्ते और कार्यालयीन व्यय का भुगतान किया जाएगा। ग्राम न्यायालयों में विधि के अनुसार प्रस्तुत मामलों का निराकरण किया जाता है।

मध्यप्रदेश विधिक सहायता तथा विधिक सलाह बोर्ड की स्थापना योजना की निरंतरता के लिए 524 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए।

परिवार न्यायालयों की स्थापना योजना के संचालन की निरंतरता के लिए 1,000 करोड़ रुपये मंजूर क

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