एमपी में धरातल पर 12 लाख करोड़ का निवेश , 7,500 करोड़ के नए प्रस्ताव

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  • Oct 22, 2026
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मुख्यमंत्री मोहन यादव बोले—केंद्र और राज्य के साझा प्रयासों से विकास को गति

ग्वालियर बनेगा टेलीकॉम विनिर्माण का प्रमुख केंद्र

 जबलपुर-इंदौर आर्थिक कॉरिडोर से महाकौशल और मालवा को मिलेगा लाभ


भोपाल, 22 अक्टूबर 2026। मध्यप्रदेश में निवेश को जमीन पर उतारने और औद्योगिक विकास को गति देने के प्रयासों के बीच मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दावा किया है कि पिछले ढाई वर्ष में प्रदेश में 12 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव धरातल पर उतारे जा चुके हैं। वहीं, राजधानी भोपाल में आयोजित दो दिवसीय विकसित भारत उद्योग-व्यापार सम्मेलन में उद्यमियों ने 7,500 करोड़ रुपये के नए निवेश प्रस्ताव प्रस्तुत किए। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर प्रदेश के विकास को नई गति दे रहे हैं। ग्वालियर को टेलीकॉम विनिर्माण क्षेत्र का प्रमुख केंद्र बनाने की पहल और जबलपुर-इंदौर आर्थिक कॉरिडोर प्रदेश में औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार के साथ रोजगार और पर्यटन को भी बढ़ावा देंगे।

आर्थिक कॉरिडोर से महाकौशल-मालवा को जोड़ने की तैयारी

कुशाभाऊ ठाकरे सभागृह में फेडरेशन ऑफ मध्यप्रदेश चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जबलपुर-इंदौर आर्थिक कॉरिडोर महाकौशल और मालवा को जोड़कर विकास के नए अवसर पैदा करेगा। कॉरिडोर के बीच स्थित रायसेन जैसे जिलों को भी इसका लाभ मिलेगा, जहां अब तक सघन आर्थिक गतिविधियों का विस्तार सीमित रहा है। इससे क्षेत्रीय विकास के साथ पर्यटन को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के विकास के लिए यह अनुकूल समय है।

पारदर्शी नीतियों से निवेशकों का भरोसा बढ़ा

मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश सभी क्षेत्रों में अपनी स्थिति मजबूत कर रहा है। पारदर्शी नीतियों के कारण निवेशकों को उद्योग स्थापित करने में कठिनाइयों का सामना नहीं करना पड़ रहा है। युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लक्ष्य के साथ प्रतिदिन निवेश संवर्धन से जुड़ी गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। उन्होंने उद्योग जगत को नागरिकों के जीवन में समृद्धि लाने वाला महत्वपूर्ण माध्यम बताते हुए कहा कि व्यापार और उद्योग से लाखों परिवारों की आजीविका चलती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मेक इन इंडिया’ लक्ष्य को पूरा करने में उद्यमियों की सक्रिय भूमिका सराहनीय है।

मध्यप्रदेश का औद्योगिक मॉडल दूसरे राज्य भी अपना रहे

मुख्यमंत्री ने कहा कि भोपाल में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का दूसरी बार आयोजन और प्रदेश में क्षेत्रीय औद्योगिक कॉन्क्लेव की पहल निवेश के अनुकूल वातावरण बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। मध्यप्रदेश के रीजनल इंडस्ट्रियल कॉन्क्लेव मॉडल को दूसरे राज्यों ने भी पसंद किया है और वे इसे अपना रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कृषि विकास के साथ आर्थिक समृद्धि पर भी विशेष ध्यान देने की जरूरत है।

बीना रिफाइनरी से सालाना 22 लाख टन से अधिक पेट्रोकेमिकल उत्पादन

मुख्यमंत्री ने बीना में डाउनस्ट्रीम रिफाइनरी परियोजना का उल्लेख करते हुए कहा कि इसके लिए 50 हजार करोड़ रुपये के निवेश से संबंधित भूमि-पूजन पहले किया जा चुका है। परियोजना के पूरा होने पर प्रतिवर्ष 22 लाख टन से अधिक पेट्रोकेमिकल उत्पाद तैयार किए जा सकेंगे। इससे मध्यप्रदेश के साथ देश के औद्योगिक विकास को भी गति मिलने की उम्मीद है।

दुनिया में भारत की साख बढ़ी: मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बड़े देश भारत को सम्मान की दृष्टि से देखने लगे हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में विकास की व्यापक संभावनाएं हैं और कृषि के साथ आर्थिक समृद्धि पर ध्यान केंद्रित कर इनका लाभ उठाया जा सकता है।

उद्योग जगत ने बताया निवेश के अनुकूल माहौल

सम्मेलन में एमएसएमई मंत्री चैतन्य काश्यप ने कहा कि मुख्यमंत्री ने प्रदेश में निवेश के अनुकूल वातावरण तैयार करने का काम किया है। रीजनल डेवलपमेंट प्लान और मेट्रोपॉलिटन एरिया जैसी पहल से विकास को नई दिशा मिली है तथा उद्योग एवं व्यापार जगत में विश्वास का वातावरण बना है। दो दिवसीय सम्मेलन में फेडरेशन से जुड़े लगभग एक दर्जन संगठनों के सैकड़ों उद्यमी भाग ले रहे हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने फेडरेशन द्वारा प्रकाशित विभिन्न प्रकाशनों का विमोचन भी किया।

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