पाञ्चजन्य के सुशासन संवाद में सीएम मोहन ने गिनाए सरकार के काम

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  • Oct 25, 2026
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मुख्यमंत्री बोले- स्वामित्व योजना से ग्रामीण अपने मकान पर ले सकेंगे बैंक ऋण

 सिंहस्थ-2028 में 40 करोड़ श्रद्धालुओं के आने की संभावना

 बुंदेलखंड को केन-बेतवा परियोजना से मिलेगा बड़ा लाभ

 

भोपाल | 25 अक्टूबर 2026
मध्यप्रदेश में महिलाओं, किसानों और गरीबों को दी जा रही आर्थिक सहायता को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने समाज के सशक्तिकरण का महत्वपूर्ण आधार बताया है। उन्होंने कहा कि सरकार अब तक माता-बहनों को 65 हजार करोड़ रुपये की सहायता दे चुकी है। तेंदूपत्ता संग्रहण करने वाली महिलाओं को बोनस दिया जा रहा है, किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत किया जा रहा है और पशुपालकों व दुग्ध उत्पादकों को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की पहल का उद्देश्य समाज के हर वर्ग को आर्थिक रूप से सक्षम बनाना है। वे भोपाल में आयोजित मीडिया समूह के कार्यक्रम ‘सुशासन संवाद 3.0’ को संबोधित कर रहे थे।

स्वामित्व योजना से मकान बनेगा आर्थिक ताकत

मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में शासकीय भूमि पर बने मकानों की निःशुल्क रजिस्ट्री कराने की पहल की गई है। इससे ग्रामीणों को अपने मकान का स्वामित्व मिलेगा और वे उस पर बैंक से ऋण लेकर व्यापार या अन्य आर्थिक गतिविधियां शुरू कर सकेंगे।
उन्होंने कहा कि स्वामित्व योजना को लेकर ग्रामीणों में उत्साह और आशा का भाव है। मकान के आधार पर ऋण मिलने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश देश का एकमात्र ऐसा राज्य है, जो किसानों के साथ पशुपालकों और दुग्ध उत्पादकों को भी आर्थिक सशक्तिकरण के लिए प्रोत्साहित कर रहा है।

सांदीपनि विद्यालयों से शिक्षा व्यवस्था में बदलाव

मुख्यमंत्री ने कहा कि सांदीपनि विद्यालयों के माध्यम से प्रदेश में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने का काम किया गया है। एक समय स्कूलों में विद्यार्थियों के बैठने के लिए टाट-पट्टी तक की व्यवस्था नहीं थी, लेकिन अब आधुनिक सुविधाओं, बहुमंजिला भवनों और बेहतर शैक्षणिक संसाधनों से युक्त सांदीपनि विद्यालय शिक्षा का आदर्श मॉडल बन रहे हैं।उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ भारतीय संस्कृति, गुरु-शिष्य परंपरा और राष्ट्रभक्ति के संस्कार भी मिलें। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि देश में सबसे अच्छी शिक्षा व्यवस्था अब मध्यप्रदेश की है।

आचार्य सांदीपनि के आदर्शों से जुड़ा विद्यालयों का नामकरण

मुख्यमंत्री ने कहा कि आचार्य सांदीपनि का नाम भगवान कृष्ण और सुदामा की अमर मित्रता से जुड़ा है। सांदीपनि विद्यालयों के नामकरण के पीछे यही भावना है कि विद्यार्थियों के बीच मित्रता, संस्कार और गुरु-शिष्य परंपरा सदैव जीवंत रहे।
उन्होंने कहा कि आचार्य सांदीपनि शिक्षा, ज्ञान और राष्ट्रभक्ति के प्रतीक थे। उनका जीवन सिखाता है कि शिक्षा केवल ज्ञान अर्जित करने का माध्यम नहीं, बल्कि संस्कार, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्र निर्माण का आधार भी है।

केन-बेतवा परियोजना से बुंदेलखंड को एक लाख करोड़ की सौगात

अंतर्राज्यीय संबंधों पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विचार है कि राज्यों के बीच परस्पर सौहार्दपूर्ण प्रतिस्पर्धा होनी चाहिए। इसी भावना के अनुरूप मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश सरकार ने पूरे बुंदेलखंड की बेहतरी के लिए केन-बेतवा लिंक परियोजना का एक लाख करोड़ रुपये का प्लान तैयार किया है।
उन्होंने कहा कि इस परियोजना से संपूर्ण बुंदेलखंड को लाभ मिलेगा और क्षेत्र के विकास को नई गति मिलेगी।

सिंहस्थ-2028 में 40 करोड़ श्रद्धालुओं के आने का अनुमान

मुख्यमंत्री ने कहा कि सिंहस्थ-2028 के लिए आवागमन, घाटों, स्नान और दर्शन की व्यवस्थाएं व्यापक स्तर पर की जा रही हैं। उज्जैन की सामान्य आबादी करीब 8 से 10 लाख है, जबकि सिंहस्थ के दौरान लगभग 40 करोड़ श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। इसे देखते हुए आने-जाने के मार्गों और अन्य व्यवस्थाओं का नियोजन किया जा रहा है।उन्होंने कहा कि सिंहस्थ की तैयारियां समाज की वर्तमान आवश्यकताओं और परिस्थितियों के अनुरूप की जा रही हैं। उज्जैन का बुनियादी ढांचा बेहतर हुआ है। महाकाल महालोक बनने के बाद श्रद्धालुओं की संख्या में वृद्धि हुई है। पिछले वर्ष सात करोड़ लोग उज्जैन पहुंचे, जिससे पूरे क्षेत्र की अर्थव्यवस्था में बदलाव आया है। इसी को ध्यान में रखते हुए स्थायी व्यवस्थाएं विकसित की जा रही हैं।

राष्ट्र की चिंता पत्रकारिता का मूल आधार

कार्यक्रम के प्रारंभ में पांचजन्य के संपादक हितेश शंकर ने कहा कि भारत में पत्रकारिता का आधार प्रारंभ से ही राष्ट्र की चिंता रहा है। इसी कारण अधिकांश स्वतंत्रता सेनानी पत्रकारिता से जुड़े रहे।उन्होंने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने पांचजन्य और ऑर्गेनाइजर जैसी पत्रिकाओं के सृजन में योगदान दिया। यह गर्व का विषय है कि दोनों का संबंध मध्यप्रदेश से रहा। हितेश शंकर ने कहा कि आयोजन देश और समाज के सरोकारों पर केंद्रित है। सुशासन और प्रशासन पर चर्चा के दौरान लोकमाता अहिल्याबाई होलकर प्रतीक स्वरूप सभी के मन और विचारों में विद्यमान हैं। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस दौरान लाड़ली बहना योजना, जनकल्याण और विकास के बीच वित्तीय संतुलन, सिंहस्थ-2028 को वैश्विक आध्यात्मिक आयोजन बनाने की तैयारियों तथा अंतरराज्यीय संबंधों पर चर्चा हुई।

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