मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट में 3,729 करोड़ के निवेश प्रस्ताव, पर्यटन को मिलेगी नई रफ्तार

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  • Oct 10, 2026
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34 देशों के 100 से अधिक विदेशी और 15 राज्यों के 180 घरेलू टूर ऑपरेटरों की भागीदारी; 10,263 बी2बी बैठकें


2027 तक 15 नए पंचतारा होटल विकसित करने का लक्ष्य, पिछले दशक में पर्यटन क्षेत्र में 3,963 करोड़ का निजी निवेश


भोपाल : 10 अक्टूबर 2026। मध्यप्रदेश में पर्यटन अब सिर्फ विरासत और प्राकृतिक सौंदर्य तक सीमित नहीं, बल्कि बड़े निवेश, रोजगार और कारोबार का नया आधार बन रहा है। सातवें मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट में निजी क्षेत्र से 3,729 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले, जबकि तीन दिवसीय आयोजन में 10,263 व्यावसायिक बैठकें हुईं। 34 देशों के 100 से अधिक विदेशी टूर ऑपरेटरों, 15 राज्यों के 180 घरेलू ऑपरेटरों और पर्यटन क्षेत्र के 600 से अधिक हितधारकों की भागीदारी ने प्रदेश के पर्यटन कारोबार को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने का मंच दिया।
निवेश से होटल, रिसॉर्ट और वन्यजीव पर्यटन को बढ़ावा
भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे अंतरराष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर में आयोजित ट्रैवल मार्ट में लक्जरी होटल, वेलनेस रिसॉर्ट, गोल्फ कोर्स, जलाशयों के किनारे पर्यटन केंद्र और वन्यजीव लॉज विकसित करने के प्रस्ताव सामने आए। इनसे प्रमुख पर्यटन स्थलों के साथ दूरस्थ क्षेत्रों में भी सुविधाएं बढ़ने और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
सीहोर जिले के रामगढ़ में ए.आर.एम. फूड्स प्राइवेट लिमिटेड ने 848.40 करोड़ रुपये के निवेश का समझौता किया। प्रस्तावित परियोजना में अंतरराष्ट्रीय स्तर का गोल्फ कोर्स, विला, वेलनेस रिसॉर्ट और लक्जरी होटल विकसित किए जाएंगे। इससे 920 से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलने का अनुमान है।
बांधवगढ़, सतपुड़ा और कान्हा में 520 करोड़ का निवेश
राजसन होटल्स प्राइवेट लिमिटेड ने बांधवगढ़, सतपुड़ा और कान्हा टाइगर रिजर्व के आसपास वन्यजीव रिसॉर्ट विकसित करने के लिए 520 करोड़ रुपये के निवेश का समझौता किया। परियोजना से लगभग 375 प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है।
अन्य प्रस्तावों में एटमॉस्फियर ग्रुप के 500 करोड़ रुपये, रेनी ग्रुप के मांडू स्थित लुनेरा सराय को 130 करोड़ रुपये में होटल के रूप में विकसित करने और खजुराहो के कुटनी बांध पर रिसॉर्ट सहित 290 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव शामिल हैं। सर्व ग्रुप ने मढ़ई में ‘ताज सफारीज’ के साथ 100 करोड़ रुपये के अल्ट्रा-लक्जरी रिसॉर्ट सहित कुल 300 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव रखा। ओंकारेश्वर में 200 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे रमाडा रिसॉर्ट को सिंहस्थ-2028 से पहले पूरा करने की योजना भी बताई गई।
ओरछा और पन्ना की धरोहरों को मिलेगा नया स्वरूप
ओरछा में 50 करोड़ रुपये के रिसॉर्ट और पन्ना के ऐतिहासिक लक्ष्मीपुर पैलेस में 10 करोड़ रुपये के हेरिटेज होटल के लिए लेटर ऑफ अवॉर्ड जारी किए गए। ओरछा की धरोहरों के संरक्षण, पर्यटक वाहन चालकों के प्रशिक्षण और टेकनपुर बीएसएफ अकादमी में सैन्य पर्यटन के विकास के लिए भी समझौते किए गए। ओरछा, बैतूल, नीमच, मंदसौर, रायसेन और सागर सहित विभिन्न क्षेत्रों में रिसॉर्ट, वेलनेस और ईको-टूरिज्म परियोजनाओं को बढ़ावा देने की पहल हुई। प्रमुख मार्गों पर पर्यटक सुविधा केंद्र विकसित करने की योजना भी सामने आई।
10,263 व्यावसायिक बैठकें, पिछले साल से 14 प्रतिशत अधिक
इस वर्ष ट्रैवल मार्ट में 10,263 बिजनेस-टू-बिजनेस (बी2बी) बैठकें हुईं, जो 2025 में हुई लगभग 9,000 बैठकों से 14 प्रतिशत अधिक हैं। विदेशी प्रतिनिधियों की संख्या 90 से बढ़कर 100 से अधिक और घरेलू टूर ऑपरेटरों की भागीदारी 150 से बढ़कर 180 हुई। इस बार सात नए देशों के प्रतिनिधि भी शामिल हुए। प्रदर्शनी में पर्यटन, आतिथ्य, ट्रैवल सेवाओं, साहसिक गतिविधियों, हस्तशिल्प और ग्रामीण होमस्टे से जुड़े 177 स्टॉल लगाए गए।
डिजिटल प्रचार से ग्रामीण पर्यटन तक नई पहल
पर्यटन बोर्ड ने अपनी वेबसाइट का हिंदी और अंग्रेजी के साथ जर्मन, स्पेनिश, फ्रेंच तथा जापानी भाषाओं में विस्तार किया। 100 प्रमुख पर्यटन स्थलों पर 1,000 क्यूआर कोड बोर्ड और कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित बहुभाषी पर्यटक सहायता विकसित करने के लिए भी समझौता किया गया। ‘ग्राम स्टे’ के साथ करार कर ग्रामीण होमस्टे को अंतरराष्ट्रीय ऑनलाइन बुकिंग मंचों से जोड़ने की पहल हुई, ताकि स्थानीय परिवारों को पर्यटन से सीधे आय मिल सके।
फिल्म पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए ‘द वायरल फीवर’ और केआरएआरके फैमिली ऑफिस के साथ समझौते किए गए। साहसिक पर्यटन में सुरक्षा मानकों, संचालन प्रक्रियाओं और स्थानीय गाइडों के प्रमाणन के लिए एडवेंचर टूर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया तथा मोटरस्पोर्ट्स और ऑटो-पर्यटन के विकास के लिए नैट्रैक्स के साथ भी करार हुआ।
वन्यजीव संरक्षण और स्थानीय रोजगार पर जोर
केंद्रीय पर्यटन सचिव भुवनेश कुमार ने कहा कि वन्यजीव पर्यटन की सफलता प्रकृति संरक्षण और स्थानीय समुदायों को मिलने वाले लाभ से तय होनी चाहिए। चर्चा में कूनो में चीता संरक्षण, चंबल में डॉल्फिन और गिद्ध संरक्षण तथा स्थानीय गाइडों के प्रशिक्षण पर जोर दिया गया। पर्यटन सचिव एवं मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड के प्रबंध संचालक डॉ. इलैया राजा टी. ने संरक्षण आधारित पर्यटन मॉडल के प्रति प्रतिबद्धता दोहराई।
‘माइस एवं क्रिएटिव इकोनॉमी’ सत्र में बताया गया कि देश का बैठक, प्रोत्साहन यात्रा, सम्मेलन और प्रदर्शनी (एमआईसीई) बाजार लगभग 37,576 करोड़ रुपये का है। इंदौर और भोपाल को बड़े राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय आयोजनों के केंद्र के रूप में विकसित करने तथा ओरछा, खजुराहो, महेश्वर और मांडू में गंतव्य विवाह पर्यटन की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई। वर्ष 2027 को ‘एडवेंचर ईयर’ के रूप में मनाने का प्रस्ताव रखा गया।
पिछले दशक में 3,963 करोड़ का निवेश, आगे 15 नए पंचतारा होटल
पर्यटन क्षेत्र में पिछले 10 वर्षों के दौरान 91 सरकारी भूमि खंड और 12 धरोहर संपत्तियां पट्टे पर देकर 3,963 करोड़ रुपये का निजी निवेश आकर्षित किया गया। इससे 9,608 नए कमरे जुड़े और 38,432 रोजगार सृजित हुए। प्रदेश में फिलहाल 18 पंचतारा होटल संचालित हैं और 2027 तक 15 नए पंचतारा होटल विकसित करने का लक्ष्य है।
ट्रैवल मार्ट में डिजिटल यात्रा पुस्तिका, 360-डिग्री दृश्य, आभासी वास्तविकता और कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित ‘मोगली’ पर्यटक सहायक भी प्रस्तुत किए गए। आयोजन को एकल-उपयोग प्लास्टिक मुक्त और अधिकतम कागज-रहित रखने, इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग तथा स्थानीय व्यंजनों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के जरिए मध्यप्रदेश की पहचान को बढ़ावा देने पर भी ध्यान दिया गया।

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