पूर्वोत्तर की रसोई से संस्कृति और अर्थव्यवस्था तक: ‘द एनचैंटिंग 8’ का ट्रेलर जारी

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  • Sep 29, 2026
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ज्योतिरादित्य सिंधिया ने जारी किया वृत्तचित्र श्रृंखला का ट्रेलर, आठों राज्यों की पाक परंपराओं और स्थानीय समुदायों की कहानियां होंगी केंद्र में

 

खेत से रसोई और भोजन की मेज तक पहुंचेगा स्थानीय व्यंजनों का सफर, स्वदेशी ज्ञान और सामुदायिक परंपराओं को भी मिलेगी जगह

नई दिल्ली, 29 सितंबर 2026। पूर्वोत्तर भारत की विविध पाक परंपराओं, सांस्कृतिक विरासत और स्थानीय समुदायों की कहानियों को देश-दुनिया के सामने लाने की पहल के तहत केंद्रीय पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास एवं संचार मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने मंगलवार को नई दिल्ली में वृत्तचित्र श्रृंखला ‘द एनचैंटिंग 8: ए कलिनरी जर्नी थ्रू द नॉर्थईस्ट’ का ट्रेलर जारी किया। यह श्रृंखला पूर्वोत्तर के सभी आठ राज्यों की रसोई, समुदायों, परंपराओं और लोगों के माध्यम से इस क्षेत्र की विशिष्ट पहचान को सामने लाएगी।

कार्यक्रम का आयोजन पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय (एमडीओएनईआर) ने किया। इस अवसर पर मंत्रालय के राज्य मंत्री डॉ. सुकांता मजूमदार, मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी और निर्माण दल के सदस्य उपस्थित रहे।

भोजन के जरिए पूर्वोत्तर की पहचान से रूबरू होंगे दर्शक

यह वृत्तचित्र श्रृंखला पूर्वोत्तर भारत के आठों राज्यों की समृद्ध पाक परंपराओं, विविध समुदायों और जीवंत सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय स्तर पर प्रमुखता देने की पहल है। श्रृंखला दर्शकों को भोजन के माध्यम से पूर्वोत्तर की यात्रा कराएगी और स्थानीय व्यंजनों, लोगों तथा समुदायों के जरिए क्षेत्र की विविधता को समझने का अवसर देगी।

श्रृंखला में स्थानीय रूप से उपलब्ध संसाधनों पर आधारित पाक परंपराओं को रोचक तथ्यों के साथ प्रस्तुत किया गया है। इसमें भोजन को केवल व्यंजन के रूप में नहीं, बल्कि उससे जुड़े लोगों, कहानियों, परंपराओं और स्थानीय ज्ञान के साथ देखा गया है।

खेत से रसोई और मेज तक की कहानी

वृत्तचित्र के निर्माण के दौरान स्थानीय समुदायों और खाद्य उत्पादकों के साथ संवाद किया गया। इसमें स्थानीय सामग्रियों के उद्गम स्थल से लेकर रसोई और फिर भोजन की मेज तक के सफर को दर्ज किया गया है।

इन मुलाकातों के जरिए दर्शकों को यह जानने का अवसर मिलेगा कि स्थानीय सामग्री किस तरह भोजन का हिस्सा बनती है और उसके साथ पीढ़ियों से चली आ रही कौन-कौन सी परंपराएं और कहानियां जुड़ी हैं।

स्थानीय आवाजें खुद आगे बढ़ाएंगी कहानी

‘द एनचैंटिंग 8’ में पूर्वोत्तर को किसी एक व्यंजन शैली या एकरूप पहचान में सीमित करने के बजाय क्षेत्र के विविध समुदायों और विशिष्ट भौगोलिक परिस्थितियों को केंद्र में रखा गया है। स्थानीय सामग्रियों, स्वदेशी ज्ञान और भोजन से जुड़ी दैनिक जीवन की परंपराओं को स्थानीय लोगों की आवाजों के माध्यम से प्रस्तुत किया गया है।

इस तरह श्रृंखला में कहानी कहने का मॉडल जमीनी स्तर से कहानी कहने पर आधारित है, जिसमें स्थानीय भोजन, किसान, खाद्य उत्पादक और सामुदायिक परंपराएं क्षेत्र की पहचान को सामने लाने में प्रमुख भूमिका निभाती हैं।

भोजन के साथ कला, संस्कृति और प्रकृति की झलक

हालांकि भोजन श्रृंखला का मुख्य केंद्र है, लेकिन इसके माध्यम से दर्शकों को पूर्वोत्तर की कला, संस्कृति और प्राकृतिक दृश्यों से भी परिचित कराया जाएगा। इन सभी पहलुओं को उस व्यापक सामाजिक और भौगोलिक परिवेश के हिस्से के रूप में प्रस्तुत किया गया है, जिसमें क्षेत्र की पाक परंपराओं का विकास हुआ है।

भोजन को कहानी का केंद्र बनाकर श्रृंखला पूर्वोत्तर भारत की सांस्कृतिक विविधता की झलक प्रस्तुत करती है और दर्शकों को यहां की रसोई, स्थानीय सामग्री तथा खान-पान की परंपराओं के माध्यम से क्षेत्र से जोड़ने का प्रयास करती है।

एमडीओएनईआर और पूर्वोत्तर परिषद की पहल

‘द एनचैंटिंग 8’ को पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय (एमडीओएनईआर) और पूर्वोत्तर परिषद (एनईसी) के सहयोग से शुरू किया गया है। इसका कार्यान्वयन पूर्वोत्तर क्षेत्र सामुदायिक संसाधन प्रबंधन समिति (एनईआरसीआरएमएस) के माध्यम से किया गया है।

श्रृंखला का निर्माण अर्बन मीडिया प्रोडक्शंस ने फिलांडरिंग फोर्कर मीडिया के सहयोग से किया है। यह एमडीओएनईआर की पूर्वोत्तर को व्यापक दर्शकों तक पहुंचाने की महत्वपूर्ण सांस्कृतिक प्रचार पहल है, जिसमें क्षेत्र के लोगों के अनुभवों और प्रामाणिक स्थानीय कहानियों को प्रमुखता दी गई है।

‘द एनचैंटिंग 8’ की शुरुआत पूर्वोत्तर भारत की समृद्ध पाक कला को व्यापक दर्शकों तक पहुंचाने वाली वृत्तचित्र यात्रा के रूप में हुई है। यह पहल भोजन के माध्यम से पूर्वोत्तर की सांस्कृतिक विविधता, स्थानीय ज्ञान, सामुदायिक परंपराओं और आर्थिक संभावनाओं को सामने लाने का प्रयास है।

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