साइबर और फोरेंसिक क्षेत्र में शिक्षा, प्रशिक्षण और अनुसंधान गतिविधियों का विस्तार आवश्यक : सीएम मोहन

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  • Sep 22, 2026
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राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय और राज्य शासन के बीच एमओयू, आरजीपीवी के साथ रिलेशनशिप एग्रीमेंट; भोपाल परिसर में साइबर सिक्योरिटी और डिजिटल फॉरेंसिक की पढ़ाई

 

भोपाल। डिजिटल तकनीक के तेजी से बढ़ते इस्तेमाल के साथ साइबर अपराध और डिजिटल चुनौतियां भी लगातार बढ़ रही हैं। ऐसे में साइबर सुरक्षा के लिए प्रशिक्षित और दक्ष मानव संसाधन तैयार करना समय की जरूरत है। मध्यप्रदेश ने इस दिशा में कदम बढ़ाते हुए राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय, गांधीनगर के साथ एमओयू किया है। इसके तहत प्रदेश के पुलिस और जेल मुख्यालय के अधिकारियों-कर्मचारियों को साइबर एवं डिजिटल फॉरेंसिक के क्षेत्र में प्रशिक्षण और कौशल विकास का अवसर मिलेगा। प्रशिक्षण कार्यक्रम जल्द शुरू किए जाएंगे।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को मंत्रालय में राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय, गांधीनगर और राज्य शासन के बीच एमओयू तथा राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय और राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, भोपाल के बीच रिलेशनशिप एग्रीमेंट के आदान-प्रदान कार्यक्रम में कहा कि डिजिटल प्रणालियों का उपयोग जिस तेजी से बढ़ रहा है, उसी गति से इस क्षेत्र की चुनौतियां भी बढ़ रही हैं। डिजिटल और साइबर क्षेत्र की व्यवस्थाओं में समाजहित और जनकल्याण सुनिश्चित करने के लिए सतर्कता के साथ शिक्षा, प्रशिक्षण और अनुसंधान का विस्तार आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय, गांधीनगर की स्थापना इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। विश्वविद्यालय और राज्य शासन के बीच हुआ एमओयू तथा राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय और आरजीपीवी के बीच हुआ रिलेशनशिप एग्रीमेंट प्रदेश में साइबर सुरक्षा के प्रति सतर्कता बढ़ाने के साथ डिजिटल फॉरेंसिक के क्षेत्र में दक्षता के विस्तार में मदद करेगा। कार्यक्रम में उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार विशेष रूप से उपस्थित रहे।

पुलिस और जेल विभाग के अमले का होगा कौशल विकास

राज्य शासन और राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय के बीच हुआ एमओयू प्रदेश के जेल मुख्यालय और पुलिस मुख्यालय के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के प्रशिक्षण तथा कौशल विकास के लिए किया गया है। इसके तहत प्रशिक्षण कार्यक्रम शीघ्र प्रारंभ किए जाएंगे। प्रशिक्षण से साइबर सुरक्षा और डिजिटल फॉरेंसिक से जुड़ी तकनीकी क्षमताओं को मजबूत करने में मदद मिलेगी।

राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय के भोपाल परिसर के सुचारू संचालन और समन्वय के लिए राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय, गांधीनगर तथा राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, भोपाल के बीच रिलेशनशिप एग्रीमेंट भी किया गया। मंत्रालय में आयोजित कार्यक्रम में आयुक्त तकनीकी शिक्षा अवधेश शर्मा, राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय भोपाल के निदेशक राकेश कुनवर और आरजीपीवी के कुलपति आलोक शर्मा उपस्थित रहे।

सात राज्यों में क्षेत्रीय परिसर, 40 हजार कर्मियों को प्रशिक्षण

राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय, गांधीनगर की स्थापना भारत सरकार के गृह मंत्रालय ने 28 सितंबर 2020 को की थी। विश्वविद्यालय का उद्देश्य देश में रक्षा क्षेत्र में शिक्षा, प्रशिक्षण, अनुसंधान, विस्तार और सेवाएं प्रदान करना है। विश्वविद्यालय के देश के सात राज्यों में क्षेत्रीय परिसर स्थापित किए जा चुके हैं। अब तक लगभग 40 हजार कर्मियों को प्रशिक्षित किया जा चुका है।

10 एकड़ में विकसित होगा भोपाल का स्थायी परिसर

मध्यप्रदेश में राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय, गांधीनगर का परिसर स्थापित करने का निर्णय मंत्रि-परिषद की 1 जुलाई 2025 को हुई बैठक में लिया गया था। इसका स्थायी परिसर राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, भोपाल परिसर में उपलब्ध भूमि में से 10 एकड़ क्षेत्र में विकसित किया जाएगा।

वर्तमान में आरजीपीवी ने राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय को अस्थायी भवन उपलब्ध कराया है। इसी अस्थायी परिसर में राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय ने 22 सितंबर 2025 को एक स्नातक और एक स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम के साथ कार्य शुरू किया था। वर्तमान में यहां 84 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं।

साइबर सिक्योरिटी में बीटेक, डिजिटल फॉरेंसिक और साइबर सिक्योरिटी में एमएससी

भोपाल परिसर में फिलहाल साइबर सिक्योरिटी में बीटेक तथा डिजिटल फॉरेंसिक और साइबर सिक्योरिटी में एमएससी पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। इससे प्रदेश में साइबर सुरक्षा और डिजिटल फॉरेंसिक के क्षेत्र में विशेषज्ञता विकसित करने के साथ प्रशिक्षण और अनुसंधान गतिविधियों को भी विस्तार मिलेगा।

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