विकसित गांवों की मजबूत नींव पर जोर, शिवराज ने कहा- जी राम जी योजना में फर्जीवाड़े की कोई गुंजाइश नहीं

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  • Sep 17, 2026
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प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन पर पूसा परिसर में सरपंचों के साथ पौधरोपण; राष्ट्रीय कार्यशाला में बोले ग्रामीण विकास मंत्री—रैंडम जांच कर गड़बड़ी पर शुरुआत में ही करें सख्त कार्रवाई

नई दिल्ली, 17 सितंबर 2026। विकसित भारत का लक्ष्य हासिल करने के लिए गांवों का विकास जरूरी है और ग्रामीण रोजगार योजनाओं का उद्देश्य केवल मजदूरों को काम देना नहीं, बल्कि ऐसी स्थायी परिसंपत्तियां तैयार करना होना चाहिए जो लंबे समय तक गांवों के काम आएं। केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विकसित भारत–जी राम जी योजना की राष्ट्रीय कार्यशाला में योजना के क्रियान्वयन में पारदर्शिता, तकनीक के इस्तेमाल और प्रभावी निगरानी पर जोर दिया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर शिवराज सिंह चौहान ने नई दिल्ली के पूसा परिसर में सरपंचों और विभागीय अधिकारियों के साथ पौधरोपण किया। इसके बाद उन्होंने विकसित भारत–जी राम जी योजना पर आयोजित राष्ट्रीय कार्यशाला को संबोधित किया। इसमें पंचायती राज संस्थाओं के निर्वाचित प्रतिनिधियों, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के आयुक्तों, वरिष्ठ अधिकारियों तथा अन्य प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।

फर्जीवाड़े पर सख्त कार्रवाई का संदेश

कार्यशाला में शिवराज सिंह चौहान ने स्पष्ट किया कि योजना में किसी भी तरह की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के अधिकारियों से कहा कि योजना के तहत चल रहे कार्यों की रैंडम जांच कराई जाए। जहां काम निर्धारित मानकों और प्रक्रियाओं के अनुरूप हो रहे हैं, वहां संबंधित लोगों का अभिनंदन किया जाए, लेकिन गड़बड़ी सामने आने पर शुरुआत में ही सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि योजना को शुरू हुए अभी दो महीने हुए हैं और तीसरा महीना चल रहा है। इसलिए शुरुआत से ही निगरानी की मजबूत व्यवस्था जरूरी है, ताकि अनियमितताओं को जड़ जमाने का अवसर न मिले।

भरा तालाब, फिर भी काम तो जांच का विषय

शिवराज सिंह चौहान ने अधिकारियों को मैदानी स्तर पर कामों की वास्तविकता जांचने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यदि किसी गांव में तालाब पहले से भरा हुआ है और फिर भी वहां मजदूरों से काम कराया जा रहा है, तो यह चिंता का विषय है। ऐसे मामलों की जांच कर यह सुनिश्चित किया जाए कि योजना का पैसा और श्रम वास्तविक जरूरत वाले कार्यों पर ही खर्च हो।

उन्होंने कहा कि विकसित भारत–जी राम जी योजना में मनरेगा में सामने आई गड़बड़ियों की पुनरावृत्ति नहीं होने दी जाएगी।

तकनीक से पारदर्शिता पर जोर

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि योजना में तकनीक का इस्तेमाल इस उद्देश्य से किया गया है कि कार्यों की निगरानी प्रभावी हो और फर्जीवाड़े की कोई गुंजाइश न रहे। मजदूरों की उपस्थिति फेस प्रमाणीकरण के माध्यम से अनिवार्य की गई है। उन्होंने अधिकारियों से तकनीकी व्यवस्था को प्रभावी ढंग से लागू करने और किसी भी स्तर पर सेंध की गुंजाइश नहीं छोड़ने को कहा।

उन्होंने कहा कि शिकायत सामने आने पर उसकी गंभीरता से जांच की जानी चाहिए और योजना के क्रियान्वयन में किसी भी स्तर पर अनियमितता को जगह नहीं मिलनी चाहिए।

मजदूरों को समय पर काम और मजदूरी मिले

शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि योजना का प्रमुख उद्देश्य मजदूरों को काम उपलब्ध कराना है। मजदूरों को पर्याप्त काम मिले और वे एक घंटे भी बिना काम के न रहें, यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए। साथ ही मजदूरी का भुगतान भी समय पर हो।

उन्होंने अधिकारियों को नियमों के तहत अनुमत कार्यों को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार कराने के निर्देश दिए। जिला स्तर पर 60 प्रतिशत राशि मजदूरी और 40 प्रतिशत सामग्री पर खर्च किए जाने के निर्धारित अनुपात का पालन करने पर भी जोर दिया।

रोजगार के साथ स्थायी परिसंपत्तियों का निर्माण

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि विकसित भारत–जी राम जी योजना का मतलब केवल मिट्टी खोदकर दूसरी जगह डालना नहीं है। योजना के तहत ऐसे कार्यों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए, जिनसे गांवों में स्थायी और उपयोगी परिसंपत्तियां तैयार हों।

उन्होंने कहा कि विकसित भारत के लिए विकसित गांव जरूरी हैं। योजना के माध्यम से रोजगार उपलब्ध कराने के साथ ऐसी परिसंपत्तियों का निर्माण होना चाहिए, जो लंबे समय तक ग्रामीणों के काम आएं, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करें और गांवों को आत्मनिर्भर बनाने में मदद करें।

उन्होंने कहा कि योजना की सफलता तभी सुनिश्चित होगी, जब मजदूरों को पर्याप्त काम मिले, कार्यों में पारदर्शिता बनी रहे, फर्जीवाड़े पर अंकुश हो और इसके माध्यम से विकसित गांवों का निर्माण भी सुनिश्चित किया जाए।

प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर पौधरोपण

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन का उल्लेख करते हुए शिवराज सिंह चौहान ने उन्हें शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के जीवन का मूल मंत्र राष्ट्रसेवा रहा है। गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में जिम्मेदारी संभालने से लेकर देश के प्रधानमंत्री के रूप में नेतृत्व करने तक उनकी सार्वजनिक सेवा की यात्रा लंबी और निरंतर रही है।

उन्होंने प्रधानमंत्री के दीर्घायु और स्वस्थ जीवन की कामना करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में नए भारत की परिकल्पना आकार ले रही है—ऐसा भारत जो वैभवशाली, गौरवशाली, संपन्न, समृद्ध, शक्तिशाली, आत्मनिर्भर और विकसित हो।

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