नई NCERT किताबों के साथ बदलेगी कक्षा 6 से 8 तक की पढ़ाई, शिक्षकों को मिलेगा विशेष प्रशिक्षण 28 सितंबर से राज्य स्तरीय विषय विशेषज्ञों का 4 दिवसीय उन्मुखीकरण, गतिविधि आधारित शिक्षण और AI समेत नए विषयों पर रहेगा फोकस

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  • Sep 25, 2026
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भोपाल | 25 सितंबर 2026

मध्यप्रदेश में कक्षा 6वीं से 8वीं तक के विद्यार्थियों की शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया को नई दिशा देने की तैयारी शुरू हो गई है। नई NCERT पाठ्य पुस्तकों और राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा-2023 की अनुशंसाओं के अनुरूप गणित, विज्ञान और सामाजिक विज्ञान पढ़ाने वाले माध्यमिक शिक्षकों को चरणबद्ध तरीके से प्रशिक्षण दिया जाएगा।

राज्य शिक्षा केंद्र के संचालक हरजिंदर सिंह के अनुसार प्रशिक्षण श्रृंखला का पहला चरण 28 सितंबर से 1 अक्टूबर 2026 तक आयोजित होगा। इसमें चयनित एसआरजी (राज्य संसाधन समूह) विषय विशेषज्ञों का चार दिवसीय राज्य स्तरीय उन्मुखीकरण कार्यक्रम होगा।

तीन चरणों में होगा शिक्षकों का प्रशिक्षण

प्रशिक्षण कार्यक्रम को तीन चरणों में संचालित किया जाएगा। पहले चरण में राज्य स्तर पर चयनित एसआरजी विषय विशेषज्ञों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।

इसके बाद 5 अक्टूबर से 6 नवंबर तक राज्य से चयनित मास्टर ट्रेनर्स का पांच दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण संभागीय मुख्यालयों की डाइट में आयोजित होगा।

तीसरे चरण में 12 अक्टूबर से 20 नवंबर तक ब्लॉक स्तर पर कक्षा 6वीं से 8वीं तक गणित, विज्ञान और सामाजिक विज्ञान पढ़ाने वाले सभी माध्यमिक शिक्षकों का प्रशिक्षण आयोजित किया जाएगा।

नई किताबों की नई एप्रोच पर रहेगा जोर

राज्य स्तरीय उन्मुखीकरण कार्यक्रम में कक्षा 7 की नई पाठ्य पुस्तकों में अपनाई गई नई एप्रोच, गतिविधि आधारित शिक्षण और राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा-2023 के अनुरूप प्रभावी शिक्षण पद्धतियों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

एसआरजी को इस तरह तैयार किया जाएगा कि वे आगे मास्टर ट्रेनर्स और शिक्षकों को नई पाठ्य पुस्तकों की अवधारणा तथा शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया को प्रभावी तरीके से समझा सकें।

AI और मानसिक स्वास्थ्य जैसे विषय भी प्रशिक्षण में शामिल

चार दिवसीय प्रशिक्षण में केवल विषय आधारित पढ़ाई ही नहीं, बल्कि शिक्षकों के व्यावसायिक विकास से जुड़े कई नए विषय भी शामिल किए गए हैं।

इनमें जॉयफुल लर्निंग, मानसिक स्वास्थ्य, नैतिकता एवं मूल्य, आईजीओटी पोर्टल-केकेके, कौशल बोध और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) प्रमुख हैं।

प्रशिक्षण के दौरान शिक्षण-अधिगम सामग्री यानी TLM तैयार करने की गतिविधि भी कराई जाएगी। इसका उद्देश्य कक्षा में कठिन अवधारणाओं को विद्यार्थियों तक अधिक प्रभावी और रोचक तरीके से पहुंचाना है।

राज्य शिक्षा केंद्र के विशेषज्ञ देंगे प्रशिक्षण

एसआरजी के राज्य स्तरीय उन्मुखीकरण कार्यक्रम में राज्य शिक्षा केंद्र के विषय विशेषज्ञ प्रशिक्षण देंगे। प्रशिक्षण कार्यक्रम में पीपल संस्था सहयोगी भूमिका निभाएगी।

प्रशिक्षण की पूरी श्रृंखला के माध्यम से नई NCERT पाठ्य पुस्तकों और राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा-2023 के अनुरूप शिक्षण पद्धति को राज्य के विद्यालयों तक पहुंचाने पर जोर रहेगा।

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