डिजिटल क्रॉप सर्वे का शेष कार्य 10 नवंबर तक पूरा करें : मुख्य सचिव

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  • Oct 10, 2026
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राज्य में अब तक 93.84 प्रतिशत सर्वे पूरा, डेटा की गुणवत्ता और फसलों के भौतिक सत्यापन पर जोर

रायपुर, 10 अक्टूबर 2026। छत्तीसगढ़ में डिजिटल क्रॉप सर्वे का शेष कार्य हर हाल में 10 नवंबर तक पूरा किया जाएगा। मुख्य सचिव विकासशील ने मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित समीक्षा बैठक में सभी जिलों के कलेक्टरों को इस संबंध में आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने सर्वे की नियमित मॉनिटरिंग, त्रुटियों में सुधार और डेटा के क्रॉस वेरिफिकेशन पर विशेष जोर देते हुए कहा कि सर्वे में प्रत्येक खसरे में बोई गई फसल का विवरण वास्तविक स्थिति के आधार पर दर्ज किया जाना चाहिए।

मुख्य सचिव की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में सभी जिलों के कलेक्टर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए। बैठक में डिजिटल क्रॉप सर्वे (डीसीएस) की प्रगति, खसरों की जियो-रेफरेंसिंग, पॉलीगॉन निर्माण, फसलों की वास्तविक स्थिति के सत्यापन और सर्वे डेटा की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के संबंध में विस्तार से चर्चा की गई।

राजस्व सचिव शम्मी आबिदी ने बताया कि प्रदेश में अब तक 93.84 प्रतिशत डिजिटल क्रॉप सर्वे का कार्य पूरा हो चुका है। शेष कार्य को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के निर्देश देते हुए मुख्य सचिव ने कहा कि फसल का भौतिक सत्यापन, जियो-टैगिंग, पॉलीगॉन निर्माण तथा संबंधित जानकारी को डिजिटल क्रॉप सर्वे में दर्ज कर अपलोड करना सुनिश्चित किया जाए।

ग्रामवार लक्ष्य तय कर तेजी से पूरा करें सर्वे

मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि जिन खसरों के नक्शे उपलब्ध नहीं हैं अथवा जिनकी जियो-रेफरेंसिंग नहीं हुई है, उनकी पहचान कर पॉलीगॉन तैयार किए जाएं। इसके बाद संबंधित खेतों में बोई गई धान अथवा अन्य फसलों की वास्तविक स्थिति दर्ज कर जानकारी अपलोड की जाए। इसके लिए जिलों में उपलब्ध ग्रामवार डेटा का उपयोग करने और आवश्यकता के अनुसार पिछले वर्ष के फसल संबंधी रिकॉर्ड का संदर्भ लेने को कहा गया।

उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में सर्वे का कार्य 90 प्रतिशत या उससे अधिक पूरा हो चुका है, वहां शेष कार्यों को तेजी से पूरा करने के लिए ग्रामवार लक्ष्य निर्धारित किए जाएं। सर्वेयर, पटवारी और राजस्व विभाग के अन्य मैदानी अमले को सक्रिय करते हुए नियमित समीक्षा की जाए।

मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि डिजिटल क्रॉप सर्वे केवल औपचारिकता नहीं है। इसका उद्देश्य प्रत्येक खसरे में बोई गई फसल और उसके क्षेत्रफल का सही विवरण दर्ज करना है। इसलिए सर्वे में वास्तविक स्थिति का सत्यापन अनिवार्य रूप से किया जाए।

ग्राम सभाओं में किसानों की समस्याओं का होगा समाधान

मुख्य सचिव ने बताया कि 1 नवंबर से ग्राम सभाओं का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने कलेक्टरों को निर्देश दिए कि ग्राम सभाओं में डिजिटल क्रॉप सर्वे से संबंधित प्रकरणों का सत्यापन कर उनका निराकरण सुनिश्चित किया जाए।

किसानों को ग्राम सभाओं की जानकारी देने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार करने पर भी जोर दिया गया, ताकि फसल संबंधी जानकारी में किसी प्रकार की त्रुटि या विसंगति होने पर किसान अपनी आपत्ति दर्ज करा सकें और सुधार के लिए आवेदन दे सकें।

उन्होंने ग्रामवार ऐसे किसानों की सूची तैयार करने के निर्देश दिए, जिनकी फसल संबंधी जानकारी का सत्यापन या सुधार किया जाना है। ग्राम सभाओं में किसानों की समस्याएं सुनकर उनका समाधान किया जाए और आवश्यक संशोधन सरकारी रिकॉर्ड में अद्यतन किए जाएं।

कलेक्टरों को ग्राम सभाओं सहित सर्वे की आगामी कार्ययोजना तैयार करने तथा सुधार के लिए प्राप्त आवेदनों और प्रकरणों की नियमित समीक्षा करने को कहा गया।

डेटा में गड़बड़ी मिलने पर होगी कार्रवाई

मुख्य सचिव ने डिजिटल क्रॉप सर्वे के डेटा की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए जिला और राज्य स्तर पर क्रॉस वेरिफिकेशन कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सर्वे में किसी भी प्रकार की त्रुटि या डेटा संबंधी गड़बड़ी सामने आने पर तत्काल सुधार किया जाए।

उन्होंने स्पष्ट किया कि संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी तथा लापरवाही पाए जाने पर नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। रिकॉर्ड अंतिम रूप से फ्रीज होने के बाद त्रुटियों को गंभीरता से लिया जाएगा, इसलिए सभी अधिकारी और कर्मचारी जिम्मेदारी के साथ काम करें।

प्रत्येक जिले में सर्वे की प्रगति के साथ उसकी गुणवत्ता की भी नियमित जांच की जाए। धान सहित सभी फसलों की वास्तविक स्थिति दर्ज करने और यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए कि कोई भी पात्र फसल क्षेत्र सर्वे से छूटने न पाए।

विशेष श्रेणी के किसानों का पंजीयन भी होगा अनिवार्य

मुख्य सचिव ने विशेष श्रेणी के किसानों का अलग से पंजीयन कर उनकी जानकारी डिजिटल क्रॉप सर्वे और एग्रीस्टैक में अपलोड करने के निर्देश दिए। इसमें वन अधिकार अधिनियम (एफआरए) के अंतर्गत आने वाले किसान, वन क्षेत्रों के गांवों से संबंधित किसान, ग्राम कोटवार और शासकीय पट्टाधारी किसानों को शामिल करने पर जोर दिया गया।

उन्होंने निर्देश दिए कि इन श्रेणियों के किसानों का सर्वे और पंजीयन भी निर्धारित समय-सीमा में पूरा किया जाए तथा 10 नवंबर तक संबंधित रिपोर्ट अपलोड की जाए।

मुख्य सचिव ने विशेष रूप से जनजातीय जिलों और वन अधिकार अधिनियम वाले क्षेत्रों में कार्यों की नियमित निगरानी करने को कहा। उन्होंने यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि सभी पात्र किसानों का पंजीयन हो और उनकी फसल संबंधी जानकारी सही तरीके से दर्ज की जाए।

उन्होंने कहा कि डिजिटल क्रॉप सर्वे की सफलता के लिए सही डेटा, पारदर्शिता और जवाबदेही आवश्यक है। सर्वे वास्तविक स्थिति के आधार पर पूरा होना चाहिए और किसानों को अपनी समस्याएं प्रस्तुत करने तथा रिकॉर्ड में सुधार कराने का अवसर मिलना चाहिए।

जल जीवन मिशन के कार्यों की समीक्षा के भी निर्देश

बैठक में मुख्य सचिव ने कलेक्टरों को जल जीवन मिशन के कार्यों की भी समीक्षा करने और उनकी प्रगति पर आवश्यक ध्यान देने के निर्देश दिए।

बैठक में खाद्य, नागरिक आपूर्ति विभाग की सचिव रीना बाबा साहेब कंगाले, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की सचिव शम्मी आबिदी, संचालक भू-अभिलेख विनीत नंदनवार, खाद्य, नागरिक आपूर्ति विभाग की संचालक फरिया आलम सिद्दीकी सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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